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एसीएमओ की जांच में नर्सिंग होम दोषी

Wed, 10 Apr 2019 10:57 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Wed, 10 Apr 2019 10:57 PM IST
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nursing home found guilty in death of pregnant woman
medicine
बस्ती। सोनहा थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़बरा की गर्भवती का ऑपरेशन के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से आठ दिन बाद हुई मौत के मामले में जांच पूरी हो गई है। इस मामले में एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया की जांच में पीके नर्सिंग होम सियरापार दोषी पाया गया है। यहां डॉक्टर के बजाय एएनएम ने प्रसूता का अॅापरेशन कर जुड़वा बच्चों को निकाला। इसके बाद प्रसूता का रक्तस्राव होने लगा, जिसे बाद में शहर के जिगिना स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर रेफर किया गया। गोरखपुर जाते समय रास्ते में प्रसूता की मौत हो गई। 
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मुड़बरा निवासी मृतका अनुुराधा चौधरी के पति अजीत कुमार चौधरी ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को जन सुनवाई पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी की मौत प्रसव के बाद नर्सिंग होम के कर्मियों की लापरवाही से हो गई। शिकायती पत्र में कहा गया था कि 22 सितंबर को उनकी पत्नी को सियरापार स्थित पीके नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां एएनएम ने बच्चा पैदा कराया। इसके लिए उसने दाढ़ी बनाने वाले ब्लेड का प्रयोग कर ऑपरेशन किया। बच्चे पैदा होने के बाद प्रसूता को रक्तस्राव होने लगा। जिसे रोक पाने में असफल होने पर नर्सिंग होम की महिला संचालक ने शहर के जिगिना स्थित नर्सिंग होम पहुंचाया। यहां 24 सितंबर 18 को उसे भर्ती किया गया। 29 सितंबर को यहां डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया। परिवार के लोग 30 सितंबर को अनुराधा को लेकर गोरखपुर जा रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। शिकायत के बाद जांच हुई तो मामले में सियरापार स्थित नर्सिंग होम दोषी पाया गया है। एसीएमओ डॉ. सीएल कन्नौजिया ने कहा कि उक्त नर्सिंग होम में अप्रशिक्षित हाथों से गर्भवती का ऑपरेशन किया गया, जिससे उसकी मौत हुई है। ऐसे में मौत की संपूर्ण जिम्मेदार उक्त नर्सिंग होम ही है। उसके खिलाफ जांच की रिपोर्ट सीएमओ को दे दी गई है।
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