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डॉक्टर की तैनाती के बाद भी नहीं शुरू हुई नविनिर्मित महिला अस्पताल की ओपीडी
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डॉक्टर तैनात, नहीं शुरू हुई ओपीडी
पांच साल से बन रहा महिला अस्पताल अभी भी नहीं हुआ काम पूरा
2016 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री ने रखी थी आधारशिला
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। नगर पंचायत में 2016 में स्वीकृत 100 बेड का महिला अस्पताल अभी भी अधूरा है। जिम्मेदार निर्माण कार्य अंतिम चरण में भले ही बता रहे हैं लेकिन दूसरे और तीसरी मंजिल पर स्थित वार्डों में अभी तमाम काम किए जाने शेष बाकी हैं। महिला अस्पताल की पड़ताल की गई, जिसमें दावों की हकीकत सामने आई। करीब एक पखवाड़ा पहले सांसद हरीश द्विवेदी ने ऑक्सीजन प्लांट व पाइप लाइन का उद्घाटन किया तब लोगों को लगा कि महिला अस्पताल जल्द ही शुरू हो जाएगा। स्टॉफ की तैनाती के बावजूद अभी तक ओपीडी नहीं शुरू हुई।
करीब पांच साल पहले 40 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले इस अस्पताल का बजट रिवाइज किया जा चुका है। शासन स्तर से छह फार्मासिस्ट, एक एक्स-रे टेक्नीशियन, महिला चिकित्सक डॉ. अंजू कन्नौजिया और डॉ. एसपी कन्नौजिया को अस्पताल संचालित करने के लिए तैनात किया गया। रिपोर्टर की पड़ताल में इनमें से कोई मौके पर नहीं मिला। ओपीडी रूम एक और दो में ताला लटका मिला। 100 बेड मिलने और इसमें से 70 बेड ऑक्सीजन युक्त होने के दावे महज कागजी हैं। प्रथम तल पर नर्सिंग स्टेशन, माइनर ओटी, लेबर रूम करीब 90 प्रतिशत बनकर तैयार है। लिफ्ट, एयर कंडीशन, वायरिंग और पानी आपूर्ति के काम अभी अधूरे हैं। वेंटिलेटर लगाने का काम अभी शुरू नहीं किया गया है। तीसरी मंजिल पर कुछ श्रमिक टाइल्स लगाते मिले।
तीन लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
एक मई 2016 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह ने अस्पताल के निर्माण की आधारशिला रखी थी। तब इसे करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से जून 2018 तक पूरा करना था। लेकिन बजट की कमी व अन्य खामियों के चलते निर्माण तिथि के पांच साल बाद भी अस्पताल शुरू नहीं हो सका। महिला अस्पताल की ओपीडी शुरू होने पर गौर, परशुरामपुर, दुबौलिया, हर्रैया व कप्तानगंज ब्लॉक के करीब तीन लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल में विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों के अलावा वेंटिलेटर सुविधा भी उपलब्ध होगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके यादव ने बताया कि ओपीडी शुरू करने से संबंधित को निर्देश शासन स्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
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बोले प्रभारी सीएमओ
प्रभारी सीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने कहा कि हर्रैया में ओपीडी शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाई गई है। अभी चिकित्सालय के लिए चिकित्सक, पैरा मेडिकल्स व अन्य कर्मियों नियतन तय नहीं हुआ है, मगर यहां करीब 20 चिकित्सक के अलावा 22 स्टॉफ नर्स सहित कुल 125 कर्मियों की तैनाती होनी है। इसे शासन स्तर से किया जाएगा। बजट के चलते अस्पताल निर्माण में बाधा आई थी, जो अब दूर हो गई है। इसे 2019 में ही शुरू हो जाना था, मगर अब इसे दिसंबर तक पटरी पर उतार दिया जाएगा।
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पांच साल से बन रहा महिला अस्पताल अभी भी नहीं हुआ काम पूरा
2016 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री ने रखी थी आधारशिला
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। नगर पंचायत में 2016 में स्वीकृत 100 बेड का महिला अस्पताल अभी भी अधूरा है। जिम्मेदार निर्माण कार्य अंतिम चरण में भले ही बता रहे हैं लेकिन दूसरे और तीसरी मंजिल पर स्थित वार्डों में अभी तमाम काम किए जाने शेष बाकी हैं। महिला अस्पताल की पड़ताल की गई, जिसमें दावों की हकीकत सामने आई। करीब एक पखवाड़ा पहले सांसद हरीश द्विवेदी ने ऑक्सीजन प्लांट व पाइप लाइन का उद्घाटन किया तब लोगों को लगा कि महिला अस्पताल जल्द ही शुरू हो जाएगा। स्टॉफ की तैनाती के बावजूद अभी तक ओपीडी नहीं शुरू हुई।
करीब पांच साल पहले 40 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले इस अस्पताल का बजट रिवाइज किया जा चुका है। शासन स्तर से छह फार्मासिस्ट, एक एक्स-रे टेक्नीशियन, महिला चिकित्सक डॉ. अंजू कन्नौजिया और डॉ. एसपी कन्नौजिया को अस्पताल संचालित करने के लिए तैनात किया गया। रिपोर्टर की पड़ताल में इनमें से कोई मौके पर नहीं मिला। ओपीडी रूम एक और दो में ताला लटका मिला। 100 बेड मिलने और इसमें से 70 बेड ऑक्सीजन युक्त होने के दावे महज कागजी हैं। प्रथम तल पर नर्सिंग स्टेशन, माइनर ओटी, लेबर रूम करीब 90 प्रतिशत बनकर तैयार है। लिफ्ट, एयर कंडीशन, वायरिंग और पानी आपूर्ति के काम अभी अधूरे हैं। वेंटिलेटर लगाने का काम अभी शुरू नहीं किया गया है। तीसरी मंजिल पर कुछ श्रमिक टाइल्स लगाते मिले।
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तीन लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
एक मई 2016 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह ने अस्पताल के निर्माण की आधारशिला रखी थी। तब इसे करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से जून 2018 तक पूरा करना था। लेकिन बजट की कमी व अन्य खामियों के चलते निर्माण तिथि के पांच साल बाद भी अस्पताल शुरू नहीं हो सका। महिला अस्पताल की ओपीडी शुरू होने पर गौर, परशुरामपुर, दुबौलिया, हर्रैया व कप्तानगंज ब्लॉक के करीब तीन लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल में विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों के अलावा वेंटिलेटर सुविधा भी उपलब्ध होगी। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके यादव ने बताया कि ओपीडी शुरू करने से संबंधित को निर्देश शासन स्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
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बोले प्रभारी सीएमओ
प्रभारी सीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने कहा कि हर्रैया में ओपीडी शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाई गई है। अभी चिकित्सालय के लिए चिकित्सक, पैरा मेडिकल्स व अन्य कर्मियों नियतन तय नहीं हुआ है, मगर यहां करीब 20 चिकित्सक के अलावा 22 स्टॉफ नर्स सहित कुल 125 कर्मियों की तैनाती होनी है। इसे शासन स्तर से किया जाएगा। बजट के चलते अस्पताल निर्माण में बाधा आई थी, जो अब दूर हो गई है। इसे 2019 में ही शुरू हो जाना था, मगर अब इसे दिसंबर तक पटरी पर उतार दिया जाएगा।