फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Doctors have banned codeine-containing syrups for a year and a half... yet millions of vials are still consumed.

Basti News: डॉक्टर डेढ़ साल से कोडीनयुक्त सिरप पर प्रतिबंध...फिर भी खपत लाखों शीशी

Fri, 26 Dec 2025 01:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
Doctors have banned codeine-containing syrups for a year and a half... yet millions of vials are still consumed.
बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप करीब डेढ़ साल पहले ही प्रतिबंधित हो गई थी। इसमें नारकोटिक्स मिश्रण की वजह से लोग के इसके लती बन रहे थे, इसीलिए प्रतिबंध के बाद भी बाजार में इसकी मांग थी। चिकित्सक बता रहे हैं कि डेढ़ साल से खांसी के मरीजों को सब्सटिट्यूट के रूप में नॉन नारकोटिक्स क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट फार्मूले की सिरप लिखी जा रही है। बावजूद इसके जिले की फार्मा एजेंसियों ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की खरीद-फरोख्त बंद नहीं की।
विज्ञापन




अब मामला तूल पकड़ लिया है तो अधिकतर दवा की दुकानें कोडीनयुक्त सिरप से खाली हो चुकी हैं। दवा एजेंसियां लगातार बल्क में कोडीनयुक्त सिरप की खरीद-फरोख्त करती रहीं। शासन स्तर से मामला पकड़ में आने के बाद यहां भी हड़कंप मच गया है। ईडी की जांच में फार्मा कंपनियों से बस्ती के दवा एजेंसियों का तार जुड़ा मिला, तब यहां विभाग भी सक्रिय हुआ। पहली बार 22 नवंबर को पुरानी बस्ती में गोयल फार्मा पर छापा मारा तो 15,600 कोडीनयुक्त सिरप की शीशी पकड़ी गई। छानबीन में पता चला इस फार्मा को लखनऊ की मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स फर्म से सिरप की आपूर्ति की गई है।
विज्ञापन

पुरानी बस्ती थाने में गोयल फार्मा के मालिक खुशबू गोयल और ऋत्विक गोयल तथा लखनऊ के मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स फर्म के अज्ञात मालिक पर पहला एफआईआर दर्ज हुआ। दूसरा 9 दिसंबर 2025 को पकड़ में आया। कोतवाली क्षेत्र के रहमतगंज तुरकहिया के पते पर संचालित गणपति फार्मा के नाम पर चार दवा एजेंसियों ने 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई की थी। गणपति के नाम कोतवाली में एफआईआर दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

धंधेबाजों को पकड़ने के लिए एसपी ने एसआईटी गठित कर की है। एसआईटी की जांच में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। गणपति फार्मा के मालिक का नाम पता सब फर्जी निकला। एसआईटी उसकी खोज में बस्ती से बनारस तक खाक छान रही है। जांच में पता चला कि गणपति फार्मा का मालिक कोडीन सिरप के धंधे के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के सिंडीकेट का हिस्सा है। उसकी पृष्ठभूमि भी बनारस से जुड़ी बताई जा रही है।
बहरहाल यहां दवा का लाइसेंस हथियाने के लिए फर्जी नाम पंकज कुमार की आधार आईडी, और पता पुरानी बस्ती के हंडिया चौराहे का दिया था। जांच में नाम पता फर्जी मिला है। इस फर्म को लाइसेंस देने में विभाग से सत्यापन में हुई बड़ी चूक धंधेबाज को सफल होने में सहायक सिद्ध हुई। अब विभाग आगे की कड़ी तलाशने के लिए दुकानों पर छापा मार रहा है।
मामले के खुलासे के बाद एक दर्जन से अधिक दवा दुकानों पर छापा मारा जा चुका है। इस बीच कोडीनयुक्त कफ सिरप पकड़ में नहीं मिला है। साहू कटरा के एक दुकान पर छापे के बाद जब हाथ नहीं कुछ लगा तो विभाग ने छह महीने के दवा की खरीद फरोख्त का विवरण मांगा है।

------------



एसआईटी की जांच में मिला दुकानों का विवरण

मामले की जांच में जुटी एसआईटी के रडार पर फर्जी नाम पते से गणपति फार्मा का लाइसेंस हथियाने वाला मुख्य धंधेबाज है। उसकी तलाश में पुलिस शिद्दत से जुट गई है। बनारस और लखनऊ में उसके संभावित ठिकानों पर छापे भी शुरू हो गए हैं। वहीं एसआईटी के हत्थे गोयल फार्मा के जरिये कोडीनयुक्त सिरप की खरीद फरोख्त करने वाले कुछ अन्य दुकानदारों का भी विवरण हाथ लगा है। पुलिस अभी इनके नाम का खुलासा नहीं कर रही है। इस दवा एजेंसी को कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई देनी वाली लखनऊ की मेगा लॉजिस्टिक्स फर्म के मालिक की भी तलाश एसआईटी ने तेज कर दी है।



कोट

कोडीनयुक्त सिरप नारकोटिक्स दवा की श्रेणी में है। इस पर प्रतिबंध लग चुका है। ऐसे क्रिटिकल मरीज जिन्हें खांसी के साथ ब्लड आता है उन्हें ही यह दवा यदा कदा लिखी जाती है। अमूमन अब खांसी के मरीजों को क्लोरफेनिरामाइनट मैलिएट फार्मूले का ही कफ सिरप लिखा जा रहा है। यह नान नारकोटिक्स दवा है।



-डॉ. रामजी सोनी, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल।

कोट



एसआईटी अपनी जांच कर रही है। गणपति फार्मा और लखनऊ के मेगा लॉजिस्टिक्स फर्म की तलाश पुलिस टीमें लगी हुई है। जिन भी दवा एजेंसी और रिटेलरों का नाम जांच में सामने आया है उनसे खरीदफरोख्त का विवरण जुटाया जा रहा है।


-सत्येंद्र भूषण तिवारी, सीओ सिटी।



कोटट

कोडीनयुक्त सिरप के सप्लाई का मामला सामने आने के बाद से ही विभाग भी अपने स्तर से कार्रवाई में जुटा हुआ है। कई दुकानों पर छापेमारी भी हो चुकी है। जहां संदेह हो रहा है उनसे विवरण मांगा जा रहा है।



-अरविंद कुमार, औषधि निरीक्षक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed