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दुर्घटना में घायल ने तड़पकर दम तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:49 PM IST
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मृतक संतोष (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
परशुरामपुर। कोपवा गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। कोई वाहन न मिलने से थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। पुलिस और एंबुलेंस से मदद नहीं मिलने के कारण परिवार के लोग आक्रोशित हो गए। बाद में किसी तरह लोगों को शांत कर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
हरैया क्षेत्र के पंडितपुरवा निवासी 35 वर्षीय संतोष तिवारी पुत्र अरुण कुमार अपनी बहन सोनम की ससुराल कोपवा थाना परशुपामपुर जा रहे थे। बृहस्पतिवार दिन में करीब 11:30 बजे संतोष कोपवा गांव के दक्षिण सीवान के पास पहुंचे ही थे तभी ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गया। वह हेलमेट भी नहीं लगाए थे जिससे सिर तथा शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट लगी। हादसा होते ही चालक ट्रैक्टर छोडकर भाग निकला। घटनास्थल से गुजर रहे राहगीरों ने डायल 100 और 108 एंबुलेंस तथा स्थानीय पुलिस को भी फोन किया। इस दौरान भीड़ भी तमाशबीन बनी रही। करीब पौन घंटे इंतजार के बाद किसी जिम्मेदार के नहीं पहुंचने पर कुछ लोगों ने बाइक की डिग्गी से मिले पेपर के आधार पर परिवार वालों को घटना की जानकारी दी।
इस दौरान कोपवा गांव के लोग पहुंचे और उसकी संतोष के रूप में पहचान की। काफी समय बाद पहुंची परशुरामपुर पुलिस भी भीड़ का हिस्सा बनी रही। घटना से करीब दो घंटे तक संतोष सड़क पर पड़ा रहा। अत्यधिक खून बहने से घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। दोपहर 2:30 बजे जब पुलिस ने शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगाई तो मृतक के चाचा सूर्यप्रकाश तथा अन्य ग्रामीण भड़क गए। पुलिस की कार्यशैली से नाराज होने के कारण शव के साथ ही सड़क पर बैठ गए। इसी बीच जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से दुर्घटना हुई उसेे ईंट-भट्टे पर भेज दिया। जिससे परिवार वालों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके की नजाकत देखकर हर्रैया और पैकोलिया की पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने शब को उठाने नहीं दिया। परिवार वालों का कहना था कि पुलिस उस ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले, जिसे पुलिस ने हटा दिया। काफी मान मनौव्वल के बाद परिजनों ने परशुरामपुर पुलिस को न देकर शव पैकोलिया पुलसि को दिया। जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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हरैया क्षेत्र के पंडितपुरवा निवासी 35 वर्षीय संतोष तिवारी पुत्र अरुण कुमार अपनी बहन सोनम की ससुराल कोपवा थाना परशुपामपुर जा रहे थे। बृहस्पतिवार दिन में करीब 11:30 बजे संतोष कोपवा गांव के दक्षिण सीवान के पास पहुंचे ही थे तभी ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गया। वह हेलमेट भी नहीं लगाए थे जिससे सिर तथा शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट लगी। हादसा होते ही चालक ट्रैक्टर छोडकर भाग निकला। घटनास्थल से गुजर रहे राहगीरों ने डायल 100 और 108 एंबुलेंस तथा स्थानीय पुलिस को भी फोन किया। इस दौरान भीड़ भी तमाशबीन बनी रही। करीब पौन घंटे इंतजार के बाद किसी जिम्मेदार के नहीं पहुंचने पर कुछ लोगों ने बाइक की डिग्गी से मिले पेपर के आधार पर परिवार वालों को घटना की जानकारी दी।
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इस दौरान कोपवा गांव के लोग पहुंचे और उसकी संतोष के रूप में पहचान की। काफी समय बाद पहुंची परशुरामपुर पुलिस भी भीड़ का हिस्सा बनी रही। घटना से करीब दो घंटे तक संतोष सड़क पर पड़ा रहा। अत्यधिक खून बहने से घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। दोपहर 2:30 बजे जब पुलिस ने शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगाई तो मृतक के चाचा सूर्यप्रकाश तथा अन्य ग्रामीण भड़क गए। पुलिस की कार्यशैली से नाराज होने के कारण शव के साथ ही सड़क पर बैठ गए। इसी बीच जिस ट्रैक्टर ट्रॉली से दुर्घटना हुई उसेे ईंट-भट्टे पर भेज दिया। जिससे परिवार वालों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके की नजाकत देखकर हर्रैया और पैकोलिया की पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने शब को उठाने नहीं दिया। परिवार वालों का कहना था कि पुलिस उस ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले, जिसे पुलिस ने हटा दिया। काफी मान मनौव्वल के बाद परिजनों ने परशुरामपुर पुलिस को न देकर शव पैकोलिया पुलसि को दिया। जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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