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विद्युत अधिकारियों पर हर्जाना
basti
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:10 AM IST
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जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामदरश, सदस्य वंदना मिश्रा और महादेव प्रसाद दुबे की संयुक्त पीठ ने स्थाई विद्युत विच्छेदन के बावजूद गलत बिजली बिल भेजने के मामले में विद्युत विभाग के अधिकारियों पर 15 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही स्थाई विद्युत विच्छेदन के बाद भेजे गए विद्युत बिलों को निरस्त कर दिया।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के नकटीदेई बुजुर्ग के राजेंद्र गुप्ता ने एसडीओ और अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय के विरुद्घ अधिवक्ता संजीव कुमार भट्टाचार्य के माध्यम से परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने विपक्षी गण के माध्यम से विद्युत कनेक्शन लिया था जिसके बकाया बिलों की धनराशि का एक मुश्त समाधान योजना के तहत 30 सितंबर 2009 को 11659 रुपये जमा कर स्थायी रूप से लाइन कटवा दिया।
इसके बावजूद 36789 रुपये का विद्युत बिल बकाया व सर चार्ज जोड़कर भेज दिया जिसकी शिकायत पीड़ित ने विभागीय अधिकारियों से की मगर उसकी सुनवाई नहीं हुई।
इस पर वह मजबूर होकर फोरम में पहुंचा और परिवाद दाखिल किया। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों को ध्यान में फोरम ने माना कि वादकारी का कनेक्शन स्थाई रूप से विच्छेदित किए जाने के बाद विभाग अवैधानिक तरीके से बिल भेजा जो विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करता है।
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फोरम ने एक्सईएन और एसडीओ पर वाद व्यय और हैरानी व परेशानी के लिए दोनों पर संयुक्त रूप में 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति लगाया। इसे 60 दिन के अंदर विपक्षीगण द्वारा वादकारी को अदा करना होगा।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के नकटीदेई बुजुर्ग के राजेंद्र गुप्ता ने एसडीओ और अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय के विरुद्घ अधिवक्ता संजीव कुमार भट्टाचार्य के माध्यम से परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने विपक्षी गण के माध्यम से विद्युत कनेक्शन लिया था जिसके बकाया बिलों की धनराशि का एक मुश्त समाधान योजना के तहत 30 सितंबर 2009 को 11659 रुपये जमा कर स्थायी रूप से लाइन कटवा दिया।
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इसके बावजूद 36789 रुपये का विद्युत बिल बकाया व सर चार्ज जोड़कर भेज दिया जिसकी शिकायत पीड़ित ने विभागीय अधिकारियों से की मगर उसकी सुनवाई नहीं हुई।
इस पर वह मजबूर होकर फोरम में पहुंचा और परिवाद दाखिल किया। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों को ध्यान में फोरम ने माना कि वादकारी का कनेक्शन स्थाई रूप से विच्छेदित किए जाने के बाद विभाग अवैधानिक तरीके से बिल भेजा जो विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करता है।
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फोरम ने एक्सईएन और एसडीओ पर वाद व्यय और हैरानी व परेशानी के लिए दोनों पर संयुक्त रूप में 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति लगाया। इसे 60 दिन के अंदर विपक्षीगण द्वारा वादकारी को अदा करना होगा।