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खजाना भरने को खाली कर दी घाघरा की कोख

Mon, 11 Jun 2018 11:57 PM IST
basti
basti Updated Mon, 11 Jun 2018 11:57 PM IST
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the digging of sand in ghaghara
कुदरहा क्षेत्र में हो रहा बालू खनन। - फोटो : amar ujala
बस्ती/कुदरहा।  खजाना भरने की लालच में प्रशासन ने घाघरा की कोख को खाली करा दिया। यहां बड़े पैमाने पर बालू खनन से नदी की धारा बंधे से सीधी टकराने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, ओवरलोड बालू लदे ट्रकों की आवाजाही से बंधे की ऊंचाई भी एक मीटर घट गई है। ऐसे में जल स्तर बढ़ने पर पानी को रोक पाना विभाग के लिए पहाड़ होगा। यह सब तब हुआ जब बाढ़ खंड ने प्रशासन को उक्त स्थितियों के लिए कई पत्र लिखकर टेंगरिहा राजा में बालू खनन रोकने का अनुरोध किया था।
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घाघरा के किनारे महुआ पार खुर्द में बालू खनन पट्टा होने की जानकारी जैसे ही बाढ़ खंड के अधिकारियों को हुई तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि नदी यहीं से कटान करते हुए बंधे की ओर बढ़ती है। विभाग ने आनन-फानन एसडीएम को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए बंधे के वजूद को बचाने के लिए खतरा बताया और इस पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया। लेकिन जिम्मेदारों ने उनकी एक न सुनी और खनन का अनुबंध रातोंरात कर डाला। अपनी स्थिति का आकलन कर बाढ़ खंड ने एक के बाद एक तीन पत्र लिखे, मगर उनकी सुनने को प्रशासन तैयार न हुआ और लाइसेंसियों ने पोकलैन से ज्यादा से ज्यादा बालू निकालने का काम जारी रखा। चिह्नित स्थल माझा खुर्द के बजाय टेंगरिहा राजा के सीवान में खनन किए जाने का विरोध भी ग्रामीणों ने कई बार किया। इस क्षेत्र में तमाम प्रयास के बावजूद खनन पर रोक न लगाने की जिम्मेदारों की लापरवाही अब बंधे की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। महज बीस दिनों में नदी उफान पर होगी फिर पानी तेजी से बालू हटने से बने गहरे गड्ढों की ओर बढ़ेगा और बंधे से टकराने लगेगा। यही नहीं बंधे की ऊंचाई घटने के कारण जल स्तर बढ़ने पर ओवरफ्लो का भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में बाढ़ खंड के हाथ-पांव फूल गए हैं। यदि स्थितियां नियंत्रण में न हुईं तो बंधे के उत्तर तरफ बसे दो दर्जन से अधिक गांवों का अस्तित्व मिट जाएगा।              
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एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि बाढ़ खंड से पत्र मिला है, जिसमें जल स्तर बढ़ने पर बंधा बचाने के लिए ऊंचाई बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। जिसके लिए आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। किसी भी कीमत पर बंधे को नुुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सहायक अभियंता बाढ़ खंड एसएन सिंह ने कहा कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए विभाग ने कई पत्र प्रशासन को लिखे थे। खनन और ओवरलोड ट्रकों से जो क्षति हुई है उसकी भरपाई के लिए विभाग व्यक्तिगत तौर पर संपर्क कर रहा है। ताकि ठेकेदार बंधे की ऊंचाई को मेंटेन करे और खनन से बने गड्ढों का समतल करे।
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