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तबादले को एक और शिक्षक से मांगा घूस
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:24 AM IST
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तबादले को एक और शिक्षक से मांगा घूस
- फोटो : demo pic
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बीएसए कार्यालय में जिस आरोप में एंटी करप्शन की टीम ने लिपिक संतोष गुप्त को पकड़ा, ठीक उसी तरह एक अन्य शिक्षक से भी लेनदेन की बात चल रही थी। इस शिक्षक का तबादला भी राज्यमंत्री रामकरन आर्य के कहने पर बेसिक सचिव ने शिवनाथ चौधरी के साथ रामविलास चौधरी का तबादला करने का आदेश 30 जून बीएसए को दिया था। तभी से यह शिक्षक शिवनाथ चौधरी के साथ बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहा है।
विकास खंड दुबौलिया के प्राथमिक विद्यालय चूईलबाबू में सहायक अध्यापक के रुप में कार्यरत विकास खंड सल्टौआ के निवासी रामविलास चौधरी ने घर की समस्या को बताते हुए तबादला की सिफारिश राज्यमंत्री रामकरन आर्य से दो जून 2016 को किया था। इस पर राज्य मंत्री ने बेसिक सचिव को सल्टौआ के प्राथमिक विद्यालय देईपार खुर्द, महनुआ या सल्टौआ प्रथम के किसी विद्यालय में करने के लिए लिखा। इस पर सचिव ने 30 जून 2016 को बीएसए बस्ती को तबादला करने का लिखित आदेश दिया। राम विलास का कहना है कि वह पिछले लगभग चार माह से सचिव के आदेश का पालन कराने के लिए बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। इस बीच कई बार बीएसए और लिपिक संतोष गुप्त से मिल चुका हूूं, मगर हर बार टाल दिया जाता रहा। बताया कि इस बीच उनके पास संदेश आया कि बिना सुविधा शुल्क दिए तबादला नहीं हो सकता है। मगर वह तैयार नहीं हुआ। बताया कि उन्होंने इस मामले में सचिव, डीएम और एडी बेसिक से शिकायत भी की है।
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विकास खंड दुबौलिया के प्राथमिक विद्यालय चूईलबाबू में सहायक अध्यापक के रुप में कार्यरत विकास खंड सल्टौआ के निवासी रामविलास चौधरी ने घर की समस्या को बताते हुए तबादला की सिफारिश राज्यमंत्री रामकरन आर्य से दो जून 2016 को किया था। इस पर राज्य मंत्री ने बेसिक सचिव को सल्टौआ के प्राथमिक विद्यालय देईपार खुर्द, महनुआ या सल्टौआ प्रथम के किसी विद्यालय में करने के लिए लिखा। इस पर सचिव ने 30 जून 2016 को बीएसए बस्ती को तबादला करने का लिखित आदेश दिया। राम विलास का कहना है कि वह पिछले लगभग चार माह से सचिव के आदेश का पालन कराने के लिए बीएसए कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। इस बीच कई बार बीएसए और लिपिक संतोष गुप्त से मिल चुका हूूं, मगर हर बार टाल दिया जाता रहा। बताया कि इस बीच उनके पास संदेश आया कि बिना सुविधा शुल्क दिए तबादला नहीं हो सकता है। मगर वह तैयार नहीं हुआ। बताया कि उन्होंने इस मामले में सचिव, डीएम और एडी बेसिक से शिकायत भी की है।
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