फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Donate dead body to medical college

मेकिल कॉलेज को देहदान से पूरी हुई ऊषा पाल की अंतिम इच्छा

Sun, 02 Jan 2022 12:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Donate dead body to medical college
मेडिकल कॉलेज को देह दान से पूरी हुई उषा पाल की अंतिम इच्छा
विज्ञापन

महादेवा/लालगंज (बस्ती )। महसों राजघराने की उषा पाल (75 ) पत्नी स्व. अविनाश नाथ पाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज को दान स्वरूप दे दिया गया। शनिवार सुबह मेडिकल कॉलेज की टीम महसों उनकी हवेली पर पहुंची और पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह पहला मामला है, जो किसी ने मेडिकल कॉलेज को देह दान किया है।
उषा पाल महसों राजघराने की राजा स्व. काशीनाथ बहादुर पाल की मझली बहू थीं। वह सपरिवार लखनऊ में रहती थीं, जब भी वह अपने घर महसों आती थीं, तो वह अपने सरल स्वभाव के कारण सामाजिक कार्यों के लिए लोगों को प्रोत्साहित एवं सहयोग करने में नहीं चूकती थीं। पिछले दो वर्षों से उषा पाल अपने घर महसों में ही रहती थीं। उनके पुत्र अंशुमान पाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में ही अपनी हार्दिक इच्छा यह बताईं कि मृत्यु के बाद शरीर का दान करना चाहती हैं। यह सुनकर परिवार व रिश्तेदार के लोग अवाक रह गए। लेकिन, उनकी प्रबल इच्छा के आगे सभी परिवार के लोग सहमत हो गए। इसके लिए उन्होंने लखनऊ मेडिकल कॉलेज में चर्चा भी की थी, लेकिन जैसे ही बस्ती में वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, उन्होंने अपने गृह जनपद में ही देह दान का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने अपने भतीजे डॉ. लालमणि पाल (सर्जन) जो कि मेडिकल कॉलेज बस्ती में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं, उनके जरिए विभागीय प्रक्रिया पूरी कराई।
विज्ञापन

डॉ. लालमणि पाल ने बताया कि उनके पिता राघवेंद्र बहादुर पाल को भी वह प्रेरित करती थीं कि इस तरह के कार्यों के लिए लोगों को जागरूक करते रहें। उधर, मेडिकल कॉलेज, बस्ती के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ.जीपी मिश्र ने उषा पाल के परिवार का आभार जताते हुए कहा कि यह बस्ती जनपद व मेडिकल कॉलेज का पहला देह दान है। इस महादान से मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षित हो रहे विद्यार्थियों को विद्या का दान मिलेगा। इससे बड़ा कोई दान हो नहीं सकता। इसके लिए मेडिकल कॉलेज बस्ती उषा पाल का सदैव ऋणी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed