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आज ईद, अकीदतमंदों में उत्साह
basti
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:25 AM IST
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अलविदा की नमाज पढ़ते अकीदतमंद।
- फोटो : amar ujala
बस्ती। आखिरकार वह पल आ ही गया, जिसके इंतजार में अकीदतमंद/रोजेदार महीने भर से भूखे-प्यासे इबादत कर रहे थे। मुस्लिम धर्मावलंबियों के सबसे अहम त्योहार ईद-उल-फितर को लेकर यूं तो मुकम्मल तैयारियां हो चुकी थीं लेकिन चांद का दीदार करके अकीदतमंद जोश में तमाम खरीदारियां करने निकल पड़े।
गांधीनगर मेन मार्केट से लेकर बैंक, जीआईसी तक रात 12 बजे तक काफी गहमागहमी रही। बड़े-बूढे़ व बच्चे भी बाजार में खरीदारी करते दिखे। किसी को नई वाली टोपी पसंद आई तो कोई जूते की नाप लिए दुकानों पर घूमता रहा। सबसे ज्यादा सेवइयां, कपड़े, टोपी, जूते, आर्टिफिशियल ज्वेलरी शॉप पर खूब भीड़भाड़ रही। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किया गया है। कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, डीआईजी डॉ राकेश शंकर, डीएम डॉ राज शेखर, एसपी दिलीप कुमार के पर्यवेक्षण में एएसपी पंकज, सीओ सिटी आलोक सिंह, सीओ हर्रैया सतीश चंद्र शुक्ल, सीओ कलवारी अरविंद वर्मा, कोतवाल विजयेंद्र सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय के अलावा स्वाट टीम व क्यूआरटी की कई टीमें मुस्तैद हैं। साथ में फायर ब्रिगेड, दंगा नियंत्रण दस्ता, क्यूआरटी (त्वरित कार्य बल) की कई टोलियां भ्रमणशील रहेंगी।
जिले के बीस मस्जिदों में नमाज होगी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन व पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर होगी। पुरानी बस्ती पूरा क्षेत्र में तहसीलदार सदर, ईदगाह कड़र में नायब तहसीलदार नगर, गांधी नगर में नायब तहसीलदार सदर, ईदगाह कड़र, खैर इंटर कॉलेज, टाउन क्लब जीएन मस्जिद, निसार साहब मस्जिद बालक राम के सामने, राम प्रसाद गली छोटी मस्जिद, अजुंमन मस्जिद गांधी नगर, जामिया हनफिया रहमतगंज, दारूल उलूम एवं दरिया खां, गड़गोडिया एवं कसाईबाड़ा, जिला अस्पताल एवं कर्बला, दक्षिण दरवाजा, चिकवा टोला एवं अंजुमन पुरानी बस्ती, पंचायती मंदिर के बगल व पठान टोला, रेलवे स्टेशन मस्जिद तथा कटरा मस्जिद में क्षेत्रीय लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सभी राजस्व निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र के प्रभारी रहेंगे। वे ईद की नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में भ्रमण कर कानून व्यवस्था पर निगरानी करेंगे। नगर पालिका प्रशासन ने भी तैयारी की है। शुक्रवार को सुबह से दिन में दो बजे तक निर्बाध रूप से जलापूर्ति की जाएगी। इसके अलावा मस्जिदों व ईदगाहों के आसपास आकस्मिक लीकेज को तत्काल ठीक करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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मजिस्ट्रेट तैनात
संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर उन स्थानों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। वे सुबह से ही नमाज तक उन स्थलों पर तैनात रहेंगे। जिन स्थानों पर ईदगाह, मस्जिद के पास मंदिर स्थित है। कड़र खास, छावनी में प्रशासन की सतर्क दृष्टि है। जनपद की सीमा अयोध्या से सटे होने के कारण धार्मिक और राजनैतिक गतिविधियां और सक्रिय होती है, ऐसे में कानून एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए बस्ती शहर में दो स्थानों पर और सभी तहसील मुख्यालयों पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
अलविदा की नमाज में विवाद, फोर्स लगी
गायघाट। कलवारी थाना क्षेत्र के गायघाट कस्बे में अलविदा की नमाज अदा करने के बाद इमाम ने एक पक्ष की तारीफ कर दी। वहीं, रमजान के अंतिम दिन इमाम बदल दिए जाने से दूसरा पक्ष नाराज हो गया। इसे लेकर आपस में भिड़ गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर पुलिस को सूचना दी। सीओ व कलवारी थानाध्यक्ष पूरी फोर्स के साथ पहुंच दोनों पक्षों से वार्ता कर शांत कराए।
शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे चिश्तिया जामा मस्जिद गायघाट में अलविदा की नमाज को मौलाना मोहम्मद गुलाम यासीन ने अदा कराई। जिसके बाद मस्जिद के इमाम ने मस्जिद और मदरसा की व्यवस्था को लेकर एक पक्ष की सराहना शुरू कर दी। दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि रमजान के 29 दिन नमाज मौलाना हाफिज सरवर ने अदा कराई तो अलविदा की नमाज आप क्यों कराए। इसी बात को लेकर मस्जिद में ही बात बढ़ गई। लोग बाहर निकल आए और आपस में हाथापाई शुरू हो गई। दूसरे पक्ष के हसनैन पुत्र जहीर हसन को चोट लगी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कलवारी संजय शुक्ल व क्षेत्राधिकारी कलवारी अरविंद कुमार वर्मा घटनास्थल पहुंचे। मस्जिद के आसपास सन्नाटा पसर गया और कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। पुलिस पूरे कस्बे में घूम-घूम कर मुस्लिम समुदाय के लोगों से जानकारी ली।
एक पक्ष के डॉ. किताबुल्लाह व मौलाना ्गुलाम यासीन ने सीओ को बताया कि मौलाना गुलाम यासीन पूर्व में मदरसा के प्रिंसिपल हुआ करते थे। रमजान के महीने में पिछले 14 वर्षो से अलविदा और ईद की नमाज अदा करवाते थे। मौलाना ने मदरसा और मस्जिद में अच्छे कार्य करने को लेकर प्रबंधक डॉ. किताबुल्लाह अंसारी की तारीफ कर दी। दूसरे पक्ष के लोगों ने मौलाना को अपमानित किया। दूसरे पक्ष के मेंहदी हसन, मुनीर हसन, शब्बीर, रशीद अहमद, मंजूर हसन, सहित तमाम लोगों ने कहा कि रमजान में नमाज हाफिज मोहम्मद सरवर ने अदा कराई लेकिन हक मारने के लिए अलविदा की नमाज को डॉ किताबुल्लाह के पक्ष ने जबरन सेवामुक्त इमाम मौलाना गुलाम यासीन से अदा कराई। इसी बात पर मारपीट हुई, जिसमें हसनैन को चोट आई और हम लोगों ने मौलाना बदलने को लेकर एतराज किया। सीओ अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलते ही मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्ष से करीब 40 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया गया है। पुलिस तैनात की गई है। एसडीएम सदर श्री प्रकाश शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज घटना पर नजर रखे हैं। थानाध्यक्ष कलवारी संजय शुक्ल, एसआई योगेश सिंह, अनिल यादव, अशोक जायसवाल, सिद्धनाथ यादव, पारस नाथ सिंह सहित दर्जनों पुलिस कर्मी चप्पे चप्पे पर नजर रखे हुए हैं।
कस्बे में है तीन मस्जिद और एक ईदगाह
नमाज पढ़ने के लिए कस्बे में तीन मस्जिद और एक ईदगाह है। मूलत: सुन्नी व बरेलवी समुदाय से संबंध रखने वाले गायघाट, सहारनपुर, चरकैला, जबैडारी, गजया, पाऊ, राजपुर सहित ।दर्जनों गांव के लोग नमाज पढ़ने आते हैं। लोगों में चर्चा है कि चकिया के पलहिया निवासी डॉ. किताबुल्लाह अंसारी करीब दो दशक से कलवारी थाना क्षेत्र के गायघाट कस्बे में रहते हैं। मदरसा जामिया अरबिया मिशवा व कई मस्जिद के प्रबंधक डॉ किताबुल्लाह का शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। वर्ष 2012 के फरवरी में विवाद व मारपीट में डॉ. किताबुल्लाह के आवास से लाखों रुपये के साथ तमाम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। आज भी विवाद के सूत्रधार डॉ किताबुल्लाह व उनके दो बेटे ही हैं।
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गांधीनगर मेन मार्केट से लेकर बैंक, जीआईसी तक रात 12 बजे तक काफी गहमागहमी रही। बड़े-बूढे़ व बच्चे भी बाजार में खरीदारी करते दिखे। किसी को नई वाली टोपी पसंद आई तो कोई जूते की नाप लिए दुकानों पर घूमता रहा। सबसे ज्यादा सेवइयां, कपड़े, टोपी, जूते, आर्टिफिशियल ज्वेलरी शॉप पर खूब भीड़भाड़ रही। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध किया गया है। कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, डीआईजी डॉ राकेश शंकर, डीएम डॉ राज शेखर, एसपी दिलीप कुमार के पर्यवेक्षण में एएसपी पंकज, सीओ सिटी आलोक सिंह, सीओ हर्रैया सतीश चंद्र शुक्ल, सीओ कलवारी अरविंद वर्मा, कोतवाल विजयेंद्र सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय के अलावा स्वाट टीम व क्यूआरटी की कई टीमें मुस्तैद हैं। साथ में फायर ब्रिगेड, दंगा नियंत्रण दस्ता, क्यूआरटी (त्वरित कार्य बल) की कई टोलियां भ्रमणशील रहेंगी।
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जिले के बीस मस्जिदों में नमाज होगी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन व पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर होगी। पुरानी बस्ती पूरा क्षेत्र में तहसीलदार सदर, ईदगाह कड़र में नायब तहसीलदार नगर, गांधी नगर में नायब तहसीलदार सदर, ईदगाह कड़र, खैर इंटर कॉलेज, टाउन क्लब जीएन मस्जिद, निसार साहब मस्जिद बालक राम के सामने, राम प्रसाद गली छोटी मस्जिद, अजुंमन मस्जिद गांधी नगर, जामिया हनफिया रहमतगंज, दारूल उलूम एवं दरिया खां, गड़गोडिया एवं कसाईबाड़ा, जिला अस्पताल एवं कर्बला, दक्षिण दरवाजा, चिकवा टोला एवं अंजुमन पुरानी बस्ती, पंचायती मंदिर के बगल व पठान टोला, रेलवे स्टेशन मस्जिद तथा कटरा मस्जिद में क्षेत्रीय लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सभी राजस्व निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र के प्रभारी रहेंगे। वे ईद की नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में भ्रमण कर कानून व्यवस्था पर निगरानी करेंगे। नगर पालिका प्रशासन ने भी तैयारी की है। शुक्रवार को सुबह से दिन में दो बजे तक निर्बाध रूप से जलापूर्ति की जाएगी। इसके अलावा मस्जिदों व ईदगाहों के आसपास आकस्मिक लीकेज को तत्काल ठीक करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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मजिस्ट्रेट तैनात
संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर उन स्थानों पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। वे सुबह से ही नमाज तक उन स्थलों पर तैनात रहेंगे। जिन स्थानों पर ईदगाह, मस्जिद के पास मंदिर स्थित है। कड़र खास, छावनी में प्रशासन की सतर्क दृष्टि है। जनपद की सीमा अयोध्या से सटे होने के कारण धार्मिक और राजनैतिक गतिविधियां और सक्रिय होती है, ऐसे में कानून एवं शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए बस्ती शहर में दो स्थानों पर और सभी तहसील मुख्यालयों पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
अलविदा की नमाज में विवाद, फोर्स लगी
गायघाट। कलवारी थाना क्षेत्र के गायघाट कस्बे में अलविदा की नमाज अदा करने के बाद इमाम ने एक पक्ष की तारीफ कर दी। वहीं, रमजान के अंतिम दिन इमाम बदल दिए जाने से दूसरा पक्ष नाराज हो गया। इसे लेकर आपस में भिड़ गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर पुलिस को सूचना दी। सीओ व कलवारी थानाध्यक्ष पूरी फोर्स के साथ पहुंच दोनों पक्षों से वार्ता कर शांत कराए।
शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे चिश्तिया जामा मस्जिद गायघाट में अलविदा की नमाज को मौलाना मोहम्मद गुलाम यासीन ने अदा कराई। जिसके बाद मस्जिद के इमाम ने मस्जिद और मदरसा की व्यवस्था को लेकर एक पक्ष की सराहना शुरू कर दी। दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि रमजान के 29 दिन नमाज मौलाना हाफिज सरवर ने अदा कराई तो अलविदा की नमाज आप क्यों कराए। इसी बात को लेकर मस्जिद में ही बात बढ़ गई। लोग बाहर निकल आए और आपस में हाथापाई शुरू हो गई। दूसरे पक्ष के हसनैन पुत्र जहीर हसन को चोट लगी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कलवारी संजय शुक्ल व क्षेत्राधिकारी कलवारी अरविंद कुमार वर्मा घटनास्थल पहुंचे। मस्जिद के आसपास सन्नाटा पसर गया और कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। पुलिस पूरे कस्बे में घूम-घूम कर मुस्लिम समुदाय के लोगों से जानकारी ली।
एक पक्ष के डॉ. किताबुल्लाह व मौलाना ्गुलाम यासीन ने सीओ को बताया कि मौलाना गुलाम यासीन पूर्व में मदरसा के प्रिंसिपल हुआ करते थे। रमजान के महीने में पिछले 14 वर्षो से अलविदा और ईद की नमाज अदा करवाते थे। मौलाना ने मदरसा और मस्जिद में अच्छे कार्य करने को लेकर प्रबंधक डॉ. किताबुल्लाह अंसारी की तारीफ कर दी। दूसरे पक्ष के लोगों ने मौलाना को अपमानित किया। दूसरे पक्ष के मेंहदी हसन, मुनीर हसन, शब्बीर, रशीद अहमद, मंजूर हसन, सहित तमाम लोगों ने कहा कि रमजान में नमाज हाफिज मोहम्मद सरवर ने अदा कराई लेकिन हक मारने के लिए अलविदा की नमाज को डॉ किताबुल्लाह के पक्ष ने जबरन सेवामुक्त इमाम मौलाना गुलाम यासीन से अदा कराई। इसी बात पर मारपीट हुई, जिसमें हसनैन को चोट आई और हम लोगों ने मौलाना बदलने को लेकर एतराज किया। सीओ अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलते ही मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्ष से करीब 40 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया गया है। पुलिस तैनात की गई है। एसडीएम सदर श्री प्रकाश शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज घटना पर नजर रखे हैं। थानाध्यक्ष कलवारी संजय शुक्ल, एसआई योगेश सिंह, अनिल यादव, अशोक जायसवाल, सिद्धनाथ यादव, पारस नाथ सिंह सहित दर्जनों पुलिस कर्मी चप्पे चप्पे पर नजर रखे हुए हैं।
कस्बे में है तीन मस्जिद और एक ईदगाह
नमाज पढ़ने के लिए कस्बे में तीन मस्जिद और एक ईदगाह है। मूलत: सुन्नी व बरेलवी समुदाय से संबंध रखने वाले गायघाट, सहारनपुर, चरकैला, जबैडारी, गजया, पाऊ, राजपुर सहित ।दर्जनों गांव के लोग नमाज पढ़ने आते हैं। लोगों में चर्चा है कि चकिया के पलहिया निवासी डॉ. किताबुल्लाह अंसारी करीब दो दशक से कलवारी थाना क्षेत्र के गायघाट कस्बे में रहते हैं। मदरसा जामिया अरबिया मिशवा व कई मस्जिद के प्रबंधक डॉ किताबुल्लाह का शुरू से ही विवादों से नाता रहा है। वर्ष 2012 के फरवरी में विवाद व मारपीट में डॉ. किताबुल्लाह के आवास से लाखों रुपये के साथ तमाम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। आज भी विवाद के सूत्रधार डॉ किताबुल्लाह व उनके दो बेटे ही हैं।