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Saharanpur News: कुत्तों का बढ़ता आतंक...बच्चे बन रहे आसान शिकार, सिस्टम मौन
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- सबसे ज्यादा मासूमों को ही शिकार बना रहे कुत्ते, पकड़ने के इंतजाम भी नाकाफी
- सरकारी अस्पतालों में हर महीने एआरवी लगवाने आते हैं चार हजार से अधिक लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बिहारीगढ़ की ग्राम पंचायत मूसापुर का मजरा मदनपुरा में कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आवारा कुत्ते मासूमों को अपना शिकार बना चुके हैं, लेकिन मासूमों की चीखें किसी को सुनाई नहीं दे रही है। आवारा कुत्तों के आतंक पर सिस्टम खामोश है। एसबीडी जिला अस्पताल में रेबीज से बचने के लिए हर महीने चार हजार से अधिक लोग एआरवी लगवा रहे हैं।
जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही है। गली-मोहल्ले तक सुरक्षित नहीं है। रात के समय बाइक या फिर अन्य वाहन पर जाते हैं तो गली-मोहल्ले के कुत्ते पीछे भागते हैं। कुत्तों का झुंड सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार बनाता है। एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। रोजाना 100 से 150 पीड़ित एआरवी इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त एआरवी मौजूद है।
-- कब-कब हुई कुत्ते काटने की घटनाएं
- मुजफ्फराबाद के गांव चाऊपुर में 27 अप्रैल को आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ साल के लविश को नोच कर मौत के घाट उतार दिया था। इससे 15 दिन पहले भी यहां ईंट भट्ठे के मजदूर के मासूम बच्चे को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया था।
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- 19 मई को ग्राम पंचायत शहजादपुर उर्फ ढालवाला में कुत्तों ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय हमदान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 16 अप्रैल को इसी गांव में रिश्तेदारी में आए देहरादून के ढकरानी गांव के नौ साल के वासित को हमला कर गंभीर घायल कर दिया था।
- देवबंद में 26 जून 2025 को मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी चाय विक्रेता महताब (35) की कुत्ते से काटने से मौत हो गई थी।
- 22 अप्रैल को चिलकाना के पटनी गांव में अरविंद सैनी को आवारा कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- मिर्जापुर के पाडली गांव में बुरहान की पांच साल की बेटी हलीमा पर कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
- एक जुलाई 2026 को गागलहेड़ी के गांव हरोड़ा मुस्तकम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय अकदस को नोचकर मार दिया था।
-- कुत्ते के काटने पर क्या करें
- कुत्ता काटने के बाद साबुन से नल के नीचे दस से 15 मिनट तक घाव को धोएं
- कुत्ता काटने वाले जख्म पर मिर्च नहीं लगाएं। चिकित्सक को दिखाएं।
- टिटनेस और एआरवी भी लगवाएं।
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- सरकारी अस्पतालों में हर महीने एआरवी लगवाने आते हैं चार हजार से अधिक लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बिहारीगढ़ की ग्राम पंचायत मूसापुर का मजरा मदनपुरा में कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आवारा कुत्ते मासूमों को अपना शिकार बना चुके हैं, लेकिन मासूमों की चीखें किसी को सुनाई नहीं दे रही है। आवारा कुत्तों के आतंक पर सिस्टम खामोश है। एसबीडी जिला अस्पताल में रेबीज से बचने के लिए हर महीने चार हजार से अधिक लोग एआरवी लगवा रहे हैं।
जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही है। गली-मोहल्ले तक सुरक्षित नहीं है। रात के समय बाइक या फिर अन्य वाहन पर जाते हैं तो गली-मोहल्ले के कुत्ते पीछे भागते हैं। कुत्तों का झुंड सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को शिकार बनाता है। एसबीडी जिला अस्पताल में हर रोज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की कतार लगी रहती है। रोजाना 100 से 150 पीड़ित एआरवी इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त एआरवी मौजूद है।
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- मुजफ्फराबाद के गांव चाऊपुर में 27 अप्रैल को आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ साल के लविश को नोच कर मौत के घाट उतार दिया था। इससे 15 दिन पहले भी यहां ईंट भट्ठे के मजदूर के मासूम बच्चे को कुत्तों ने मौत के घाट उतार दिया था।
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- 19 मई को ग्राम पंचायत शहजादपुर उर्फ ढालवाला में कुत्तों ने घर के बाहर खेल रहे तीन वर्षीय हमदान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- 16 अप्रैल को इसी गांव में रिश्तेदारी में आए देहरादून के ढकरानी गांव के नौ साल के वासित को हमला कर गंभीर घायल कर दिया था।
- देवबंद में 26 जून 2025 को मोहल्ला कोहला बस्ती निवासी चाय विक्रेता महताब (35) की कुत्ते से काटने से मौत हो गई थी।
- 22 अप्रैल को चिलकाना के पटनी गांव में अरविंद सैनी को आवारा कुत्ते ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- मिर्जापुर के पाडली गांव में बुरहान की पांच साल की बेटी हलीमा पर कुत्तों ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
- एक जुलाई 2026 को गागलहेड़ी के गांव हरोड़ा मुस्तकम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्षीय अकदस को नोचकर मार दिया था।
- कुत्ता काटने के बाद साबुन से नल के नीचे दस से 15 मिनट तक घाव को धोएं
- कुत्ता काटने वाले जख्म पर मिर्च नहीं लगाएं। चिकित्सक को दिखाएं।
- टिटनेस और एआरवी भी लगवाएं।