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Basti News: तिथियां बदलीं, तथागत बदले, तेवर बदल गए...
Thu, 16 Mar 2023 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:46 PM IST
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राष्ट्रीय चेतना साहित्य एवं संस्कृति संस्थान की ओर कवि सम्मेलन में बाल संरक्षण अधिकारी वीना सिं
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कवि सम्मेलन का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती । राष्ट्रीय चेतना साहित्य एवं संस्कृति संस्थान की ओर बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब में सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अजय कुमार श्रीवास्तव ‘अश्क’ ने की। रूचि दूबे के सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का आरंभ हुआ।
प्रदीप चंद्र पांडेय की रचना- तिथियां बदलीं, तथागत बदले, तेवर बदल गए’ बुनियादी संघर्षों वाले जाने किधर गए’ ने श्रोताओं को सोचने पर विवश किया। विनोद उपाध्याय ‘हर्षित’ ने बस्ती की गाथा सुनाकर वाहवाही लूटी। वरिष्ठ कवि डाॅ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कुछ यूं कहा ‘ नहीं पड़ेगा आंगने अगर पिया का पांव, ऐ फागुन तुझको नहीं आने दूंगी गांव’ को प्रस्तुत कर वातावरण को सरस बना दिया।
कार्यक्रम में अरबन कोआपरेटिव बैंक के सचिव महेंद्र सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी वीना सिंह को स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र, प्रमाणपत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डाॅ. वीके. वर्मा, पंकज शास्त्री, विजय श्रीवास्तव, अनुष्का चौरसिया, सागर गोरखपुरी, भावुक आदि ने काव्य पाठ किया।
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बस्ती । राष्ट्रीय चेतना साहित्य एवं संस्कृति संस्थान की ओर बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब में सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता अजय कुमार श्रीवास्तव ‘अश्क’ ने की। रूचि दूबे के सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का आरंभ हुआ।
प्रदीप चंद्र पांडेय की रचना- तिथियां बदलीं, तथागत बदले, तेवर बदल गए’ बुनियादी संघर्षों वाले जाने किधर गए’ ने श्रोताओं को सोचने पर विवश किया। विनोद उपाध्याय ‘हर्षित’ ने बस्ती की गाथा सुनाकर वाहवाही लूटी। वरिष्ठ कवि डाॅ. राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कुछ यूं कहा ‘ नहीं पड़ेगा आंगने अगर पिया का पांव, ऐ फागुन तुझको नहीं आने दूंगी गांव’ को प्रस्तुत कर वातावरण को सरस बना दिया।
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कार्यक्रम में अरबन कोआपरेटिव बैंक के सचिव महेंद्र सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी वीना सिंह को स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र, प्रमाणपत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डाॅ. वीके. वर्मा, पंकज शास्त्री, विजय श्रीवास्तव, अनुष्का चौरसिया, सागर गोरखपुरी, भावुक आदि ने काव्य पाठ किया।
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