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हत्या के पीछे चुनावी रंजिश की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:01 AM IST
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मृतक के परिजन को सांत्वना देते एसपी।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। छावनी थाना क्षेत्र के लजघटा निवासी अरविंद सिंह की हत्या को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। परिवारवालों के अनुसार इधर कुछ दिनो से अरविंद सिंह को फोन पर जान से मारने की धमकी मिल रही थी। छावनी थाना क्षेत्र के लजघटा निवासी अरविंद सिंह की हत्या को बीडीसी की चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
दिवंगत अरविंद सिंह के छोटे भाई राघवेंद्र सिंह की भी मौत 11 जनवरी को मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान हो गई थी। बता दें कि राघवेंद्र सिंह बीडीसी का चुनाव लड़ रहे थे। इसी दौरान छह अक्टूबर को हर्रैया थाना क्षेत्र के बेबहना गांव में उनका पूर्व प्रधान रामपाल सिंह से विवाद हो गया। इसी बीच रामपाल सिंह के ऊपर चार पहिया गाड़ी चढ़ाने से रामपाल की मौत हो गई। इस मामले में राघवेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया।
राघवेंद्र बस्ती जेल में निरुद्घ थे, इसी दौरान उनकी तबियत खराब हो गई। उन्हें पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान 11 जनवरी को राघवेंद्र सिंह की मौत हो गई। इसके बाद रविवार की देर शाम उनके भाई अरविंद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को रामपाल सिंह की हत्या के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस पूरे मामले पर पुलिस के अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे है।
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पुलिस के आला अधिकारी घटना के बाद फोन तक नहीं उठा रहे हैं। वहीं अपने दो भाइयों को खो चुके अरुण सिंह ने कहा कि अरविंद को इधर कुछ दिनो से लगातार जानमाल की धमकी मिल रही थी। छावनी पुलिस को घटना की जानकारी भी दी गई थी, मगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि पुलिस गंभीर होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।
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दिवंगत अरविंद सिंह के छोटे भाई राघवेंद्र सिंह की भी मौत 11 जनवरी को मेडिकल कालेज में उपचार के दौरान हो गई थी। बता दें कि राघवेंद्र सिंह बीडीसी का चुनाव लड़ रहे थे। इसी दौरान छह अक्टूबर को हर्रैया थाना क्षेत्र के बेबहना गांव में उनका पूर्व प्रधान रामपाल सिंह से विवाद हो गया। इसी बीच रामपाल सिंह के ऊपर चार पहिया गाड़ी चढ़ाने से रामपाल की मौत हो गई। इस मामले में राघवेंद्र सिंह को आरोपी बनाया गया।
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राघवेंद्र बस्ती जेल में निरुद्घ थे, इसी दौरान उनकी तबियत खराब हो गई। उन्हें पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल कालेज लखनऊ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान 11 जनवरी को राघवेंद्र सिंह की मौत हो गई। इसके बाद रविवार की देर शाम उनके भाई अरविंद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को रामपाल सिंह की हत्या के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस पूरे मामले पर पुलिस के अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे है।
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पुलिस के आला अधिकारी घटना के बाद फोन तक नहीं उठा रहे हैं। वहीं अपने दो भाइयों को खो चुके अरुण सिंह ने कहा कि अरविंद को इधर कुछ दिनो से लगातार जानमाल की धमकी मिल रही थी। छावनी पुलिस को घटना की जानकारी भी दी गई थी, मगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि पुलिस गंभीर होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।