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Basti News: ढहा दिए पाठशाला, नौनिहालों का हाल नहीं कोई पूछने वाला

Wed, 26 Jul 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 26 Jul 2023 12:43 AM IST
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education syestem
बस्ती। तीन साल पहले जनपद के निष्प्रयोज्य 476 परिषदीय स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण की कवायद शुरू हुई। इसमें से 298 स्कूल भवन ढहा दिए गए। अधिकांश जगहों पर मलबे की नीलामी भी हो गई, लेकिन नए स्कूल भवन नहीं बनाए गए। यहां पढ़ने वाले नौनिहालों को पूछने वाला भी अब कोई नहीं है। इन स्कूलों में अध्ययनरत 20 हजार से अधिक बच्चे बिना भवन के पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें खुले में बैठना पड़ रहा है, या टीन शेड के नीचे जमीन पर ही उनकी कक्षा लग रही है।
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शासन के निर्देश पर परिषदीय बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत जीर्ण-शीर्ण हो चुके स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण की पहल की गई। तय हुआ कि पुराने भवन ढहाकर आधुनिक मानकों के अनुसार नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। पहले चरण में जिले के 298 निष्प्रयोज्य विद्यालय भवन नीलामी के बाद ध्वस्त करा दिए गए। तीन साल बीतने के बाद इन स्कूलों को नया भवन मयस्सर नहीं हो सका। यहां पढ़ने वाले 20 हजार से अधिक बच्चों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इनकी पढ़ाई अब बिना भवन के हो रही है। कुछ स्कूल तो भवन के अभाव में सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। न बच्चे पहुंच रहे हैं और न ही शिक्षक। नवीन भवन का निर्माण न शुरू होने के चलते ही शायद शेष 178 निष्प्रयोज्य स्कूल भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी रोक दी गई है।
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केस- एक
यहां दूसरे स्कूल में शामिल किए गए बच्चे
नगर पालिका क्षेत्र के पिकौरा बख्श प्राथमिक स्कूल के बच्चे भवन के अभाव में स्काउट भवन के पीछे स्थित परिषदीय विद्यालय में शामिल कर इसे संविलियन विद्यालय बना दिया गया। यहां के भवन जर्जर होने के कारण ध्वस्त कर दिया गया। अब यहां 256 बच्चे हो गए हैं। पर्याप्त भवन न होने के कारण शामिल होकर आए बच्चों को टीन शेड में बैठना पड़ रहा है।
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केस- दो
एक कमरे में पढ़ाई कर रहे कक्षा एक से आठ तक के बच्चे
बीएसए कार्यालय परिसर में चल रहे आदर्श प्राथमिक विद्यालय भवन निष्प्रयोज्य घोषित हुआ था, जिसे बाद में नीलामी के साथ ध्वस्त करा दिया गया। दो साल बीत गए नवीन भवन का निर्माण नहीं हुआ। यहां अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के 200 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके बैठने के लिए सिर्फ एक कमरे की व्यवस्था है, जिससे इन बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति संभव नहीं हो पा रही है।
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केस- तीन
मीतनपुर में एक कमरे में हो रही पढ़ाई
बहादुरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मीतनपुर का प्राथमिक विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण ध्वस्त किया जा चुका है। यहां केवल एक कमरा बचा है। कुल 90 बच्चे इस विद्यालय में पंजीकृत हैं। एक ही कमरे में सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। भीषण गर्मी और बारिश के दिनों में एक कमरे में बैठ पाना इन बच्चों के लिए संभव नहीं है।
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केस- चार
प्राथमिक स्कूल खैराटी में बचा है एक कमरा
बनकटी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खैराटी के जर्जर भवन को भी ध्वस्त करा दिया गया है। केवल एक कमरा शेष बचा है। यहां नवीन भवन नहीं बनाया जा सका है। इस विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 67 बच्चे पंजीकृत है। सभी बच्चों के लिए एक ही कमरे में बैठने की व्यवस्था है। ऐसे में एक कमरे में एक साथ पांच कक्षाओं का चलना मुश्किल है। भवन न होने से यह विद्यालय भी अस्तित्व विहीन बना हुआ है। यह तो बानगी मात्र है। इसी तरह ध्वस्त कराए जा चुके प्राथमिक विद्यालय गंगहर, प्राथमिक विद्यालय रौता फैलवा, बसौढ़ी, डेल्हापार, चित्राखोर, बरोहिया, पगार खास, आदि परिषदीय स्कूलों के बच्चे बगैर भवन के पढ़ाई कर रहे हैं।

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शासन के निर्देश पर निष्प्रयोज्य विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण कराया गया है। इसमें से 34 नए स्कूल भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। सांऊघाट ब्लाॅक में 24, दुबौलिया में दो, कुदरहा में 6 और परशुरामपुर में दो विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत लगभग पूर्ण हो चुका है। अन्य ध्वस्त भवनों की सूचना शासन को प्रेषित है। बजट आवंटित होने पर ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सकता है।
-अनूप कुमार, बीएसए।
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