{"_id":"5862a9a04f1c1b6476eeae0f","slug":"pier-pyre-burn-house-in-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाट पर चिता, गांव में घर जला ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घाट पर चिता, गांव में घर जला
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
विकास खंड सांऊघाट की ग्राम पंचायत भादी बुजुर्ग में जली रिहायशी झोपडी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांऊघाट क्षेत्र के भादी बुजुर्ग में रहने वाले एक परिवार पर दोहरा कहर बरपा। परिजनों ने एक तरफ बेटी की चिता में आग लगाई तो दूसरी तरफ अज्ञात कारणों से घर राख में तब्दील हो गए। हादसा सोमवार रात को हुआ।
परिजनों के मुताबिक सोमवार को 18 वर्षीय दिव्यांग निरमा के पेट और सिर में तेज दर्द होने लगा। इसके साथ ही उसे उल्टियां भी होने लगीं। दर्द से छटपटा रही निरमा को परिवार के लोग ऑटो से जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल से शव लेकर परिजन घर चले आए। शाम को दाह संस्कार के लिए वाराह क्षेत्र लेकर पहुंचे। पोती की चिता में दादा बाबूराम शर्मा आग लगाकर ज्यों ही चिता से थोड़ी दूर जाकर बैठे तभी किसी ने फोन से घर में आग लगने की सूचना दी। आग लगने से छोटे भाई श्रीराम शर्मा व रामप्रकाश शर्मा का छप्पर जल गया। गांव के लोगवाराह क्षेत्र घाट पर ही मौजूद थे इसलिए बुझाने वाला कोई भी नहीं था। ऐसे में एक तरफ पोती की चिता जली दूसरी तरफ दोनों दादा का घर और उसमें रखा सारा सामान भी राख में तब्दील हो गया।
खबर सुनने के बाद घाट पर ही बाबूराम शर्मा बेहोश हो गए। देर रात गांव पहुंचे लोगों ने पंपिंग सेट चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश भी की। बाद में दमकल गाड़ी पहुंचने से आग आगे नहीं बढ़ सकी। हादसे में दो परिवार बेघर हो गए। गांव के लोगों का कहना है कि बाबूराम के इस दुख में सभी लोग साथ हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिजनों के मुताबिक सोमवार को 18 वर्षीय दिव्यांग निरमा के पेट और सिर में तेज दर्द होने लगा। इसके साथ ही उसे उल्टियां भी होने लगीं। दर्द से छटपटा रही निरमा को परिवार के लोग ऑटो से जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल से शव लेकर परिजन घर चले आए। शाम को दाह संस्कार के लिए वाराह क्षेत्र लेकर पहुंचे। पोती की चिता में दादा बाबूराम शर्मा आग लगाकर ज्यों ही चिता से थोड़ी दूर जाकर बैठे तभी किसी ने फोन से घर में आग लगने की सूचना दी। आग लगने से छोटे भाई श्रीराम शर्मा व रामप्रकाश शर्मा का छप्पर जल गया। गांव के लोगवाराह क्षेत्र घाट पर ही मौजूद थे इसलिए बुझाने वाला कोई भी नहीं था। ऐसे में एक तरफ पोती की चिता जली दूसरी तरफ दोनों दादा का घर और उसमें रखा सारा सामान भी राख में तब्दील हो गया।
विज्ञापन
खबर सुनने के बाद घाट पर ही बाबूराम शर्मा बेहोश हो गए। देर रात गांव पहुंचे लोगों ने पंपिंग सेट चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश भी की। बाद में दमकल गाड़ी पहुंचने से आग आगे नहीं बढ़ सकी। हादसे में दो परिवार बेघर हो गए। गांव के लोगों का कहना है कि बाबूराम के इस दुख में सभी लोग साथ हैं।
विज्ञापन