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घरों में अदा की गई ईद की नमाज
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घर में ईद पर गले मिलते बच्चे।
- फोटो : BASTI
घरों में अदा की गई ईद की नमाज
बस्ती। कोरोना के चलते इस बाद ईद की नमाज घरों में ही अदा की। मुल्क की सलामती व कोरोना महामारी से निजात की दुआ मांगी गई। ईदगाह सूने दिखे, वाट्सएप व मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
नगर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बिरऊपुर, टेमा, पोखरा बाजार, गोटवा, पोखरनी, मदारपुर, दयालपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदें व ईदगाह सूनी रहीं। लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की। जामा मस्जिद के इमाम हाफिज नूर आलम ने बताया कि लोगों को पहले ही घरों पर ही नमाज अदा के लिए कह दिया गया था। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बैरागल, सैनिया, सेमरा, खुशहालगंज, रानीपुरलाद, निदूरी आदि स्थानों पर लॉकडाउन के चलते ईदगाह सूने रहे। गुलौरी बुर्जुग गांव निवासी व मदरसा निजामिया अजिजुल उलूम खुशहालगंज के प्रधानाचार्य मौलाना मोहम्मद अकरम ने बताया की लोग ईद की नमाज सिर्फ ईदगाह में सफ के साथ पढ़ी जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते लोगों ने अपने घरों में नमाज आदा की।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के पंखोबारी, बनकटी, खोरिया बानपुर, अहिरौली, बरोहिया, बजहां बाघापार, मुरादपुर नेवारी, मथौली डेल्हापार आदि गांवों में भी ईद की नमाज लोगों ने घरों में ही अदा की। अतहर हुसेन शाही, अलिहुशेन ने बताया कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए समाज के सदस्यों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था कि ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा न कर सभी सदस्य घर पर ही नमाज पढ़ें। मेराज अहमद ने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब ईद में सामूहिक नमाज नहीं हो पाई। सोविन ने कहा कि कोरोना के चलते इस प्रमुख त्योहार के पहले बाजार में भी रौनक नहीं दिखी। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कानून का पालन करते हुए शांति पूर्ण ढंग से लोगों ने त्योहार मनाया। हर मस्जिदों पर पुलिस तैनात कर दिया गया था।
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बस्ती। कोरोना के चलते इस बाद ईद की नमाज घरों में ही अदा की। मुल्क की सलामती व कोरोना महामारी से निजात की दुआ मांगी गई। ईदगाह सूने दिखे, वाट्सएप व मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
नगर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बिरऊपुर, टेमा, पोखरा बाजार, गोटवा, पोखरनी, मदारपुर, दयालपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदें व ईदगाह सूनी रहीं। लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की। जामा मस्जिद के इमाम हाफिज नूर आलम ने बताया कि लोगों को पहले ही घरों पर ही नमाज अदा के लिए कह दिया गया था। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बैरागल, सैनिया, सेमरा, खुशहालगंज, रानीपुरलाद, निदूरी आदि स्थानों पर लॉकडाउन के चलते ईदगाह सूने रहे। गुलौरी बुर्जुग गांव निवासी व मदरसा निजामिया अजिजुल उलूम खुशहालगंज के प्रधानाचार्य मौलाना मोहम्मद अकरम ने बताया की लोग ईद की नमाज सिर्फ ईदगाह में सफ के साथ पढ़ी जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के चलते लोगों ने अपने घरों में नमाज आदा की।
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बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के पंखोबारी, बनकटी, खोरिया बानपुर, अहिरौली, बरोहिया, बजहां बाघापार, मुरादपुर नेवारी, मथौली डेल्हापार आदि गांवों में भी ईद की नमाज लोगों ने घरों में ही अदा की। अतहर हुसेन शाही, अलिहुशेन ने बताया कि संक्रमण के खतरे को देखते हुए समाज के सदस्यों को पहले ही निर्देशित कर दिया गया था कि ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा न कर सभी सदस्य घर पर ही नमाज पढ़ें। मेराज अहमद ने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब ईद में सामूहिक नमाज नहीं हो पाई। सोविन ने कहा कि कोरोना के चलते इस प्रमुख त्योहार के पहले बाजार में भी रौनक नहीं दिखी। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कानून का पालन करते हुए शांति पूर्ण ढंग से लोगों ने त्योहार मनाया। हर मस्जिदों पर पुलिस तैनात कर दिया गया था।
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