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राख की चिंगारी से डेढ़ दर्जन बेघर
basti
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:45 PM IST
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गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाते लोग।
- फोटो : amar ujala
बभनान।
गौर थाना क्षेत्र के सिद्धौर ग्राम पंचायत के मझरतिया पुरवे में शनिवार की दोपहर राख की चिंगारी ने करीब डेढ़ दर्जन छप्पर के घरों को जलाकर राख कर दिया। इस आग में कई की पूरी गृहस्थी ही जलकर राख हो गई।
पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया। गांव के लोग खेती के कार्य के लिए शनिवार सुबह ही सिवान में चले गए थे। गांव के सर्वजीत के घर के पीछे कोठ के पास चूल्हे की राख फेंकी गई थी। राख में पड़ी चिंगारी धीरे-धीरे शोला बन गई। इससे गांव के पुल्लू, जगदीश, शीला, पूर्णमासी, मथुरा के घर का छप्पर जलकर राख हो गया। इससे घर में रखा खाने-पीने व अन्य गृहस्थी का सामान भी जलकर राख में बदल गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि पछुआ हवा के चलते आग इतनी विकराल हो गई कि देखते ही देखते गांव के रमेश्वर, दयाराम, रामकेवल, सालिकराम, यशोदा, राकेश कुमार, सोना का घारी और भुसौला जलने लगा। आग को फैलते देखकर गांव के लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना पर घंटों बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम लोगों की मदद से आग पर जब तक काबू पाया गया तब तक एक दर्जन छप्पर राख में बदल चुके थे। सिद्धौर के ग्राम प्रधान सूरज एवं इतबहरा के प्रधान के प्रतिनिधि जिलाजीत सिंह ने बताया कि हलका लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव को सूचना दी गई लेकिन शाम तक घटनास्थल पर नहीं आए। मौके पर पहुंची गौर पुलिस से प्रधान एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में कम से कम थाने पर दमकल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। इससे आग लगने पर समय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके।
बिजली की चिंगारी छीन रही निवाला
बस्ती। मौसम के बेरुखी से भयभीत किसान अपनी चार माह की कमाई घर लाने को बेताब हैं। कभी आंधी पानी तो कभी बिजली के ढीले तारों से निकल रही चिंगारी सब कुछ बर्बाद कर दे रही है। शनिवार को विक्रमजोत, छावनी, नगरबाजार, लालगंज आदि क्षेत्रों में बिजली की चिंगारी से कई बीघे फसल खेत में ही जल गई।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक सोनबरसा गांव के लोकईपुर में जर्जर हाईटेंशन तार टूट कर गिरने से करीब 12 बीघा गेहूं की फसल देखते ही देखते जलकर राख की ढेर हो गई। बेबस किसान सिर्फ देखते रहे। गांववालों के मुताबिक अम्बिका शुक्ला के खेत के पास से 11,000 बोल्ट की लाइन गई है। शनिवार दोपहर के करीब सवा 11 बजे तार टूट कर गेहूं के खेत में गिर गया। इससे फसल में आग लग गई। जब तक लोगों को खेत में आग की जानकारी हो पाती तब तक सोनबरसा के शेषनारायण पाठक, महेवा निवासी खुशीराम मौर्य, रामशंकर, राजाराम सहित छह लोगों की फसल जलकर राख हो गई। आग को बढ़ते देखकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन जब तक फायर सर्विस पहुंची तब तक लोग खुद की मशक्कत से आग पर काबू पा लिए थे।
छावनी प्रतिनिधि के मुताबिक महेवाजोत माली गांव के 15 किसानों का गेहूं बिजली की चिंगारी से खेत में ही जल गया। आग बलेश्वर के खेत में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे लगी। यहां बिजली का तार टूटकर गिर गया था। देखते ही देखते बलेश्वर, बद्री प्रसाद, जग प्रसाद, राम निवास, उमाशंकर, रामशंकर, कन्हई, त्रिभुवन, मूरता देवी, दयाश, राम मूरत, मंगरु, ओरीलाल, राम कैलास की फसल राख हो गई। हलका लेखपाल संजय कुमामर ने मौके पर पहुंच कर क्षति का आकलन किया। किसानों ने बताया कि खरीफ के सीजन में भी इसी तरह से फसल जल गई थी।
लालगंज एवं कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक ग्राम पंचायत दैजी गांव के सिवान में बिजली के तारों से निकली चिंगारी से 20 बीघा तैयार गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। शनिवार को करीब साढ़े 11 बजे खेत में लगी आग से दैजी निवासी हनुमान सिंह, रघुनाथ सिंह, राजेश सिंह, भागवत सिंह, रणजीत सिंह, रामफेर, त्रिभुवन, विजयी सिंह, रामप्रकाश, गणेश, अखिलेश, लालगंज निवासी पूनम, गीता, नीलम, किरन की खेत में तैयार गेहूं की फसल देखते ही देखते राख में बदल गई। गांव के किसान फायर विभाग को फोन करते रहे और आग बुझाने तक एक भी दमकल कर्मी नहीं पहुंच सके। जबकि आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे लग गए। कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक धौराहरा गांव में भी बिजली के तारों से निकली चिंगारी से खेत में आग लग गई। जब तक गांव के लोग कुछ समझ पाते तब तक मल्लू सिंह का छह बीघा गेहूं जल गया। खेत से सटे बाग में सागौन के पेड़ भी जल गए।
गौहनिया में लगी आग
सल्टौआ। सोनहा क्षेत्र के गौहनिया में शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे सिवान में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी आग से सबसे पहले उमेश की फसल जल गई। आग और तेज हवा से किसानों के होश उड़ गए। देखते ही देखते अमरनाथ, राममिलन, रामबचन, मो. शमीम, अशोक, आलोक, सुखराम, बुधिराम, जगराम, मो. सनीफ, रोशन, हनीफ, जवाहिर के खेत जलने लगे। हसनापुर, बरगदवा गांव के सिवान तक आग फैल गई। इसमें गांव के विष्णु उपाध्याय, राम सहाय, रंगनाथ, विशम्भर, दूधनाथ, जनार्दन, राजेंद्र, देवेंद्र, मनीराम, फूलमती, रामसुभग, मुकेश, जगराम, राजेद्र प्रसाद सहित कई किसानों की फसल जल गई। सूचना पाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भानपुर अमनदीप डुली मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर की व्यवस्था कराकर आग पर काबू पाने का प्रयास कराया। फायर विभाग की गाड़ी आग बुझने के बाद पहुंची तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जिन्हें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने समझाकर शांत कराया। हलका लेखपाल शिवकुमार कमल, अरुण श्रीवास्तव ने आग से हुए क्षति का आकलन किया।
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गौर थाना क्षेत्र के सिद्धौर ग्राम पंचायत के मझरतिया पुरवे में शनिवार की दोपहर राख की चिंगारी ने करीब डेढ़ दर्जन छप्पर के घरों को जलाकर राख कर दिया। इस आग में कई की पूरी गृहस्थी ही जलकर राख हो गई।
पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया। गांव के लोग खेती के कार्य के लिए शनिवार सुबह ही सिवान में चले गए थे। गांव के सर्वजीत के घर के पीछे कोठ के पास चूल्हे की राख फेंकी गई थी। राख में पड़ी चिंगारी धीरे-धीरे शोला बन गई। इससे गांव के पुल्लू, जगदीश, शीला, पूर्णमासी, मथुरा के घर का छप्पर जलकर राख हो गया। इससे घर में रखा खाने-पीने व अन्य गृहस्थी का सामान भी जलकर राख में बदल गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि पछुआ हवा के चलते आग इतनी विकराल हो गई कि देखते ही देखते गांव के रमेश्वर, दयाराम, रामकेवल, सालिकराम, यशोदा, राकेश कुमार, सोना का घारी और भुसौला जलने लगा। आग को फैलते देखकर गांव के लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना पर घंटों बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम लोगों की मदद से आग पर जब तक काबू पाया गया तब तक एक दर्जन छप्पर राख में बदल चुके थे। सिद्धौर के ग्राम प्रधान सूरज एवं इतबहरा के प्रधान के प्रतिनिधि जिलाजीत सिंह ने बताया कि हलका लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव को सूचना दी गई लेकिन शाम तक घटनास्थल पर नहीं आए। मौके पर पहुंची गौर पुलिस से प्रधान एवं ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समय ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में कम से कम थाने पर दमकल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। इससे आग लगने पर समय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके।
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बस्ती। मौसम के बेरुखी से भयभीत किसान अपनी चार माह की कमाई घर लाने को बेताब हैं। कभी आंधी पानी तो कभी बिजली के ढीले तारों से निकल रही चिंगारी सब कुछ बर्बाद कर दे रही है। शनिवार को विक्रमजोत, छावनी, नगरबाजार, लालगंज आदि क्षेत्रों में बिजली की चिंगारी से कई बीघे फसल खेत में ही जल गई।
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छावनी प्रतिनिधि के मुताबिक महेवाजोत माली गांव के 15 किसानों का गेहूं बिजली की चिंगारी से खेत में ही जल गया। आग बलेश्वर के खेत में शनिवार दोपहर करीब 12 बजे लगी। यहां बिजली का तार टूटकर गिर गया था। देखते ही देखते बलेश्वर, बद्री प्रसाद, जग प्रसाद, राम निवास, उमाशंकर, रामशंकर, कन्हई, त्रिभुवन, मूरता देवी, दयाश, राम मूरत, मंगरु, ओरीलाल, राम कैलास की फसल राख हो गई। हलका लेखपाल संजय कुमामर ने मौके पर पहुंच कर क्षति का आकलन किया। किसानों ने बताया कि खरीफ के सीजन में भी इसी तरह से फसल जल गई थी।
लालगंज एवं कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक ग्राम पंचायत दैजी गांव के सिवान में बिजली के तारों से निकली चिंगारी से 20 बीघा तैयार गेहूं की फसल जल कर राख हो गई। शनिवार को करीब साढ़े 11 बजे खेत में लगी आग से दैजी निवासी हनुमान सिंह, रघुनाथ सिंह, राजेश सिंह, भागवत सिंह, रणजीत सिंह, रामफेर, त्रिभुवन, विजयी सिंह, रामप्रकाश, गणेश, अखिलेश, लालगंज निवासी पूनम, गीता, नीलम, किरन की खेत में तैयार गेहूं की फसल देखते ही देखते राख में बदल गई। गांव के किसान फायर विभाग को फोन करते रहे और आग बुझाने तक एक भी दमकल कर्मी नहीं पहुंच सके। जबकि आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे लग गए। कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक धौराहरा गांव में भी बिजली के तारों से निकली चिंगारी से खेत में आग लग गई। जब तक गांव के लोग कुछ समझ पाते तब तक मल्लू सिंह का छह बीघा गेहूं जल गया। खेत से सटे बाग में सागौन के पेड़ भी जल गए।
गौहनिया में लगी आग
सल्टौआ। सोनहा क्षेत्र के गौहनिया में शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे सिवान में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी आग से सबसे पहले उमेश की फसल जल गई। आग और तेज हवा से किसानों के होश उड़ गए। देखते ही देखते अमरनाथ, राममिलन, रामबचन, मो. शमीम, अशोक, आलोक, सुखराम, बुधिराम, जगराम, मो. सनीफ, रोशन, हनीफ, जवाहिर के खेत जलने लगे। हसनापुर, बरगदवा गांव के सिवान तक आग फैल गई। इसमें गांव के विष्णु उपाध्याय, राम सहाय, रंगनाथ, विशम्भर, दूधनाथ, जनार्दन, राजेंद्र, देवेंद्र, मनीराम, फूलमती, रामसुभग, मुकेश, जगराम, राजेद्र प्रसाद सहित कई किसानों की फसल जल गई। सूचना पाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भानपुर अमनदीप डुली मौके पर पहुंचे। ट्रैक्टर की व्यवस्था कराकर आग पर काबू पाने का प्रयास कराया। फायर विभाग की गाड़ी आग बुझने के बाद पहुंची तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जिन्हें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने समझाकर शांत कराया। हलका लेखपाल शिवकुमार कमल, अरुण श्रीवास्तव ने आग से हुए क्षति का आकलन किया।