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Basti News: डीजल की किल्लत बरकरार, पंपों पर लग रही वाहनों की लंबी कतार
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बस्ती। डीजल की समस्या बढ़ती जा रही है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना हैं कि पेट्रोल की आपूर्ति तो जैसे-तैसे हो जा रही है लेकिन, डीजल के टैंकर कई-कई दिन नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे ग्राहकों को लौटा देना पड़ रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण और हाईवे के 50 प्रतिशत पंप सूखे पड़े हैं। कुछ खुले पंपों पर सिर्फ पेट्रोल उपलब्ध है। डीजल गाड़ियां से इधर से उधर तेल भरवाने के लिए दौड़ती नजर आ रही है। आपूर्ति विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में 183 पंट्रोल पंप संचालित है। 17 पेट्रोल पंप सूख हो गए हैं।
यहां दो महीने से डीजल-पेट्रोल की आवक ठप है। इसके अलावा 60 से 70 पंप रोजाना बंद हो जा रहे हैं। संचालकों का कहना हैं कि कंपनियों की तरफ शिफ्टवार पंपों को तेल दिया जा रहा है। इसीलिए लगातार कोई पंप बंद नहीं हो रहा है लेकिन, रोजाना बदल- बदलकर 60 से 70 पंप बंद चल रहे हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों को बंद देखकर दो पहिया, चार पहिया वाहन लौट जा रहे हैं।
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ग्राहक डीजल के लिए वाहन लेकर गांव से लेकर शहर तक दौड़ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। केवल पेट्रोल मिल रहा है। ऐसे में डीजल के लिए लोग हाईवे के पंपों पर पहुंच रहे हैं। शाम ढलने के बाद हाईवे के फुटहिया, हंडिया, पॉलीटेक्निक आदि जगहों पर पेट्रोल पंपों पर ट्रक, बस, ट्रेलर जैसे भारी वाहनों की कतार लग रही है। जगह-जगह स्थित पेट्रोल पंपों के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई है। दिन में शहर के कुछ पंप खुले थे। केवल मालवीय रोड के एक पंप पर डीजल मिल रहा था। इसके अलावा अन्य पंपों पर केवल पेट्रोल उपलब्ध रहा। मालवीय मार्ग, स्टेशन रोड, जिगिना, गांधीनगर, महुली मार्ग पर एक दर्जन से अधिक पंप बंद पाए गए। हाईवे पर भी कुछ पंपों पर वितरण हो रहा है। कुछ पंप बंद देखे जा रहे हैं। पंप संचालकों का कहना हैं कि मांग के हिसाब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से सप्ताह में दो बार ही तेल का वितरण हो पा रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
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शहर से लेकर ग्रामीण और हाईवे के 50 प्रतिशत पंप सूखे पड़े हैं। कुछ खुले पंपों पर सिर्फ पेट्रोल उपलब्ध है। डीजल गाड़ियां से इधर से उधर तेल भरवाने के लिए दौड़ती नजर आ रही है। आपूर्ति विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में 183 पंट्रोल पंप संचालित है। 17 पेट्रोल पंप सूख हो गए हैं।
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यहां दो महीने से डीजल-पेट्रोल की आवक ठप है। इसके अलावा 60 से 70 पंप रोजाना बंद हो जा रहे हैं। संचालकों का कहना हैं कि कंपनियों की तरफ शिफ्टवार पंपों को तेल दिया जा रहा है। इसीलिए लगातार कोई पंप बंद नहीं हो रहा है लेकिन, रोजाना बदल- बदलकर 60 से 70 पंप बंद चल रहे हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों को बंद देखकर दो पहिया, चार पहिया वाहन लौट जा रहे हैं।
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ग्राहक डीजल के लिए वाहन लेकर गांव से लेकर शहर तक दौड़ रहे हैं। शहरी क्षेत्र के पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है। केवल पेट्रोल मिल रहा है। ऐसे में डीजल के लिए लोग हाईवे के पंपों पर पहुंच रहे हैं। शाम ढलने के बाद हाईवे के फुटहिया, हंडिया, पॉलीटेक्निक आदि जगहों पर पेट्रोल पंपों पर ट्रक, बस, ट्रेलर जैसे भारी वाहनों की कतार लग रही है। जगह-जगह स्थित पेट्रोल पंपों के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई है। दिन में शहर के कुछ पंप खुले थे। केवल मालवीय रोड के एक पंप पर डीजल मिल रहा था। इसके अलावा अन्य पंपों पर केवल पेट्रोल उपलब्ध रहा। मालवीय मार्ग, स्टेशन रोड, जिगिना, गांधीनगर, महुली मार्ग पर एक दर्जन से अधिक पंप बंद पाए गए। हाईवे पर भी कुछ पंपों पर वितरण हो रहा है। कुछ पंप बंद देखे जा रहे हैं। पंप संचालकों का कहना हैं कि मांग के हिसाब डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इस वजह से सप्ताह में दो बार ही तेल का वितरण हो पा रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।