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बस मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Mon, 11 Mar 2019 11:48 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:48 PM IST
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बस मालिक योगेश कुमार सिंह। फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
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महराजगंज। बस मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में लखनऊ में मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ के लिए निकल गए। वहीं, चिनहट पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के परिवारपुर गांव के रहने वाले योगेश कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह लखनऊ के चिनहट में कमरा लेकर तीन बसों को बस्ती से लखनऊ चलवाते थे। उनका परिवार बस्ती और परिवारपुर रहता है। परिजनों के मुताबिक योगेश कुमार सिंह रविवार रात नौ बजे मोबाइल से बात किए थे। बातचीत में किसी एक बस के पकड़े जाने का जिक्र भी किया था। रात करीब दो बजे अचानक योगेश चीखने लगे। चीख सुनकर मकान मालिक पहुंचकर कमरा खोले तो वह कमरे में बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस योगेश सिंह को मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मौत की सूचना कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। 46 वर्षीय योगेश कुमार सिंह एपीएन पीजी कॉलेज से छात्र संघ का चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखे थे। गांव में क्षेत्र पंचायत का चुनाव जीतने के बाद वह लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रूप में सक्रिय जनप्रतिनिधि रहे। पिता केदारनाथ सिंह की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। परिवार में माता आशा सिंह (65), छोटे भाई रितेश सिंह जो रेलवे गोरखपुर में तैनात हैं। पत्नी कविता सिंह और दो बच्चे प्रज्ज्वल सिंह (14) तथा उज्ज्वल सिंह (12) पढ़ाई कर रहे हैं। योगेश कुमार सिंह की मौत से सभी बेहाल हैं। सोमवार देर शाम योगेश कुमार सिंह का शव लेकर लोग पैतृक गांव पहुंचे तो चीख-पुकार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। शुभचिंतकों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के परिवारपुर गांव के रहने वाले योगेश कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह लखनऊ के चिनहट में कमरा लेकर तीन बसों को बस्ती से लखनऊ चलवाते थे। उनका परिवार बस्ती और परिवारपुर रहता है। परिजनों के मुताबिक योगेश कुमार सिंह रविवार रात नौ बजे मोबाइल से बात किए थे। बातचीत में किसी एक बस के पकड़े जाने का जिक्र भी किया था। रात करीब दो बजे अचानक योगेश चीखने लगे। चीख सुनकर मकान मालिक पहुंचकर कमरा खोले तो वह कमरे में बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्होंने तत्काल घटना की सूचना परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस योगेश सिंह को मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले गई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग रात में ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मौत की सूचना कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। 46 वर्षीय योगेश कुमार सिंह एपीएन पीजी कॉलेज से छात्र संघ का चुनाव लड़कर राजनीति में कदम रखे थे। गांव में क्षेत्र पंचायत का चुनाव जीतने के बाद वह लोकतांत्रिक कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रूप में सक्रिय जनप्रतिनिधि रहे। पिता केदारनाथ सिंह की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। परिवार में माता आशा सिंह (65), छोटे भाई रितेश सिंह जो रेलवे गोरखपुर में तैनात हैं। पत्नी कविता सिंह और दो बच्चे प्रज्ज्वल सिंह (14) तथा उज्ज्वल सिंह (12) पढ़ाई कर रहे हैं। योगेश कुमार सिंह की मौत से सभी बेहाल हैं। सोमवार देर शाम योगेश कुमार सिंह का शव लेकर लोग पैतृक गांव पहुंचे तो चीख-पुकार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। शुभचिंतकों की भीड़ दरवाजे पर जुट गई।
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