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Basti News: चमक उठा मिट्टी के दीयों का कारोबार
Tue, 23 Jan 2024 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 23 Jan 2024 01:43 AM IST
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कीमत बढ़ने के बाद भी तमाम लोगों को नहीं मिल सके दीये
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भव्य उद्घाटन/प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर दीपावती जैसा जश्न मनाने के चलते दीयों का कारोबार एक बार फिर से चमक उठा। घरों को दीयों से सजाने के लिए लोगों में उत्सुकता के चलते दीयों की मांग बढ़ गई। मौसम की बेरुखी के चलते नए दीये तैयार होने में अधिक वक्त लग रहा था। इससे ऑर्डर के बाद भी कई दुकानदारों को उनकी डिमांड के मुताबिक दीये की आपूर्ति नहीं हो सकी। नतीजतन सोमवार को लोगों को बाजार में दीया नहीं मिल सका। बाजार में दीया 150 से लेकर 200 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बिबे। सजावटी दीये की रेंज 10 से लेकर 50 रुपये तक हो गई।
दीपावली के समय ही दीयों की डिमांड तेज रहती है। मगर, राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा की तारीख पर राममय माहौल को दीयों की रोशनी से जगमगाने की तैयारी घर-घर में थी। हालात यह है कि कुम्हारों के लिए दीयों का ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो गया। दीये की आपूर्ति करने वाले राजेश बताते हैं कि दीपावली पर दीये बनाने की तैयारी करीब पांच-छह महीने पहले ही शुरू कर देते हैं। इस समय दीयों की मांग अचानक बढ़ गई है। धूप नहीं निकलने से भी दीया तैयार करने में परेशानी हुई।
आवास विकास कॉलोनी मोड़ पर पूजन सामग्री व मिट्टी के दीये आदि के विक्रेता विजय प्रजापति कहते हैं कि एक लाख दीये का ऑर्डर दिया था। लेकिन आठ हजार दीये ही मिल सके। दुकान पर पहले से उपलब्ध दीयों से काम चलाया जा रहा है। सोमवार को तमाम लोगों को दीया न होने क कारण वापस करना पड़़ा। शहर में कलवारी, नगर, वाल्टरगंज आदि क्षेत्र से दीये की आपूर्ति होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भव्य उद्घाटन/प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर दीपावती जैसा जश्न मनाने के चलते दीयों का कारोबार एक बार फिर से चमक उठा। घरों को दीयों से सजाने के लिए लोगों में उत्सुकता के चलते दीयों की मांग बढ़ गई। मौसम की बेरुखी के चलते नए दीये तैयार होने में अधिक वक्त लग रहा था। इससे ऑर्डर के बाद भी कई दुकानदारों को उनकी डिमांड के मुताबिक दीये की आपूर्ति नहीं हो सकी। नतीजतन सोमवार को लोगों को बाजार में दीया नहीं मिल सका। बाजार में दीया 150 से लेकर 200 रुपये सैकड़ा के हिसाब से बिबे। सजावटी दीये की रेंज 10 से लेकर 50 रुपये तक हो गई।
दीपावली के समय ही दीयों की डिमांड तेज रहती है। मगर, राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा की तारीख पर राममय माहौल को दीयों की रोशनी से जगमगाने की तैयारी घर-घर में थी। हालात यह है कि कुम्हारों के लिए दीयों का ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो गया। दीये की आपूर्ति करने वाले राजेश बताते हैं कि दीपावली पर दीये बनाने की तैयारी करीब पांच-छह महीने पहले ही शुरू कर देते हैं। इस समय दीयों की मांग अचानक बढ़ गई है। धूप नहीं निकलने से भी दीया तैयार करने में परेशानी हुई।
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आवास विकास कॉलोनी मोड़ पर पूजन सामग्री व मिट्टी के दीये आदि के विक्रेता विजय प्रजापति कहते हैं कि एक लाख दीये का ऑर्डर दिया था। लेकिन आठ हजार दीये ही मिल सके। दुकान पर पहले से उपलब्ध दीयों से काम चलाया जा रहा है। सोमवार को तमाम लोगों को दीया न होने क कारण वापस करना पड़़ा। शहर में कलवारी, नगर, वाल्टरगंज आदि क्षेत्र से दीये की आपूर्ति होती है।
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