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Basti News: नाबालिग की मौत मामले में पुलिसकर्मियाें की बर्खास्तगी की मांग
Thu, 27 Mar 2025 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:27 AM IST
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बस्ती। पुलिस की पिटाई से 16 वर्षीय आदर्श की मौत का मामला जोर पकड़ता जा रहा है। बुधवार को दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई निवासी आदर्श के पिता ओम प्रकाश उपाध्याय ने जिलाधिकारी, एसपी और बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष को पत्र देकर दुबौलिया थानाध्यक्ष के साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की।
पत्र में ओम प्रकाश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र आदर्श को दुबौलिया पुलिस बिना परिजनों को सूचित किए 24 मार्च की शाम को थाने ले गई और उसे मारा पीटा। धमकाया और कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराने के बाद 25 मार्च को उसके विरुद्ध शिकायती पत्र का हवाला देकर केस पंजीकृत किया। दुबौलिया पुलिस ने बेटे को छोड़ने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की। बाद में उनकी पत्नी को बुलाकर बेटे को छोड़ दिया। जब आदर्श थाने से घर पहुंचा तो उसे खून की उल्टी होने लगी। उसे सीएचसी हर्रैया ले जाया गया। चिकित्सकोें ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे रेफर कर दिया। इसके पहले कि इलाज के लिए कहीं ले जाते, उसकी मौत हो गई। उसकी मौत पुलिसिया उत्पीड़न, आंतरिक चोट या हार्ट अटैक से हुई है। बेटे की मौत के जिम्मेदार दुबौलिया थानाध्यक्ष, पुलिस कर्मी हैं, जिन्होंने बिना विधिक प्रक्रिया के उसे 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठाए रखा और मारा पीटा। ओम प्रकाश उपाध्याय के साथ चंद्रमणि पांडेय ‘सुदामा’, अच्युतानंद तिवारी, धर्मेंद्र कुमार, सुनील सिंह, विजय शंकर आदि शामिल रहे।
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पत्र में ओम प्रकाश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र आदर्श को दुबौलिया पुलिस बिना परिजनों को सूचित किए 24 मार्च की शाम को थाने ले गई और उसे मारा पीटा। धमकाया और कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराने के बाद 25 मार्च को उसके विरुद्ध शिकायती पत्र का हवाला देकर केस पंजीकृत किया। दुबौलिया पुलिस ने बेटे को छोड़ने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की। बाद में उनकी पत्नी को बुलाकर बेटे को छोड़ दिया। जब आदर्श थाने से घर पहुंचा तो उसे खून की उल्टी होने लगी। उसे सीएचसी हर्रैया ले जाया गया। चिकित्सकोें ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे रेफर कर दिया। इसके पहले कि इलाज के लिए कहीं ले जाते, उसकी मौत हो गई। उसकी मौत पुलिसिया उत्पीड़न, आंतरिक चोट या हार्ट अटैक से हुई है। बेटे की मौत के जिम्मेदार दुबौलिया थानाध्यक्ष, पुलिस कर्मी हैं, जिन्होंने बिना विधिक प्रक्रिया के उसे 24 घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठाए रखा और मारा पीटा। ओम प्रकाश उपाध्याय के साथ चंद्रमणि पांडेय ‘सुदामा’, अच्युतानंद तिवारी, धर्मेंद्र कुमार, सुनील सिंह, विजय शंकर आदि शामिल रहे।
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