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बंदर के धक्के से घायल महिला की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:48 PM IST
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कैली के पास बंदर के धक्का देने से महिला की मौत होने पर लोगो ने कैली मार्ग को किया जाम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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बस्ती। कोतवाली क्षेत्र में ओपेक कैली हॉस्पिटल रोड स्थित जखनी में बंदर के झपट्टा मारने से घायल 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घायल चंद्रावती पत्नी टी. गुप्ता को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से रेफर होने के बाद लखनऊ ले जाने की तैयारी चल ही रही थी कि उनकी मौत हो गई। बंदरों के आतंक की बार-बार शिकायत के बावजूद वन विभाग के कार्रवाई नहीं करने से गुस्साए ग्रामीणों ने कैली रोड जाम करने का प्रयास किया।
बृहस्पतिवार सुबह कुछ जरूरी सामान लेने चंद्रावती दुकान पर गई थीं। वापस लौटते समय बंदरों का झुंड आ पहुंचा। उसमें शामिल एक बंदर ने चंद्रावती के ऊपर झपट्टा मार दिया। चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े तब बंदर भागा, लेकिन तब तक चंद्रावती बुरी तरह घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी थीं और सिर में गंभीर चोट लग गई थी। परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू, लखनऊ के रेफर कर दिया। लखनऊ रवाना होने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
बंदरों को खदेड़ने के लिए मांगे थे रुपये
बस्ती। बंदर के हमले से हुई घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला अस्पताल-सोनूपार मार्ग पर थोड़ी देर के लिए जाम लगा दिया। गांव वालों ने वन विभाग पर आरोप लगाए कि पिछले दो महीने में चार दर्जन से अधिक लोगों को बंदर घायल कर चुका है।
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डीएम अरविंद कुमार सिंह से शिकायत करने के बाद वन विभाग की टीम भी जखनी गांव में पहुंची थी। टीम ने बंदर को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए छह हजार रुपये मांगे थे। रुपये नहीं मिलने पर टीम बिना कुछ किए ही वापस लौट गई। बृहस्पतिवार को जब फिर से बंदरों के उत्पात की घटना हुई तो लोग सड़क जाम करने पर उतर आए। पुलिस के पहुंचने और अन्य लोगों के समझाने के बाद जाम हटाया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह कुछ जरूरी सामान लेने चंद्रावती दुकान पर गई थीं। वापस लौटते समय बंदरों का झुंड आ पहुंचा। उसमें शामिल एक बंदर ने चंद्रावती के ऊपर झपट्टा मार दिया। चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग दौड़े तब बंदर भागा, लेकिन तब तक चंद्रावती बुरी तरह घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी थीं और सिर में गंभीर चोट लग गई थी। परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू, लखनऊ के रेफर कर दिया। लखनऊ रवाना होने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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बंदरों को खदेड़ने के लिए मांगे थे रुपये
बस्ती। बंदर के हमले से हुई घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला अस्पताल-सोनूपार मार्ग पर थोड़ी देर के लिए जाम लगा दिया। गांव वालों ने वन विभाग पर आरोप लगाए कि पिछले दो महीने में चार दर्जन से अधिक लोगों को बंदर घायल कर चुका है।
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डीएम अरविंद कुमार सिंह से शिकायत करने के बाद वन विभाग की टीम भी जखनी गांव में पहुंची थी। टीम ने बंदर को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए छह हजार रुपये मांगे थे। रुपये नहीं मिलने पर टीम बिना कुछ किए ही वापस लौट गई। बृहस्पतिवार को जब फिर से बंदरों के उत्पात की घटना हुई तो लोग सड़क जाम करने पर उतर आए। पुलिस के पहुंचने और अन्य लोगों के समझाने के बाद जाम हटाया गया।