फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   serpent catcher stang by seroent

सापों को सुरक्षित घरौंदा देने वाले हक्कुल की सर्पदंश से मौत

Tue, 09 Jan 2018 12:00 AM IST
basti
basti Updated Tue, 09 Jan 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
serpent catcher stang by seroent
घ्‍ाटना - फोटो : amar ujala
दुबौलिया। जिस सांप का नाम सुनकर लोगों की सांस अटक जाती है, उसे काबू में करके महफूज घरौंदा दिलाने के दस्तकार हक्कुल (58) अब नहीं रहे। करीब छह साल पहले मन की न होने पर बोरा भर सांपों को तहसील दफ्तर में छोड़कर प्रशासन से लेकर शासन तक सुर्खियों में आए हक्कुल के न रहने की खबर सुनकर जहां अधिकांश लोग चौंक गए, वहीं हर कोई यह जानकर हक्का-बक्का रह गया कि उनकी मौत की वजह सर्पदंश ही बनी।
विज्ञापन

लाला पिपरौला में परिवार सहित रहने वाले हक्कुल की सोमवार की दिनचर्या की शुरुआत भी रोज की तरह हुई। घर वालों ने बताया कि वह सुबह रोजमर्रा के कामकाज में लगे थे कि अचानक उनके फोन की घंटी बजी और साइकिल उठाकर बाहर निकलने लगे। पूछने पर घर वालों को बताया कि सांप निकलने की सूचना पर जा रहे हैं, उसे सुरक्षित पकड़ कर कुछ देर बाद लौट आएंगे। बेटे ने बताया कि कुछ समय बाद वह लौटे लेकिन न पास में सांप था और न वह सुरक्षित थे। घर के दरवाजे पर पहुंचते ही तेज आवाज में बोले, मुझे सांप ने काट लिया। यह बोलने के साथ ही मय साइकिल अचेत होकर गिर गए। आनन-फानन उन्हें कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक हक्कुल की मौत अस्पताल पहुंचने से करीब 20 मिनट पहले ही हो गई थी।
विज्ञापन

डॉक्टर के मुंह से मौत जैसा भारी शब्द सुनते ही अस्पताल में मौजूद घर के सदस्यों की चीख निकल गई तो शव घर पहुंचते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। आबादी के बीच जब जानकारी पहुंची तो सांपों से जुड़ी जानकारी में माहिर शख्स की सर्पदंश से मौत सुनते ही तमाम लोगों ने उनके घर का रुख किया। कुछ देर में घर पर खासी भीड़ जुट गई। हर कोई हैरान था कि जिसने जिंदगी का बड़ा हिस्सा सांपों के बीच गुजारा, जहरीले से जहरीले सांपों को काबू किया, उसके अंत की वजह सांप ही बना।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
दाहिने कान के पास डसा था
हक्कुल को डसने वाला सांप किस नस्ल का था, यह रहस्य बनकर रह गया। खास टोटके के तहत वह सांप पकड़ने के लिए निकलते समय घर वालों को यह नहीं बताते थे कि वह किस स्थान पर जा रहे हैं। इतना ही कहते थे कि अपने घरौंदे में एक और सांप बढ़ाने के लिए जा रहे हैं। सोमवार को हक्कुल के साथ सर्पदंश की घटना कहां हुई और सांप किस नस्ल का था, यह रात तक घर वालों को पता नहीं चल सका। हां इलाज की कोशिश के दौरान इतना जरूर स्पष्ट हुआ कि सांप ने दाहिने कान के पास डसा था।
------
बेतादाद सांपों का ठिकाना है हक्कुल का घर
सांपों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रहने वाले हक्कुल के घर के बाहरी हिस्से में बाड़े की तरह सांपों को सुरक्षित रखने के ठिकाने बने हैं। करीब 30 वर्ष पूर्व वह अंबेडकर नगर के टांडा से परिवार सहित आकर लाला पिपरौला में बसे हक्कुल के बेटे ने बताया कि पिता जी सांपों के इन ठिकानों को घरौंदा बोलते थे। एक हजार से अधिक सांपों को ठिकाना दे रखा है। कोई सांप को मार न दे, इस डर से इन्हें जंगल में छोड़ने पर रोक लगा दी थी। कम उम्र से सांपों से दोस्ती करने वाले हक्कुल ने कभी यह भी नहीं बताया कि सांपों को पकड़ने का हुनर कब और कैसे आया।
-----------
सुनवाई न होने पर तहसील में छोड़े थे सांप
सांपों को रखने की सुरक्षित व्यवस्था में सरकारी सहयोग की मांग पूरी न होने पर गुस्से में हक्कुल ने एक बोरे में भर कर सांपों को हर्रैया तहसील परिसर में छोड़ दिया था। नवंबर 2011 में दिन के वक्त हुए इस घटनाक्रम से तहसील परिसर में भगदड़ मच गई थी। मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन गिरफ्तारी को जाने वाली पुलिस टीम हक्कुल को खुले सांपों के बीच बैठा देखकर पकड़ने में विफल हो जाती थी। सांपों को रखने के लिए जमीन न मिलने पर हक्कुल ने डीएम आवास में सांप छोड़ने की धमकी दी तो पुलिस काफी जतन कर हक्कू को गिरफ्तार करने में कामयाब हो सकी थी।

----------
एनजीओ ने कब्जे में लिए 50 सांप, कफन-दफन को मदद दी
सर्पदंश से हक्कुल की मौत की जानकारी पर एक एनजीओ की टीम उनके गांव में पहुंची। घर वालों को उनके कफन-दफन के लिए 10 हजार रुपये दिए। साथ ही सांपों को सुरक्षित ठिकाना देने के आश्वासन के साथ करीब 50 सांप अपने साथ ले गई। जाने से पहले हक्कुल की पत्नी रुखसाना, बेटे महबूब, मकसूद, महमूद, मंजूर, मकबूल, अयूब और बेटी गौशिया व नफीसा को ढांढस बताते हुए परिवार को आर्थिक मदद का भरोसा भी दिया।
----------
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed