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Basti News: कई वार्डों में नाले जाम, बरसात में बढ़ेगी मुसीबत

Wed, 01 Jul 2026 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:36 AM IST
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Drains clogged in several wards; trouble to mount during the rains.
कंपनीबाग जजेज कॉलोनी के सामने गंदगी व कूड़े से पटा नाला संवाद - फोटो : 1
बस्ती। मानसून की आहट के साथ भले ही बारिश शुरू हो गई हो मगर अभी तक शहर में नालों की सफाई नहीं हो सकी है। किसी वार्ड में सिर्फ झाड़ियां काटी गईं हैं तो कहीं अभी सफाई ही शुरू नहीं हुई है। यह हाल तब है जब शासन ने 30 जून तक नाले की सफाई पूरा करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में बारिश होने पर नाले-नालियां उफनाएंगी।
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बता दें कि नगर पालिका बस्ती की आबादी करीब पौने दो लाख है और 25 वार्ड में से कई ऐसे वार्ड हैं जहां नाले गंदगी से पटे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में छह से अधिक वार्ड ऐसे हैं जहां सफाई ठीक न होने के कारण नाले उफनाते हैं। इसमें, नरहरिया, मिश्रौलिया, तुर्कहिया, आवास विकास, कटरा, रमेश्वरपुरी, पांडेय बाजार, मुरलीजोत, बैरिहवा वार्ड, रौतापार शामिल हैं। यहां, हल्की बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है। महरीखांवा के आलोक का कहना है कि नगर पालिका हर साल नाला सफाई के नाम पर ढिंढोर पीटती है। इसमें लाखों का बजट भी खपा दिया जाता है, मगर सफाई व्यवस्था जस की तस रह जाती है। सफाई व्यवस्था ठीक न होने से नालियां जाम हो जाती हैं और बारिश में गलियां तालाब नजर आती हैं। वहीं नपा का दावा है कि 70 प्रतिशत नाले-नालियों की सफाई हो चुकी है। पूरे शहर में 50 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं। सड़क किनारों से गुजरे नाले करीब 39 किमी. हैं, जबकि दो बड़े नाले नौ से 10 किमी. है। वर्तमान में नपा दो मिनी पोकलेन मशीन और दो जेसीबी लगाकर नाले-नालियों की सफाई करवा रहा है।
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हर साल करीब 10 लाख रुपये का बनता है बजट : नगर पालिका ने पिछले साल 10 लाख रुपये का मैनुअली बजट का एस्टीमेट बनाया था। उसी से सभी नाले की सफाई करने का दावा किया गया था। वहीं, इस साल नगर पालिका में शामिल दो जेसीबी और दो पोकलेन मशीन के जरिये सफाई कराई जा रही है।
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सिर्फ डीजल खपत दिखा रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि अपने संसाधन से ही सफाई कराई जा रही है। कटरा निवासी आरबी, अनिल व राम शंकर ने बताया कि नाली का कचरा निकालकर सड़क पर रख दिए हैं, बारिश में उसी सिल्ट फिर नाले में चला जा रहा है, ऐसे में सफाई का औचित्य ही नहीं है। गनेशपुर भी जलभराव से सांसत : नगर पंचायत गनेशपुर में भी जलनिकासी की ठोस व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। लोगों ने बताया कि नालों और नालियों की सफाई भी नहीं हुई है। ऐसे में, बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। शंकरनगर स्कूल हो या फिर कस्बा यहां बारिश होते ही पानी लग जाता है। इससे लोग सांसत झेलते हैं। 15 वार्ड में 20 हजार से अधिक वोटर हैं, 50 हजार से अधिक आबादी भी है। ईओ अजय पांडेय का कहना है कि नाले की सफाई कराई जा रही है।
बारिश से खेती-किसानी में आई तेजी : टिनिच/बनकटी। बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने अब धान की रोपाई शुरू कर दी है। सल्टौआ ब्लॉक के अजगैवाजंगल, बेतौहा, शिवपुर, झग्गापुर बोधपुर, सुल्तानपुर और आमा धनघटी में धान की रोपाई तेजी से चल रही है।

किसान सुभाषचंद्र चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि बारिश से फायदा हुआ है। दूसरी तरफ जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते बस्ती-महुली मुख्य मार्ग के देईसाड़, बनकटी, महादेवा, पाकरडाड़, महसो में सड़क पटरियों पर जलभराव हो गया। इससे आवागमन में परेशानी हुई। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि इं. अरविंद पाल मौके पर पहुंचे और खोदाई करवाकर जलनिकासी कराई।
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