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Basti News: संदेह में परिवार के लोग नहीं कर रहे कर्मकांड, वे भी मान रहे जिंदा
Tue, 14 Jan 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी रुधौली (बस्ती)। परिवार वालों को भी लग रहा है कि जामवंत शर्मा जिंदा है, इसीलिए वे अभी कर्मकांड नहीं कर रहे हैं। सोमवार को पत्नी महिमा ने बताया कि उनके भाई आने वाले हैं। इसके बाद ही कुछ किया जाएगा।
उधर, कोर्ट में केस के फैसले की सोमवार को तारीख थी। मगर, आरोपी के उपस्थित न रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार को गोरखपुर की हस्तलेख विशेषज्ञों की टीम ने धौरहरा गांव के स्कूल की दीवार पर लिखे हस्तलेख का मिलान किया। शौचालय की दीवार पर लिखे (आज मेरी हत्या हो सकती है) की गहनता से जांच की।
पुलिस का मानना है कि जामवंत कांड की गुत्थी सुलझाने में दीवार पर लिखी इबारत बड़ी भूमिका निभा सकती है। उस हस्तलेख से उसकी डायरी व अन्य अभिलेख में लिखी राइटिंग प्रथम दृष्ट्या पुलिस ने मिलान किया तो वह हैंडराइटिंग हूबहू जामवंत जैसी पाई गई। बता दें कि वाल्टरगंज क्षेत्र के धौरहरा गांव के बंद पड़े एक इंटर कॉलेज के कमरे में बृहस्पतिवार को एक जला हुआ शव मिला था। वहां मिले चप्पल और चाभी के गुच्छे से स्कूल के प्रबंधक जामवंत शर्मा के परिवार के लोगों ने पहचान की। मगर, पुलिस के पास जामवंत का शव मानने का कोई ठोस आधार नहीं मिला और पूछताछ करने पर कई तरह के संदेह उठने लगे।
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इसके बाद यह रहस्य बन गया कि वह शव किसका है। जामवंत की पत्नी महिमा ने थाने में अज्ञात पर हत्या कर शव जलाने का केस दर्ज करा दिया है। मगर, वह भी पक्के तौर पर नहीं मान रही है कि उसके पति की हत्या हो गई।
पत्नी महिमा शर्मा के मुताबिक, रोज की तरह बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे पति घर से निकले थे। सुबह करीब 7:30 बजे तक घर न लौटने पर बेटी उन्हें बुलाने बंद पड़े इंटर कॉलेज पर पहुंची।
गेट के अंदर वह आवाज लगाने लगी। जवाब न मिलने पर उसकी नजर एक कमरे में जल रहीं लकड़ियों पर पड़ी तो वह पानी डालकर आग बुझाने लगी। कुछ दूरी पर उसने पापा का चप्पल पड़ा देखा तो चिल्लाते हुए घर पहुंची और मां, बड़ी बहन को इसकी जानकारी दी। थोड़ी देर में परिजनों के साथ ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। अंदर जाकर देखा तो शव के कुछ अवशेष नजर आए।
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उधर, कोर्ट में केस के फैसले की सोमवार को तारीख थी। मगर, आरोपी के उपस्थित न रहने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। सोमवार को गोरखपुर की हस्तलेख विशेषज्ञों की टीम ने धौरहरा गांव के स्कूल की दीवार पर लिखे हस्तलेख का मिलान किया। शौचालय की दीवार पर लिखे (आज मेरी हत्या हो सकती है) की गहनता से जांच की।
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पुलिस का मानना है कि जामवंत कांड की गुत्थी सुलझाने में दीवार पर लिखी इबारत बड़ी भूमिका निभा सकती है। उस हस्तलेख से उसकी डायरी व अन्य अभिलेख में लिखी राइटिंग प्रथम दृष्ट्या पुलिस ने मिलान किया तो वह हैंडराइटिंग हूबहू जामवंत जैसी पाई गई। बता दें कि वाल्टरगंज क्षेत्र के धौरहरा गांव के बंद पड़े एक इंटर कॉलेज के कमरे में बृहस्पतिवार को एक जला हुआ शव मिला था। वहां मिले चप्पल और चाभी के गुच्छे से स्कूल के प्रबंधक जामवंत शर्मा के परिवार के लोगों ने पहचान की। मगर, पुलिस के पास जामवंत का शव मानने का कोई ठोस आधार नहीं मिला और पूछताछ करने पर कई तरह के संदेह उठने लगे।
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इसके बाद यह रहस्य बन गया कि वह शव किसका है। जामवंत की पत्नी महिमा ने थाने में अज्ञात पर हत्या कर शव जलाने का केस दर्ज करा दिया है। मगर, वह भी पक्के तौर पर नहीं मान रही है कि उसके पति की हत्या हो गई।
पत्नी महिमा शर्मा के मुताबिक, रोज की तरह बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे पति घर से निकले थे। सुबह करीब 7:30 बजे तक घर न लौटने पर बेटी उन्हें बुलाने बंद पड़े इंटर कॉलेज पर पहुंची।
गेट के अंदर वह आवाज लगाने लगी। जवाब न मिलने पर उसकी नजर एक कमरे में जल रहीं लकड़ियों पर पड़ी तो वह पानी डालकर आग बुझाने लगी। कुछ दूरी पर उसने पापा का चप्पल पड़ा देखा तो चिल्लाते हुए घर पहुंची और मां, बड़ी बहन को इसकी जानकारी दी। थोड़ी देर में परिजनों के साथ ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। अंदर जाकर देखा तो शव के कुछ अवशेष नजर आए।