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Basti News: गूगल पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर न बताएं परेशानी, हो जाएंगे ठगी के शिकार
Sat, 20 Apr 2024 04:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 20 Apr 2024 04:18 AM IST
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साइबर अपराधियों ने गूगल पर डाल रखा है फर्जी हेल्पलाइन नंबर
सोनहा क्षेत्र की महिला के साथ दो दिन पहले हुआ था 40 हजार का फ्राड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हर बात पर गूगल सर्च करने वालों के लिए यह खबर किसी सबक से कम नहीं है। खासकर कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर तलाश करने में बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योंकि साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी हेल्पलाइन अथवा कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर रखा है। जो गूगल पर सर्च करते ही असली के साथ दिख जाती हैं। उन नंबरों को डायल करने पर कॉल साइबर ठगों के पास चली जाती है। ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर कोई महिला या पुरुष बातों में फंसाकर गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रुपये उड़ा ले रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हमें किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ही लेना चाहिए। बुधवार को सोनहा क्षेत्र की एक महिला के साथ ऐसा ही फ्राड हो चुका है। बस्थनवा गांव की सुशीला देवी का फोन- पे एप बंद हो गया था। उसे ठीक करने के लिए उसने गूगल से हेल्पलाइन नंबर सर्च किया। हेल्पलाइन नंबर पर मिलने पर उसने कॉल किया तो दूसरी तरफ से खाता नंबर आदि की पूरी जानकारी मांगी गई। इसके कुछ देर बाद उसके मोबाइल फोन पर ओटीपी आया। जिसे कॉल करने वाले ने पूछकर खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए।
इसके अलावा भूअर निरंजनपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें 25 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन होल्ड हो गया था। जानकारी के लिए गूगल पर बैंक का कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। गूगल से मिले कस्टमर केयर नंबर पर डायल कर मदद मांगी। दूसरी तरफ से बोलने वाले ने खाते का डिटेल मांगा और बातों में उलझाकर 45 हजार रुपये निकाल लिए थे। साइबर सेल के लाख प्रयास के बावजूद रुपये वापस नहीं कराए जा सके।
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इन बातों का रखें ध्यान
- लालच में आकर अनजान व्यक्ति से आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें।
- ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन की ऑफिसियल साइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर ही संपर्क करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें, किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई अनजान व्यक्ति फोन कर किसी स्कीम आदि का लालच दे, तो उसके झांसे में न आएं।
- फ्री रीचार्ज, कैशबैक, क्रेडिट कार्ड ऑफर के कॉल व मैसेज से बचें।
- केवीसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचें।
- ओएलएक्स के फर्जी नंबर और फर्जी कस्टमर केयर से बचें।
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यहां करें शिकायत
साइबर क्राइम के प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि इस तरह की ठगी का शिकार अगर कोई उपभोक्ता हो जाता है तो तुरंत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर-1930 पर काॅल करें। साथ ही, साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https// www.cybeycrime.gov.in या नजदीकी थाना-चौकी में दर्ज करा सकते हैं। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर पैसा सुरक्षित वापस आने की संभावना रहती है।
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सोनहा क्षेत्र की महिला के साथ दो दिन पहले हुआ था 40 हजार का फ्राड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हर बात पर गूगल सर्च करने वालों के लिए यह खबर किसी सबक से कम नहीं है। खासकर कस्टमर केयर या हेल्पलाइन नंबर तलाश करने में बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योंकि साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी हेल्पलाइन अथवा कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर रखा है। जो गूगल पर सर्च करते ही असली के साथ दिख जाती हैं। उन नंबरों को डायल करने पर कॉल साइबर ठगों के पास चली जाती है। ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर कोई महिला या पुरुष बातों में फंसाकर गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रुपये उड़ा ले रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हमें किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर का नंबर उस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ही लेना चाहिए। बुधवार को सोनहा क्षेत्र की एक महिला के साथ ऐसा ही फ्राड हो चुका है। बस्थनवा गांव की सुशीला देवी का फोन- पे एप बंद हो गया था। उसे ठीक करने के लिए उसने गूगल से हेल्पलाइन नंबर सर्च किया। हेल्पलाइन नंबर पर मिलने पर उसने कॉल किया तो दूसरी तरफ से खाता नंबर आदि की पूरी जानकारी मांगी गई। इसके कुछ देर बाद उसके मोबाइल फोन पर ओटीपी आया। जिसे कॉल करने वाले ने पूछकर खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए।
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इसके अलावा भूअर निरंजनपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें 25 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन होल्ड हो गया था। जानकारी के लिए गूगल पर बैंक का कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। गूगल से मिले कस्टमर केयर नंबर पर डायल कर मदद मांगी। दूसरी तरफ से बोलने वाले ने खाते का डिटेल मांगा और बातों में उलझाकर 45 हजार रुपये निकाल लिए थे। साइबर सेल के लाख प्रयास के बावजूद रुपये वापस नहीं कराए जा सके।
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इन बातों का रखें ध्यान
- लालच में आकर अनजान व्यक्ति से आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें।
- ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन की ऑफिसियल साइट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर ही संपर्क करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें, किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई अनजान व्यक्ति फोन कर किसी स्कीम आदि का लालच दे, तो उसके झांसे में न आएं।
- फ्री रीचार्ज, कैशबैक, क्रेडिट कार्ड ऑफर के कॉल व मैसेज से बचें।
- केवीसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचें।
- ओएलएक्स के फर्जी नंबर और फर्जी कस्टमर केयर से बचें।
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यहां करें शिकायत
साइबर क्राइम के प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि इस तरह की ठगी का शिकार अगर कोई उपभोक्ता हो जाता है तो तुरंत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर-1930 पर काॅल करें। साथ ही, साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https// www.cybeycrime.gov.in या नजदीकी थाना-चौकी में दर्ज करा सकते हैं। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर पैसा सुरक्षित वापस आने की संभावना रहती है।