{"_id":"6154abec8ebc3e0df63da89b","slug":"doordarshan-kendra-will-be-closed-after-serving-32-years-basti-news-gkp411115768","type":"story","status":"publish","title_hn":"32 वर्ष सेवा देने के बाद बंद हो जाएगा दूरदर्शन केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
32 वर्ष सेवा देने के बाद बंद हो जाएगा दूरदर्शन केंद्र
विज्ञापन
32 वर्ष सेवा देने के बाद बंद हो जाएगा दूरदर्शन केंद्र
बस्ती। बात वर्ष 1989 की है। तब दूरदर्शन का प्रसारण अपने आप में महत्वपूर्ण था। यहां तत्कालीन विधायक व वर्तमान डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की पहल पर जिले में प्रसारण केंद्र स्थापित हुआ। केंद्र को 100 वाट का लाइसेंस प्राप्त हुआ, जो शहरी क्षेत्र में संचालित होता था। इसके बाद वर्ष 2006 में इसे विस्तारित करते हुए 500 वॉट का कर दिया गया, जिससे जिले के 35 किमी परिधि में दूरदर्शन का रिले केंद्र काम करने लगा। मगर अब इसके बंद करने का फरमान सरकार ने जारी कर दिया है। 31 अक्तूबर को बस्ती का यह रिले केंद्र इतिहास बन जाएगा।
शहर के आवास विकास कॉलोनी में दूरदर्शन रिले केंद्र की स्थापना के समय इससे केवल सुबह-शाम दिल्ली से समाचार की प्रस्तुति होती थी। धीरे-धीरे समय बदला तो इसकी स्थिति बेहतर होने लगी और सुबह साढ़े पांच बजे दिल्ली से तो दिन में तीन बजे व सात बजे लखनऊ से कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाने लगा। यह क्रम लंबे समय तक चला। जिले की धरोहर बन चुका यह रिले केंद्र यहां की पहचान बन गया। कोरोना काल में सरकार ने इसका भरपूर प्रयोग किया। दूसरी लहर में यह शैक्षिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने लगा। यह कार्यक्रम सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हो जाता था और देर शाम तक चलता था। दो माह पहले शैक्षिक पहचान पाने वाले दूरदर्शन के बस्ती रिले केंद्र पर ताला लगाने की नौबत आ गई है। इसे बंद करने का फरमान आ गया है। केंद्र के असिस्टेंट इंजीनियर श्रीधर मिश्र ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि सांसद हरीश द्विवेदी से मिलकर बस्ती के रिले केंद्र को रेडियो स्टेशन में तब्दील करने की मांग रखी गई है। सांसद ने इस प्रस्ताव को केंद्र में भेजा है।
विज्ञापन
बस्ती। बात वर्ष 1989 की है। तब दूरदर्शन का प्रसारण अपने आप में महत्वपूर्ण था। यहां तत्कालीन विधायक व वर्तमान डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की पहल पर जिले में प्रसारण केंद्र स्थापित हुआ। केंद्र को 100 वाट का लाइसेंस प्राप्त हुआ, जो शहरी क्षेत्र में संचालित होता था। इसके बाद वर्ष 2006 में इसे विस्तारित करते हुए 500 वॉट का कर दिया गया, जिससे जिले के 35 किमी परिधि में दूरदर्शन का रिले केंद्र काम करने लगा। मगर अब इसके बंद करने का फरमान सरकार ने जारी कर दिया है। 31 अक्तूबर को बस्ती का यह रिले केंद्र इतिहास बन जाएगा।
शहर के आवास विकास कॉलोनी में दूरदर्शन रिले केंद्र की स्थापना के समय इससे केवल सुबह-शाम दिल्ली से समाचार की प्रस्तुति होती थी। धीरे-धीरे समय बदला तो इसकी स्थिति बेहतर होने लगी और सुबह साढ़े पांच बजे दिल्ली से तो दिन में तीन बजे व सात बजे लखनऊ से कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाने लगा। यह क्रम लंबे समय तक चला। जिले की धरोहर बन चुका यह रिले केंद्र यहां की पहचान बन गया। कोरोना काल में सरकार ने इसका भरपूर प्रयोग किया। दूसरी लहर में यह शैक्षिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने लगा। यह कार्यक्रम सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हो जाता था और देर शाम तक चलता था। दो माह पहले शैक्षिक पहचान पाने वाले दूरदर्शन के बस्ती रिले केंद्र पर ताला लगाने की नौबत आ गई है। इसे बंद करने का फरमान आ गया है। केंद्र के असिस्टेंट इंजीनियर श्रीधर मिश्र ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि सांसद हरीश द्विवेदी से मिलकर बस्ती के रिले केंद्र को रेडियो स्टेशन में तब्दील करने की मांग रखी गई है। सांसद ने इस प्रस्ताव को केंद्र में भेजा है।
विज्ञापन