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Basti News: बदलते मौसम में फैल रही बीमारी... वायरल बुखार के बढ़ रहे रोगी
Sun, 01 Sep 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 01 Sep 2024 01:04 AM IST
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जिला अस्पताल और कैली की ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार एवं खांसी-जुकाम के पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम का मिजाज बदल रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन बीमारियों से महिला-पुरुष से लेकर बच्चे तक प्रभावित हो रहे हैं। जिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली के मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं।
इन दिनों तापमान एक जैसा नहीं है। बारिश होने पर मौसम में नरमी देखने को मिल रही है। इसके बाद तल्ख धूप और उमस हो रही है। ठंड-गर्म के इस उतार-चढ़ाव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। बदन दर्द से शुरू होने वाली समस्या बुखार और खांसी-जुकाम तक पहुंच जा रही है। दो से तीन दिन में ही लोग इस बीमारी से बेहाल हो जा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 600 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें करीब 200 मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंचे। यहां तेज बुखार, खांसी-जुकाम और उल्टी-दस्त से पीड़ितों की संख्या ज्यादा रही। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि आजकल ज्यादातर बुखार, खांसी के मरीज आ रहे हैं। यह मौसमी बीमारी है। सजगता से ही इससे बचा जा सकता है। तीन से पांच दिन लगातार दवा करने पर यह बीमारी खत्म हो जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भी इस तरह के मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच रही है। डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि बदन दर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में भी इस तरह के मरीज ज्यादातर आ रहे हैं। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। 60 से अधिक उम्र होने पर शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इस वजह से मौसम के उतार-चढ़ाव के समय हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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चिल्ड्रेन वार्ड में भी बढ़ रहे मरीज
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। सामान्य वार्ड में 30 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इनमें उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा है। पीआईसीयू में 20 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इनमें अधिकतर बच्चे हाईग्रेड फीवर से पीड़ित हैंं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सराफराज ने बताया कि बच्चों में हाईग्रेड फीवर की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। गांवों में सतर्कता बरतने की ज्यादा जरूरत है। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों को पानी उबालकर पिलाएं। बुखार चढ़ने पर झोलाछाप डॉक्टर के संपर्क में न आकर सीधे अस्पताल पहुंचे।
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मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार एवं खांसी-जुकाम के पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम का मिजाज बदल रहा है। ऐसे में मौसमी बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इन बीमारियों से महिला-पुरुष से लेकर बच्चे तक प्रभावित हो रहे हैं। जिला अस्पताल और ओपेक चिकित्सालय कैली के मेडिसिन विभाग में वायरल बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं।
इन दिनों तापमान एक जैसा नहीं है। बारिश होने पर मौसम में नरमी देखने को मिल रही है। इसके बाद तल्ख धूप और उमस हो रही है। ठंड-गर्म के इस उतार-चढ़ाव में लोग बीमार पड़ रहे हैं। बदन दर्द से शुरू होने वाली समस्या बुखार और खांसी-जुकाम तक पहुंच जा रही है। दो से तीन दिन में ही लोग इस बीमारी से बेहाल हो जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 600 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें करीब 200 मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंचे। यहां तेज बुखार, खांसी-जुकाम और उल्टी-दस्त से पीड़ितों की संख्या ज्यादा रही। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि आजकल ज्यादातर बुखार, खांसी के मरीज आ रहे हैं। यह मौसमी बीमारी है। सजगता से ही इससे बचा जा सकता है। तीन से पांच दिन लगातार दवा करने पर यह बीमारी खत्म हो जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भी इस तरह के मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच रही है। डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि बदन दर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में भी इस तरह के मरीज ज्यादातर आ रहे हैं। बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। 60 से अधिक उम्र होने पर शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इस वजह से मौसम के उतार-चढ़ाव के समय हल्की सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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चिल्ड्रेन वार्ड में भी बढ़ रहे मरीज
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। सामान्य वार्ड में 30 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इनमें उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या ज्यादा है। पीआईसीयू में 20 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। इनमें अधिकतर बच्चे हाईग्रेड फीवर से पीड़ित हैंं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सराफराज ने बताया कि बच्चों में हाईग्रेड फीवर की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। गांवों में सतर्कता बरतने की ज्यादा जरूरत है। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों को पानी उबालकर पिलाएं। बुखार चढ़ने पर झोलाछाप डॉक्टर के संपर्क में न आकर सीधे अस्पताल पहुंचे।