{"_id":"657c9c55ea3e891b1900412d","slug":"dozens-of-dry-trees-pose-a-threat-to-pedestrians-basti-news-c-207-1-sgkp1006-8433-2023-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: दर्जन भर सूखे पेड़ों से राहगीरों को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: दर्जन भर सूखे पेड़ों से राहगीरों को खतरा
Sat, 16 Dec 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। हर्रैया तहसील मुख्यालय से अमारी बाजार जाने वाली सड़क पर अमारी बाजार से ठीक पहले बरगदवा गांव में दर्जन भर पेड़ कई वर्षों से सूख कर राहगीरों के लिए जानलेवा हो चुके हैं। लेकिन जिम्मेदार सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। यही नहीं यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। इसके पीछे वन विभाग और काश्तकारों के बीच स्वामित्व विवाद बताया जा रहा है। वहीं राजस्व विभाग इसका निस्तारण करने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
हर्रैया से अमारी बाजार जाने वाली लगभग छह किमी लंबी सड़क पर दिन-रात हर सेकंड वाहन गुजरते रहते हैं। यह सड़क हर्रैया तहसील मुख्यालय को विक्रमजोत व परशुरामपुर ब्लॉकों के अलावा गोंडा जनपद को सीधे तौर पर जोड़ती है। शार्टकट होने के कारण छोटे से लेकर भारी वाहनों की दिन-रात आवाजाही होती रहती है। बावजूद इसके यहां एक लाइन से दर्जन भर सूख चुके आम, शीशम व अन्य प्रजाति के बड़े पेड़ जिम्मेदारों के लिए अनजान बने हुए हैं।
सड़क से सटे गांवों के ग्रामीण वंशराज यादव, परशुराम चौधरी, मिश्री लाल, पंकज निषाद व राम बहादुर आदि ने बताया कि जब वाहनों का रेला निकलता है तो पेड़ भी कांपने लगते हैं। यदि ये गिर गए तो जन-धन की बड़ी हानि हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले वन विभाग के कुछ कर्मचारी आए थे और बताया था कि सर्वे किया जा रहा है। चिह्नांकन कर इन्हें कटवाया जाएगा। बावजूद इसके अभी तक ये सूखे पेड़ जस के तस खड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि राहगीर जल्द निकलने के चक्कर में अनजान रहते हैं। लेकिन, हम लोग दिन-रात इस अंदेशे में रहते हैं कि कहीं ये सूखे पेड़ अचानक गिर गए तो कई वाहन इसकी चपेट में आ जाएंगे। ऐसे में एक भयानक और दर्दनाक हादसा कभी भी हो सकता है।
विज्ञापन
क्या है पेंच
वन रेंज स्तरीय अधिकारियों के अनुसार सड़क की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग को आगे आना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि ये पेड़ वन विभाग के हैं या फिर मुख्य सड़क से सटे काश्तकारों के हैं। बावजूद इसके राजस्व विभाग एक कदम भी आगे नहीं बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार पहले की बनी सड़क की चौड़ाई अगर स्पष्ट हो जाए तो उसी अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
राजस्व और रेंज की टीम से की जाएगी जांच
डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि हर्रैया रेंज की फॉरेस्ट और राजस्व टीम को भेज कर सर्वे करवाया जाएगा और पता किया जाएगा कि पेड़ पर वन विभाग का स्वामित्व है या काश्तकारों का। उसी अनुसार सूखे पेड़ों को कटवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
हर्रैया से अमारी बाजार जाने वाली लगभग छह किमी लंबी सड़क पर दिन-रात हर सेकंड वाहन गुजरते रहते हैं। यह सड़क हर्रैया तहसील मुख्यालय को विक्रमजोत व परशुरामपुर ब्लॉकों के अलावा गोंडा जनपद को सीधे तौर पर जोड़ती है। शार्टकट होने के कारण छोटे से लेकर भारी वाहनों की दिन-रात आवाजाही होती रहती है। बावजूद इसके यहां एक लाइन से दर्जन भर सूख चुके आम, शीशम व अन्य प्रजाति के बड़े पेड़ जिम्मेदारों के लिए अनजान बने हुए हैं।
विज्ञापन
सड़क से सटे गांवों के ग्रामीण वंशराज यादव, परशुराम चौधरी, मिश्री लाल, पंकज निषाद व राम बहादुर आदि ने बताया कि जब वाहनों का रेला निकलता है तो पेड़ भी कांपने लगते हैं। यदि ये गिर गए तो जन-धन की बड़ी हानि हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले वन विभाग के कुछ कर्मचारी आए थे और बताया था कि सर्वे किया जा रहा है। चिह्नांकन कर इन्हें कटवाया जाएगा। बावजूद इसके अभी तक ये सूखे पेड़ जस के तस खड़े हैं। ग्रामीणों ने बताया कि राहगीर जल्द निकलने के चक्कर में अनजान रहते हैं। लेकिन, हम लोग दिन-रात इस अंदेशे में रहते हैं कि कहीं ये सूखे पेड़ अचानक गिर गए तो कई वाहन इसकी चपेट में आ जाएंगे। ऐसे में एक भयानक और दर्दनाक हादसा कभी भी हो सकता है।
विज्ञापन
क्या है पेंच
वन रेंज स्तरीय अधिकारियों के अनुसार सड़क की पैमाइश के लिए राजस्व विभाग को आगे आना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि ये पेड़ वन विभाग के हैं या फिर मुख्य सड़क से सटे काश्तकारों के हैं। बावजूद इसके राजस्व विभाग एक कदम भी आगे नहीं बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार पहले की बनी सड़क की चौड़ाई अगर स्पष्ट हो जाए तो उसी अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
राजस्व और रेंज की टीम से की जाएगी जांच
डीएफओ जेपी सिंह ने बताया कि हर्रैया रेंज की फॉरेस्ट और राजस्व टीम को भेज कर सर्वे करवाया जाएगा और पता किया जाएगा कि पेड़ पर वन विभाग का स्वामित्व है या काश्तकारों का। उसी अनुसार सूखे पेड़ों को कटवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।