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Basti News: साइबर टीम ने हैकरों से वापस कराए दो लाख रुपये
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साइबर टीम ने हैकरों से वापस कराए दो लाख रुपये
लोन पास होने का झांसा देकर खाते से उड़ाई गई थी रकम
बस्ती। ऑनलाइन लोन का झांसा देकर खाते से उड़ाए गए दो लाख 10 हजार रुपये पुलिस के साइबर सेल ने वापस कराने में कामयाबी हासिल की है। पैकोलिया थाना क्षेत्र के बावरपारा निवासी सुधांशु शुक्ल के खाते से हैकरों ने यह रुपये निकाल लिए थे।
खातेदार ने एसपी आशीष को प्रार्थनापत्र दिया। साथ ही एसपी के आदेश पर 24 जुलाई को पैकोलिया थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उधर, एसपी ने साइबर सेल के प्रभारी मजहर खां, कांस्टेबल मोहन यादव, अभिषेक कुमार त्रिपाठी, घनश्याम यादव, संदीप कुमार, रुपेश यादव, गौरव यादव को इसके खुलासे का टास्क सौंपा।
छानबीन में पता लगा कि हैकरों ने खातेदार सुधांशु शुक्ल को फोन करके बताया कि उनका प्रीअप्रूव लोन स्वीकृत हो गया है। इसका प्रॉसेस करने के लिए उन्हें एक एप डाउनलोड करना होगा। साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक, एप डाउनलोड करते ही खातेदार की मोबाइल का रिमोट हैकर के हाथ में चला गया। इसके बाद उसने उनसे तीन सौ रुपये यूपीआई के जरिये ट्रांसफर करने को कहा। रुपये ट्रांसफर करने के लिए जब उन्होंने पिन डाला तो हैकर को इसका पता चल गया। उसने खाते में मौजूद दो लाख 10 हजार नौ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
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साइबर टीम ने अपनी तकनीकी और कार्यकुशलता से हैकर का खाता फ्रीज कराया और काफी कोशिश के बाद उसके खाते से ट्रांसफर की गई रकम वापस मंगा लिया। गंवाई रकम खाते में वापस आने पर सुधांशु शुक्ल के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बृहस्पतिवार को वह साइबर सेल में पहुंचे और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
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लोन पास होने का झांसा देकर खाते से उड़ाई गई थी रकम
बस्ती। ऑनलाइन लोन का झांसा देकर खाते से उड़ाए गए दो लाख 10 हजार रुपये पुलिस के साइबर सेल ने वापस कराने में कामयाबी हासिल की है। पैकोलिया थाना क्षेत्र के बावरपारा निवासी सुधांशु शुक्ल के खाते से हैकरों ने यह रुपये निकाल लिए थे।
खातेदार ने एसपी आशीष को प्रार्थनापत्र दिया। साथ ही एसपी के आदेश पर 24 जुलाई को पैकोलिया थाने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उधर, एसपी ने साइबर सेल के प्रभारी मजहर खां, कांस्टेबल मोहन यादव, अभिषेक कुमार त्रिपाठी, घनश्याम यादव, संदीप कुमार, रुपेश यादव, गौरव यादव को इसके खुलासे का टास्क सौंपा।
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छानबीन में पता लगा कि हैकरों ने खातेदार सुधांशु शुक्ल को फोन करके बताया कि उनका प्रीअप्रूव लोन स्वीकृत हो गया है। इसका प्रॉसेस करने के लिए उन्हें एक एप डाउनलोड करना होगा। साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक, एप डाउनलोड करते ही खातेदार की मोबाइल का रिमोट हैकर के हाथ में चला गया। इसके बाद उसने उनसे तीन सौ रुपये यूपीआई के जरिये ट्रांसफर करने को कहा। रुपये ट्रांसफर करने के लिए जब उन्होंने पिन डाला तो हैकर को इसका पता चल गया। उसने खाते में मौजूद दो लाख 10 हजार नौ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
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साइबर टीम ने अपनी तकनीकी और कार्यकुशलता से हैकर का खाता फ्रीज कराया और काफी कोशिश के बाद उसके खाते से ट्रांसफर की गई रकम वापस मंगा लिया। गंवाई रकम खाते में वापस आने पर सुधांशु शुक्ल के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बृहस्पतिवार को वह साइबर सेल में पहुंचे और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।