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खनन स्थल पहुंचा प्रशासन, मची भगदड़
basti
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:08 AM IST
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सीज किए गए ट्रक।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती/कुदरहा। बालू खनन का हाल जानने पहुंचे प्रशासनिक अमले ने शुक्रवार सुबह ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खनन स्थल पर जहां 25 वाहन सीज किए गए, वहीं, ट्रक छोड़कर भाग रहे दो ड्राइवर को भी पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। रेत के आगे बेबस प्रशासन के सामने ही नदी की तलहटी होते हुए चार पोकलैन मशीन चालक लेकर निकल भागे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध खनन मामले में कड़े तेवर अपनाए हुए हैं। बृहस्पतिवार को फतेहपुर और गोंडा के डीएम पर निलंबन की कार्रवाई के बाद जिले का प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे महुआपार खुर्द खनन स्थल पर सदर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ अरविंद कुमार वर्मा, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार अमरचंद वर्मा, खनन अधिकारी अर्जुन, एसओ कलवारी संजय शुक्ल पूरी फोर्स के साथ पहुंच गए। रास्ता बदल कर गायघाट की ओर से महुआपार खुर्द खनन स्थल प्रशासनिक अमले के पहुंचते ही भगदड़ मच गई। पट्टाधारक का कार्यालय बंद मिला। प्रशासनिक अमला अवैध खनन के अलावा इंस्टालमेंट नहीं जमा करने के मामले में जांच करने पहुंचा था। क्योंकि एक अप्रैल 18 को दो करोड़ 97 लाख 22 हजार रुपये की दूसरी किस्त की धनराशि जमा करनी थी, जिसमें डीएमएफ और टीसीएस की रकम शामिल है। लगातार नोटिस देने के बावजूद ठेकदार सैय्यद साहिल अली किस्त जमा नहीं कर रहे थे। प्रशासन ने ऐसी स्थिति में पांच जून को खनन रोकने का आदेश ठेकेदार को दे दिया था। बावजूद इसके खनन कार्य लगातार चलता रहा। इसके कारण राजस्व की भी भारी क्षति हो रही थी। जिले में अवैध खनन पर शनिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर आखिरकार प्रशासन को राजस्व बकाए की याद आई। प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने की भनक ल ग गई। अफसर सुबह 10 बजे पहुंचे तो खननस्थल पर भगदड़ मची थी। चार पोकलैन मशीनें नदी की तलहटी होते हुए भागती हुईं अफसरों को दिखाई दीं लेकिन रेत के चलते आगे नहीं बढ़ सके। ट्रक छोड़कर भाग रहे दो चालकों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। बालू से ओवरलोड पांच ट्रक, बालू भरने के लिए तैयार 17 ट्रक, तीन जोड़े ट्रैक्टर ट्रॉली मिलाकर 25 वाहनों को सीज कर कलवारी एसओ के हवाले कर दिया गया। खनन अधिकारी अर्जुन ने बताया कि जब तक पट्टाधारक की ओर से बकाया धनराशि जमा नहीं हो जाती है तब तक खनन कार्य बंद कर दिया गया है। खनन अधिकारी का कहना है कि किसी भी कीमत पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन को नहीं दिखा अवैध भंडारण
पिछले एक महीने से दिन-रात सैकड़ों वाहनों से बालू लाकर सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर अवैध रूप से बालू का भंडारण किया जा रहा है। इसमें एक डंपिंग स्थल लालगंज थाना क्षेत्र के कुदरहा में तो दूसरा कलवारी थाना क्षेत्र के डेवडाड़ में बना है। जिस पर लगतार बालू डंप किया जा रहा है। कुदरहा में कार्रवाई भी हुई थी, बावजूद इसके उसी स्थल पर बालू का भंडारण लगातार चल रहा है। इसी तरह डेवडाड़ में भी सैकड़ों ट्रक बालू डंप किया जा चुका है। जानकारों का मानना है कि बारिश की वजह से खनन कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में बरसात के दिनों में डंप बालू को ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता है।
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बरदिया लोहार में खनन कार्य रोका
दुबौलिया। क्षेत्र के बरदिया लोहार में बालू खनन पर शनिवार को नए डीएम राजशेखर के निर्देश पर पहुंची राजस्व निरीक्षक की टीम ने पट्टाधारकों से अग्रिम आदेश तक खदान बंद करने को कहा है। शनिवार दोपहर एक बजे राजस्व निरीक्षक रामसजीवन, लेखपाल नन्दलाल, शुभकरन साहनी, रामभजन गौड बरदिया लोहार खनन स्थल पहुंचे। जांच टीम के आने की सूचना जैसी ही खनन के पट्टाधारकों ने मौके से सभी वाहनों को ठिकाने लगा दिया। टीम पहुंची तो खदान स्थल पर सन्नाटा पसरा था । खनन निरीक्षक अर्जुन ने बताया कि पट्टाधारक नवी अहमद की ओर से रॉयल्टी की रकम नहीं जमा की गई है। इससे उच्च अधिकारियों के निर्देश पर खनन स्थल का पट्टा अग्रिम आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध खनन मामले में कड़े तेवर अपनाए हुए हैं। बृहस्पतिवार को फतेहपुर और गोंडा के डीएम पर निलंबन की कार्रवाई के बाद जिले का प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। शनिवार सुबह करीब 10 बजे महुआपार खुर्द खनन स्थल पर सदर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ अरविंद कुमार वर्मा, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार अमरचंद वर्मा, खनन अधिकारी अर्जुन, एसओ कलवारी संजय शुक्ल पूरी फोर्स के साथ पहुंच गए। रास्ता बदल कर गायघाट की ओर से महुआपार खुर्द खनन स्थल प्रशासनिक अमले के पहुंचते ही भगदड़ मच गई। पट्टाधारक का कार्यालय बंद मिला। प्रशासनिक अमला अवैध खनन के अलावा इंस्टालमेंट नहीं जमा करने के मामले में जांच करने पहुंचा था। क्योंकि एक अप्रैल 18 को दो करोड़ 97 लाख 22 हजार रुपये की दूसरी किस्त की धनराशि जमा करनी थी, जिसमें डीएमएफ और टीसीएस की रकम शामिल है। लगातार नोटिस देने के बावजूद ठेकदार सैय्यद साहिल अली किस्त जमा नहीं कर रहे थे। प्रशासन ने ऐसी स्थिति में पांच जून को खनन रोकने का आदेश ठेकेदार को दे दिया था। बावजूद इसके खनन कार्य लगातार चलता रहा। इसके कारण राजस्व की भी भारी क्षति हो रही थी। जिले में अवैध खनन पर शनिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर आखिरकार प्रशासन को राजस्व बकाए की याद आई। प्रशासनिक अफसरों के पहुंचने की भनक ल ग गई। अफसर सुबह 10 बजे पहुंचे तो खननस्थल पर भगदड़ मची थी। चार पोकलैन मशीनें नदी की तलहटी होते हुए भागती हुईं अफसरों को दिखाई दीं लेकिन रेत के चलते आगे नहीं बढ़ सके। ट्रक छोड़कर भाग रहे दो चालकों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। बालू से ओवरलोड पांच ट्रक, बालू भरने के लिए तैयार 17 ट्रक, तीन जोड़े ट्रैक्टर ट्रॉली मिलाकर 25 वाहनों को सीज कर कलवारी एसओ के हवाले कर दिया गया। खनन अधिकारी अर्जुन ने बताया कि जब तक पट्टाधारक की ओर से बकाया धनराशि जमा नहीं हो जाती है तब तक खनन कार्य बंद कर दिया गया है। खनन अधिकारी का कहना है कि किसी भी कीमत पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा।
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प्रशासन को नहीं दिखा अवैध भंडारण
पिछले एक महीने से दिन-रात सैकड़ों वाहनों से बालू लाकर सदर तहसील क्षेत्र में दो स्थानों पर अवैध रूप से बालू का भंडारण किया जा रहा है। इसमें एक डंपिंग स्थल लालगंज थाना क्षेत्र के कुदरहा में तो दूसरा कलवारी थाना क्षेत्र के डेवडाड़ में बना है। जिस पर लगतार बालू डंप किया जा रहा है। कुदरहा में कार्रवाई भी हुई थी, बावजूद इसके उसी स्थल पर बालू का भंडारण लगातार चल रहा है। इसी तरह डेवडाड़ में भी सैकड़ों ट्रक बालू डंप किया जा चुका है। जानकारों का मानना है कि बारिश की वजह से खनन कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में बरसात के दिनों में डंप बालू को ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता है।
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बरदिया लोहार में खनन कार्य रोका
दुबौलिया। क्षेत्र के बरदिया लोहार में बालू खनन पर शनिवार को नए डीएम राजशेखर के निर्देश पर पहुंची राजस्व निरीक्षक की टीम ने पट्टाधारकों से अग्रिम आदेश तक खदान बंद करने को कहा है। शनिवार दोपहर एक बजे राजस्व निरीक्षक रामसजीवन, लेखपाल नन्दलाल, शुभकरन साहनी, रामभजन गौड बरदिया लोहार खनन स्थल पहुंचे। जांच टीम के आने की सूचना जैसी ही खनन के पट्टाधारकों ने मौके से सभी वाहनों को ठिकाने लगा दिया। टीम पहुंची तो खदान स्थल पर सन्नाटा पसरा था । खनन निरीक्षक अर्जुन ने बताया कि पट्टाधारक नवी अहमद की ओर से रॉयल्टी की रकम नहीं जमा की गई है। इससे उच्च अधिकारियों के निर्देश पर खनन स्थल का पट्टा अग्रिम आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया गया है।