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हैलो, बधाई हो! आपकी लॉटरी लग गई
Tue, 11 Jun 2019 11:47 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 11 Jun 2019 11:47 PM IST
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बस्ती। अगर आपके पास कोई लॉटरी जीतने का ऑफर आए तो सावधान हो जाइयेगा। क्योंकि ऐसी फोन कॉल के जरिये साइबर क्रिमिनल्स लोगों को फंसा कर सारी जमापूंजी हड़प ले रहे हैं। जानकर बताते हैं कि अपराधियों ने नया पैंतरा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इसमें लॉटरी जीतने का ऑफर दिया जाता है।
ऐसी ही ठगी 31 मई को बहादुरपुर निवासी शहबाज अहमद के साथ हुई। शहबाज का कहना है कि उस दिन उनकी भाभी के नंबर पर एक कार व साढ़े तीन लाख रुपये लकी ड्रॉ में जीतने की कॉल आई। बदले में आपको ढाई लाख रुपये देना है। इसके लिए अपना खाता संख्या 38425459165 भी दिया, जो योगेंद्र के नाम है। विश्वास कर अगले ही दिन उसने खाते में ढाई लाख रुपये जमा कर दिया। इसकी सूचना भी फोन से दे दी। इसके बाद से नंबर बंद है। कलवारी के थानाध्यक्ष जयप्रकाश दुबे ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके तीन दिन पहले 28 मई को बंगलूरू के मल्टीनेशनल ड्रग्स कंपनी में क्वालिटी कंट्रोलर मंगल बाजार निवासी अनुराग आदित्य की मोबाइल पर कॉल आई। दूसरी तरफ से किसी महिला की आवाज आई हेलो, बधाई हो! आपने एप्पल का आईफोन जीता है। इसके लिए एकाउंट्स की डिटेल दीजिए। फूले नहीं समा रहे अनुराग को उसने बातों में उलझाकर अलग-अलग तीन किस्तों में 45 हजार रुपये ई-बैंकिंग के जरिए मंगा लिए। चौथी बार एकमुश्त 50 हजार रुपये खाते में भेजने की डिमांड आई तो शक हुआ। साइबर सेल ने खंगाला तो जालसाज झारखंड का निकला। जो लॉटरी निकालने के बहाने लोगों को फंसाता था। ऐसे एक दो नहीं बल्कि दर्जन भर से अधिक मामले हर माह सामने आते हैं, जिसमें लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। पलक झपकते ही बदमाश खाते से रुपये गायब कर देते हैं। फर्जी सिम का इस्तेमाल करने की वजह से पिछले कई सालों से चल रहीं घटनाओं को न तो पुलिस रोकने में कामयाब हुई, न ही रकम वापस दिला पाई।
एसपी बोले, मजबूत है सर्विलांस
एसपी पंकज कुमार का कहना है कि पुलिस का साइबर सेल काफी स्ट्रांग हो चुका है। अगर खाताधारक थोड़ी सावधानी बरते तो ऐसे फ्रॉड होंगे ही नहीं। बावजूद इसके जो भी प्रकरण पुलिस तक लाए जा रहे हैं, उनमें उल्लेखनीय कामयाबी मिल रही है।
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ऐसे देते हैं लोगों को झांसा
बदमाश खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए लोगों को फोन कर एटीएम ब्लॉक होने की जानकारी देकर।
एटीएम नवीनीकरण करने के लिए एटीएम का नम्बर व पिन कोड पूछकर।
इनाम अथवा लॉटरी जीतने की बात कहकर ।
एटीएम में मदद करने के बहाने कार्ड बदलकर ।
चुपके से कोड नम्बर देखकर और एटीएम का क्लोन बनाकर।
कार्ड का क्लोन तैयार कर नंबर में एक पतली पॉलिथीन चिपकाकर।
पॉलिथीन पर आया नंबर नोट करके ।
ऐसे करें फ्रॉड से बचाव
फोन पर किसी को भी अपने खाते व एटीएम के पिन की जानकारी न दें।
इनाम व लॉटरी जीतने का झांसा देने वाले बदमाशों के बहकावे में न आएं और न ही उनके कहने पर खातों में रुपये जमा करें।
एटीएम में रुपये न निकलने की स्थिति में किसी अपरिचित की मदद न लें। जब भी रुपये निकालने जाएं तो उसके नंबर को अच्छी तरह चेक कर लें, जिसमें कोई पॉलिथीन तो चस्पा नहीं है।
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ऐसी ही ठगी 31 मई को बहादुरपुर निवासी शहबाज अहमद के साथ हुई। शहबाज का कहना है कि उस दिन उनकी भाभी के नंबर पर एक कार व साढ़े तीन लाख रुपये लकी ड्रॉ में जीतने की कॉल आई। बदले में आपको ढाई लाख रुपये देना है। इसके लिए अपना खाता संख्या 38425459165 भी दिया, जो योगेंद्र के नाम है। विश्वास कर अगले ही दिन उसने खाते में ढाई लाख रुपये जमा कर दिया। इसकी सूचना भी फोन से दे दी। इसके बाद से नंबर बंद है। कलवारी के थानाध्यक्ष जयप्रकाश दुबे ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके तीन दिन पहले 28 मई को बंगलूरू के मल्टीनेशनल ड्रग्स कंपनी में क्वालिटी कंट्रोलर मंगल बाजार निवासी अनुराग आदित्य की मोबाइल पर कॉल आई। दूसरी तरफ से किसी महिला की आवाज आई हेलो, बधाई हो! आपने एप्पल का आईफोन जीता है। इसके लिए एकाउंट्स की डिटेल दीजिए। फूले नहीं समा रहे अनुराग को उसने बातों में उलझाकर अलग-अलग तीन किस्तों में 45 हजार रुपये ई-बैंकिंग के जरिए मंगा लिए। चौथी बार एकमुश्त 50 हजार रुपये खाते में भेजने की डिमांड आई तो शक हुआ। साइबर सेल ने खंगाला तो जालसाज झारखंड का निकला। जो लॉटरी निकालने के बहाने लोगों को फंसाता था। ऐसे एक दो नहीं बल्कि दर्जन भर से अधिक मामले हर माह सामने आते हैं, जिसमें लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं। पलक झपकते ही बदमाश खाते से रुपये गायब कर देते हैं। फर्जी सिम का इस्तेमाल करने की वजह से पिछले कई सालों से चल रहीं घटनाओं को न तो पुलिस रोकने में कामयाब हुई, न ही रकम वापस दिला पाई।
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एसपी बोले, मजबूत है सर्विलांस
एसपी पंकज कुमार का कहना है कि पुलिस का साइबर सेल काफी स्ट्रांग हो चुका है। अगर खाताधारक थोड़ी सावधानी बरते तो ऐसे फ्रॉड होंगे ही नहीं। बावजूद इसके जो भी प्रकरण पुलिस तक लाए जा रहे हैं, उनमें उल्लेखनीय कामयाबी मिल रही है।
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ऐसे देते हैं लोगों को झांसा
बदमाश खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए लोगों को फोन कर एटीएम ब्लॉक होने की जानकारी देकर।
एटीएम नवीनीकरण करने के लिए एटीएम का नम्बर व पिन कोड पूछकर।
इनाम अथवा लॉटरी जीतने की बात कहकर ।
एटीएम में मदद करने के बहाने कार्ड बदलकर ।
चुपके से कोड नम्बर देखकर और एटीएम का क्लोन बनाकर।
कार्ड का क्लोन तैयार कर नंबर में एक पतली पॉलिथीन चिपकाकर।
पॉलिथीन पर आया नंबर नोट करके ।
ऐसे करें फ्रॉड से बचाव
फोन पर किसी को भी अपने खाते व एटीएम के पिन की जानकारी न दें।
इनाम व लॉटरी जीतने का झांसा देने वाले बदमाशों के बहकावे में न आएं और न ही उनके कहने पर खातों में रुपये जमा करें।
एटीएम में रुपये न निकलने की स्थिति में किसी अपरिचित की मदद न लें। जब भी रुपये निकालने जाएं तो उसके नंबर को अच्छी तरह चेक कर लें, जिसमें कोई पॉलिथीन तो चस्पा नहीं है।