{"_id":"56fecc154f1c1b2648f00107","slug":"sentenced","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रताड़ना और साक्ष्य मिटाने में पति को सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रताड़ना और साक्ष्य मिटाने में पति को सजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। एडीजे प्रथम अशोक कुमार सिंह ने पत्नी को प्रताड़ित करने और बाद में उसके शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी करार देते हुए पति को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता रामानुज भास्कर ने कोर्ट में घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वादी मुकदमा उमेश कुमार निवासी वीरवापुर थाना भवानीगंज जिला सिद्धार्थनगर ने बस्ती के सोनहा थाने में पहली अक्टूबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि उसकी छोटी बहन गुड़िया की शादी चार वर्ष पूर्व सोनहा थाना क्षेत्र के करमा गांव निवासी बब्बू उर्फ ओमप्रकाश चौधरी के साथ हुई थी। गुड़िया के दो वर्ष का बेटा भी था। बब्बू का संबध पड़ोस की एक युवती से था।
इस कारण बब्बू गुड़िया को निरंतर प्रताड़ित करता था। 27 सितंबर 2011 को भोर में चार बजे बच्चे के साथ शौच के लिए गई गुड़िया को बब्बू और उसकी प्रेमिका ने योजनावद्ध तरीके से पोखरे में ढकेल दिया। इससे दोनो की मौत हो गई। 28 सितंबर को पोखरे में दोनो की लाश मिली। बब्बू ने लड़के को दफना दिया और पत्नी के शव को जला दिया। मुकदमा दर्ज होकर हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित कई आरोपों में बब्बू के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुआ।
विज्ञापन
बचाव पक्ष से कहा गया कि तालाब में फिसलकर गिरने व डूब जाने से पत्नी व बच्चे की मौत हो गई। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने बब्बू के विरुद्ध प्रताड़ित करने और साक्ष्य मिटाने का ही आरोप सही पाया और उसी आधार पर सजा सुनाई। पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप से उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता रामानुज भास्कर ने कोर्ट में घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वादी मुकदमा उमेश कुमार निवासी वीरवापुर थाना भवानीगंज जिला सिद्धार्थनगर ने बस्ती के सोनहा थाने में पहली अक्टूबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि उसकी छोटी बहन गुड़िया की शादी चार वर्ष पूर्व सोनहा थाना क्षेत्र के करमा गांव निवासी बब्बू उर्फ ओमप्रकाश चौधरी के साथ हुई थी। गुड़िया के दो वर्ष का बेटा भी था। बब्बू का संबध पड़ोस की एक युवती से था।
विज्ञापन
इस कारण बब्बू गुड़िया को निरंतर प्रताड़ित करता था। 27 सितंबर 2011 को भोर में चार बजे बच्चे के साथ शौच के लिए गई गुड़िया को बब्बू और उसकी प्रेमिका ने योजनावद्ध तरीके से पोखरे में ढकेल दिया। इससे दोनो की मौत हो गई। 28 सितंबर को पोखरे में दोनो की लाश मिली। बब्बू ने लड़के को दफना दिया और पत्नी के शव को जला दिया। मुकदमा दर्ज होकर हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित कई आरोपों में बब्बू के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुआ।
विज्ञापन
बचाव पक्ष से कहा गया कि तालाब में फिसलकर गिरने व डूब जाने से पत्नी व बच्चे की मौत हो गई। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने बब्बू के विरुद्ध प्रताड़ित करने और साक्ष्य मिटाने का ही आरोप सही पाया और उसी आधार पर सजा सुनाई। पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप से उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।