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Basti News: मौसम में बदलाव से खुजली और लाल चकत्तों के बढ़े मरीज

Tue, 12 May 2026 01:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:18 AM IST
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Due to change in weather, patients of itching and red rashes have increased.
जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद - फोटो : 1
बस्ती। मौसम में लगातार बदलाव और बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप तो कभी बूंदाबांदी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में एलर्जी, खुजली और लाल चकत्तों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी और पसीने के कारण फंगल संक्रमण और त्वचा एलर्जी के मामले अधिक सामने आ रहे हैं।
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चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना करीब 140 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 100 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें कमर और शरीर पर लाल चकत्तों तथा खुजली की समस्या है। उन्होंने बताया कि तेज धूप, अधिक पसीना, साफ-सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ना सामान्य है। इस मौसम में शरीर का तापमान अधिक रहने से त्वचा पर लाल दाने और खुजली की समस्या होने लगती है। अस्पताल में दाद, खाज, खुजली, घमौरिया और त्वचा एलर्जी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को गर्मी से बचाव और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। वहीं, चेस्ट विभाग में एलर्जी के चलते कई मरीजों में सांस संबंधित तकलीफ दिखी। अधिकांश में पेट दर्द, दस्त, उल्टी व बुखार, सूखी खांसी की शिकायत रही। गंभीर रोगी मिलने पर उन्हें भर्ती कराया गया।
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तेज धूप व उमस भरी गर्मी में सनबर्न का खतरा
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह ने बताया कि सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं और गर्मियों में इनका प्रभाव अधिक बढ़ जाता है। खासकर दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच धूप ज्यादा नुकसानदायक होती है। पसीना सूखने से शरीर पर फंगल संक्रमण होने लगता है, जिससे खुजली, जलन और दर्द की समस्या बढ़ जाती है। सनबर्न भी होता है। उन्होंने कहा कि शरीर पर पसीना ज्यादा देर तक सूखने न दें, क्योंकि इससे त्वचा रोग के कीटाणु तेजी से पनपते हैं। तेज धूप के कारण त्वचा झुलसकर काली भी पड़ सकती है।

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बचाव के उपाय
- प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी से स्नान करें।
- नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक दवा की कुछ बूंदें डालें।
- एंटी बैक्टीरियल साबुन का उपयोग करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें, पर्याप्त पानी पीते रहे

- संक्रमण होने पर कपड़ों को गर्म पानी में धोकर धूप में अच्छी तरह सुखाएं।

- संक्रमित व्यक्ति के कपड़े अन्य कपड़ों से अलग धोएं।

- गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें।

- ज्यादा मीठा, लाल मिर्च और मसालेदार भोजन से बचें।

कोट

जिला अस्पताल में त्वचा संबंधित दवाएं हैं। विशेषज्ञ नियमित परामर्श दे रहे हैं। साथ ही अन्य प्रकार की दवाएं हैं। इमरजेंसी और ओपीडी में खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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