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10 एकड़ में बनेगा ‘विशेष पुलिस थाना’
basti
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:40 PM IST
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डीएम ने किया निरीक्षण।
- फोटो : amar ujala
बस्ती। शहर के बाहरी इलाके के लिए ‘विशेष पुलिस थाना’ बनेगा। 10 एकड़ भूमि में बनाए जाने वाला यह थाना शहर के बाहरी/ग्रामीण क्षेत्र के लिए होगा। जिसका परिसर जिले के सभी थाने के लिए पार्किंग स्टेशन के रूप में भी इस्तेमाल होगा। इसके लिए डीएम ने एसपी से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। कहा कि जिला प्रशासन इसके लिए उपयुक्त जगह पर भूमि प्रदान करेगा ताकि मुकदमे से संबंधित संपत्ति/वाहन का निपटान किया जा सके।
सोमवार शाम डीएम डॉ. राजशेखर अचानक कोतवाली थाने जा पहुंचे। एसपी दिलीप कुमार के साथ परिसर का भ्रमण किया। जहां रिकॉर्ड्स / रजिस्टर का रखरखाव और अद्यतन अपडेट की प्रक्रिया दयनीय पाई गई। त्योहार रजिस्टर अधूरा पाया गया। वर्ष 2018 में होली और ईद की प्रविष्टियां अपडेट नहीं थीं। रजिस्टर की हालत बेहद दयनीय और अजीब शेप में पाकर डीएम खिन्न दिखे। समाधन दिवस रजिस्टर में प्रार्थनापत्रों का अपडेट अधूरा तो मिला ही अधिकांश आवेदकों के मोबाइल नंबर रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं थे। डीएम ने मोबाइल पर दो आवेदकों से बात करके निस्तारण की गुणवत्ता जांच करने लगे तो उसमें भी सुधार की जरूरत बताया है। इसके अलावा थाना तहसील दिवस आवेदन की न तो फोटोकॉपी रखी जाती है और न ही निपटान विवरण थाने में रखा जाता है। जिसके कारण पूर्ण गुणवत्ता जांच नहीं की जा सकती। डीएम ने एसपी को यह निर्देशित करने को कहा कि प्रत्येक थानों पर आवेदन की एक फोटोकॉपी और थाना में निस्तारण का विवरण रखने को कहा। रजिस्टर में मोबाइल नंबर (जैसा कि प्रत्येक आवेदन पर उल्लिखित है) का उल्लेख किया जाए। ताकि सीधे मोबाइल फोन पर आवेदकों से बात करके निस्तारण की जांच की जा सके। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न का पंजीकरण अद्यतन नहीं है और कई प्रविष्टियां (कुछ एफआईआर एक वर्ष से अधिक पुरानी हैं) नहीं की जाती हैं। जबकि बिना इसके किसी मामले की मौजूदा स्थिति पता लगाना संभव नहीं है।
कोई नहीं जानता कैसे बेकार हुआ टैंक
कोतवाली कैंपस में एक बड़ा ओवरहेड टैंक (ओएचटी) पिछले 10 वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ा है। डीएम यह जानकर आश्चर्यचकित रह गए कि इसकी किसी को जानकारी ही नहीं है कि यह क्यों अपूर्ण और निष्प्रयोज्य है? इसे काम लायक बनाने के लिए क्या किया जाना है ? डीएम ने एसपी से इसे गंभीरता से लेने को कहा, ताकि थाने के अधिकारियों को इसका फायदा मिले।
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सोमवार शाम डीएम डॉ. राजशेखर अचानक कोतवाली थाने जा पहुंचे। एसपी दिलीप कुमार के साथ परिसर का भ्रमण किया। जहां रिकॉर्ड्स / रजिस्टर का रखरखाव और अद्यतन अपडेट की प्रक्रिया दयनीय पाई गई। त्योहार रजिस्टर अधूरा पाया गया। वर्ष 2018 में होली और ईद की प्रविष्टियां अपडेट नहीं थीं। रजिस्टर की हालत बेहद दयनीय और अजीब शेप में पाकर डीएम खिन्न दिखे। समाधन दिवस रजिस्टर में प्रार्थनापत्रों का अपडेट अधूरा तो मिला ही अधिकांश आवेदकों के मोबाइल नंबर रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं थे। डीएम ने मोबाइल पर दो आवेदकों से बात करके निस्तारण की गुणवत्ता जांच करने लगे तो उसमें भी सुधार की जरूरत बताया है। इसके अलावा थाना तहसील दिवस आवेदन की न तो फोटोकॉपी रखी जाती है और न ही निपटान विवरण थाने में रखा जाता है। जिसके कारण पूर्ण गुणवत्ता जांच नहीं की जा सकती। डीएम ने एसपी को यह निर्देशित करने को कहा कि प्रत्येक थानों पर आवेदन की एक फोटोकॉपी और थाना में निस्तारण का विवरण रखने को कहा। रजिस्टर में मोबाइल नंबर (जैसा कि प्रत्येक आवेदन पर उल्लिखित है) का उल्लेख किया जाए। ताकि सीधे मोबाइल फोन पर आवेदकों से बात करके निस्तारण की जांच की जा सके। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न का पंजीकरण अद्यतन नहीं है और कई प्रविष्टियां (कुछ एफआईआर एक वर्ष से अधिक पुरानी हैं) नहीं की जाती हैं। जबकि बिना इसके किसी मामले की मौजूदा स्थिति पता लगाना संभव नहीं है।
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कोतवाली कैंपस में एक बड़ा ओवरहेड टैंक (ओएचटी) पिछले 10 वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़ा है। डीएम यह जानकर आश्चर्यचकित रह गए कि इसकी किसी को जानकारी ही नहीं है कि यह क्यों अपूर्ण और निष्प्रयोज्य है? इसे काम लायक बनाने के लिए क्या किया जाना है ? डीएम ने एसपी से इसे गंभीरता से लेने को कहा, ताकि थाने के अधिकारियों को इसका फायदा मिले।
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