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Basti News: अफसरों की उदासीनता, ठहरी विकास कार्यों की रफ्तार
Sat, 02 Sep 2023 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:06 AM IST
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बस्ती। जिले के विकास की अधूरी कहानी बस्ती-कांटे मार्ग की दशा बयां कर रही है। करीब 12 किमी लंबी सड़क के लिए शासन से सात करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन इस धन से होने वाला काम अभी अधूरा है। ऐसे में जिला मुख्यालय से मुंडेरवा तक का सफर काफी मुश्किलों भरा साबित हो रहा है।
शहर का विकास अफसरों की उदासीनता के चलते प्रभावित है। आलम यह है कि यहां विकास कार्याें के नाम पर रोड़ाभर काम नहीं हो रहा है। दिसंबर 2022 में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल के लिए 15 वाटर एटीएम लगाए गए, लेकिन चंद रोज बाद सभी से पानी की आपूर्ति ठप हो गई। इसे ठीक कराने की जहमत अफसर अब तक नहीं उठा पा रहे हैं। नतीजा करीब 40 लाख रुपये बर्बाद हो गए। फिलहाल, बेपानी वाटर एटीएम अब सड़क किनारे शोपीस बनकर खड़े हैं। शहरी विकास की नींव मानी जाने वाली सड़क व नाला दोनों बदहाल हैं।
नगर पालिका की ओर से मालवीय मार्ग पर करीब आधा किमी नाला अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश के दिनों में तीन मुहल्लों में पानी भर जाता है। फिर भी अफसरों को शहरवासियों की परेशानी नहीं दिख रही है।
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मई में पूरा होना था निर्माण, देर हुई तो बारिश ने रोक दिया काम
शहर के बड़े अस्पताल यानी प्रवेश द्वार से लेकर कांटे तक सड़क निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के जिम्मे है। विभाग ने 15 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। स्वीकृति मिली, लेकिन निर्माण के लिए महज सात करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए, जिसमें आठ किमी मार्ग का डामरीकरण और शहर के प्रवेश द्वार मनहनडीह के निकट व मुंडेरवा में दो-दो किमी आरसीसी का निर्माण होना है। मार्ग का डामरीकरण करा दिया गया, लेकिन अभी तक आरसीसी का काम पूरा नहीं हुआ, जबकि मार्ग का संपूर्ण निर्माण मई तक पूरा हो जाना था। मुंडेरवा व शहर के प्रवेश द्वारा पर काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे स्थिति खतरनाक बनी हुई है।
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मालवीय मार्ग पर अधूरे नाले से मुहल्लों में भर जाता है बारिश का पानी
शहर में सड़कों व नालों की दशा अत्यंत खराब है। शहर की कोई सड़क चलने लायक नहीं है। मुहल्लों के मार्ग भी टूट कर गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। वहीं मालवीय रोड पर चौराहे के निकट करीब आधा किमी नाला अधूरा है। बारिश में इसी अधूरे नाले के कारण रौता, धर्मशाला, विवेकानंद कॉलाेनी, जेडी नगर पानी रुक जाता है, जिससे मुहल्लावासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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मुंडेरवा, गिदही, टीबी अस्पताल के सामने आरसीसी रोड की एक ही लेन बनाई गई है। यह बहुत खतरनाक है। एक ओर मार्ग और दूसरी ओर गहरे गड्ढे हैं। जो आवागमन में जोखिम को बढ़ा रहे है।
-गुड्डू जायसवाल, व्यावसायी
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बस्ती-कांटे मार्ग व्यावसायिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह मार्ग शहर के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसकी बदहाली किसी से छुपी नहीं है। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा सभी भुगत रहे हैं।
-रिंकू जायसवाल, व्यावसायी, मुंडेरवा
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मुंडेरवा कस्बे के मछली मंडी से काली मंदिर तक मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। आरसीसी की एक ही लेन का निर्माण कराया गया है। पूरे मार्ग पर गिट्टी, मौरंग, बालू, मिक्सर मशीन का कब्जा है। यहां सिर्फ मोटरसाइकिल से आया जाया जा सकता है।
-सुनील, व्यवसायी, मुंडेरवा
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जब वाटर एटीएम लगा था तब एक रुपये में शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल जाता था। लगाने के एक महीने बाद तकनीकी खामी की वजह से यह खराब हो गया। नगर पालिका में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
-निखिल, व्यावसायी, रोडवेज
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वर्जन-
बारिश खत्म हो चुकी है। दोबारा मार्ग का निर्माण जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। महीनेभर में मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
-अवधेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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शहर के मालवीय रोड का अधूरा नाला निर्माण इस बार प्रस्तावित कार्य योजना में डाला गया है। पिछली बार जो धन मिला था, उससे नाले तक ही कार्य हो पाया। धन की कमी के चलते काम पूरा नहीं हो पाया। रही वाटर एटीएम की बात तो आपूर्तिकर्ता कंपनी को पत्र लिखकर ठीक कराने को कहा गया है।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, बस्ती
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शहर का विकास अफसरों की उदासीनता के चलते प्रभावित है। आलम यह है कि यहां विकास कार्याें के नाम पर रोड़ाभर काम नहीं हो रहा है। दिसंबर 2022 में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल के लिए 15 वाटर एटीएम लगाए गए, लेकिन चंद रोज बाद सभी से पानी की आपूर्ति ठप हो गई। इसे ठीक कराने की जहमत अफसर अब तक नहीं उठा पा रहे हैं। नतीजा करीब 40 लाख रुपये बर्बाद हो गए। फिलहाल, बेपानी वाटर एटीएम अब सड़क किनारे शोपीस बनकर खड़े हैं। शहरी विकास की नींव मानी जाने वाली सड़क व नाला दोनों बदहाल हैं।
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नगर पालिका की ओर से मालवीय मार्ग पर करीब आधा किमी नाला अधूरा छोड़ दिया गया है। बारिश के दिनों में तीन मुहल्लों में पानी भर जाता है। फिर भी अफसरों को शहरवासियों की परेशानी नहीं दिख रही है।
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मई में पूरा होना था निर्माण, देर हुई तो बारिश ने रोक दिया काम
शहर के बड़े अस्पताल यानी प्रवेश द्वार से लेकर कांटे तक सड़क निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के जिम्मे है। विभाग ने 15 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। स्वीकृति मिली, लेकिन निर्माण के लिए महज सात करोड़ रुपये ही अवमुक्त हुए, जिसमें आठ किमी मार्ग का डामरीकरण और शहर के प्रवेश द्वार मनहनडीह के निकट व मुंडेरवा में दो-दो किमी आरसीसी का निर्माण होना है। मार्ग का डामरीकरण करा दिया गया, लेकिन अभी तक आरसीसी का काम पूरा नहीं हुआ, जबकि मार्ग का संपूर्ण निर्माण मई तक पूरा हो जाना था। मुंडेरवा व शहर के प्रवेश द्वारा पर काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे स्थिति खतरनाक बनी हुई है।
मालवीय मार्ग पर अधूरे नाले से मुहल्लों में भर जाता है बारिश का पानी
शहर में सड़कों व नालों की दशा अत्यंत खराब है। शहर की कोई सड़क चलने लायक नहीं है। मुहल्लों के मार्ग भी टूट कर गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। वहीं मालवीय रोड पर चौराहे के निकट करीब आधा किमी नाला अधूरा है। बारिश में इसी अधूरे नाले के कारण रौता, धर्मशाला, विवेकानंद कॉलाेनी, जेडी नगर पानी रुक जाता है, जिससे मुहल्लावासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मुंडेरवा, गिदही, टीबी अस्पताल के सामने आरसीसी रोड की एक ही लेन बनाई गई है। यह बहुत खतरनाक है। एक ओर मार्ग और दूसरी ओर गहरे गड्ढे हैं। जो आवागमन में जोखिम को बढ़ा रहे है।
-गुड्डू जायसवाल, व्यावसायी
बस्ती-कांटे मार्ग व्यावसायिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यह मार्ग शहर के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसकी बदहाली किसी से छुपी नहीं है। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा सभी भुगत रहे हैं।
-रिंकू जायसवाल, व्यावसायी, मुंडेरवा
मुंडेरवा कस्बे के मछली मंडी से काली मंदिर तक मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। आरसीसी की एक ही लेन का निर्माण कराया गया है। पूरे मार्ग पर गिट्टी, मौरंग, बालू, मिक्सर मशीन का कब्जा है। यहां सिर्फ मोटरसाइकिल से आया जाया जा सकता है।
-सुनील, व्यवसायी, मुंडेरवा
जब वाटर एटीएम लगा था तब एक रुपये में शुद्ध व ठंडा पेयजल मिल जाता था। लगाने के एक महीने बाद तकनीकी खामी की वजह से यह खराब हो गया। नगर पालिका में कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
-निखिल, व्यावसायी, रोडवेज
वर्जन-
बारिश खत्म हो चुकी है। दोबारा मार्ग का निर्माण जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। महीनेभर में मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
-अवधेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
शहर के मालवीय रोड का अधूरा नाला निर्माण इस बार प्रस्तावित कार्य योजना में डाला गया है। पिछली बार जो धन मिला था, उससे नाले तक ही कार्य हो पाया। धन की कमी के चलते काम पूरा नहीं हो पाया। रही वाटर एटीएम की बात तो आपूर्तिकर्ता कंपनी को पत्र लिखकर ठीक कराने को कहा गया है।
-दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, बस्ती