{"_id":"7c26c0f07a702fea4b611e8e26e08172","slug":"bku-aggresive-at-sdm-harraiya-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम के खिलाफ भाकियू ने खोला मोर्चा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एसडीएम के खिलाफ भाकियू ने खोला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती
Updated Wed, 13 Jan 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर्रैया। तहसील परिसर में किसान समस्याओं सहित कंबल वितरित करने की मांग को
विज्ञापन
लेकर धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं में शामिल महिलाओं के साथ एसडीएम के
दुर्व्यवहार को लेकर मंगलवार को तहसील मुख्यालय का माहौल गर्म हो गया।
भाकियू कार्यकर्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम
कक्ष के बाहर धरने पैर बैठ गए।
उन्हें मनाने की प्रशासनिक कोशिशें शाम तक विफल रही। देर श्ााम डीएम के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम भानपुर सुरेश चंद्र शर्मा के आश्वासन पर समाप्त हो गया। धरने में 29 लोगों को कंबल वितरण किया गया। महिला से दुर्व्यवहार के मामले में एसडीएम हर्रैया के आने पर विचार किया जाएगा।
भाकियू कार्यकर्ता तहसील अध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी के नेतृत्व में किसान समस्याओ को लेकर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। भाकियू नेताओं का कहना था कि एसडीएम ने पात्रों को कंबल देने के लिए तहसील में बुलाया था। कल ही स्थानीय विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राज किशोर सिंह ने डाकबंगले पर कंबल वितरित किया, जिसके चलते एसडीएम भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ आई महिलाओं सहित अन्य में कंबल नहीं वितरित कर पाए।
भाकियू कार्यकर्ता कंबल नहीं मिलने पर नाराज हो गए और तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। देर रात करीब नौ बजे एसडीएम आरबी सिंह मातहतों के साथ धरना स्थल पर आए और धरना समाप्त करने को कहा। भाकियू नेताओं ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कंबल वितरित करने की मांग की।
नाराज एसडीएम ने जबरन उन्हें वहां से उठाना चाहा तो महिला कार्यकर्ता आगे आ गईं। आरोप है कि एसडीएम ने भाकियू की महिला कार्यकर्ता सुभावती देवी निवासी भैसा चौबे लल्लुआ देवी व ज्ञाना देवी निवासी धिरौली बाबू को धक्का देकर बरामदे से नीचे गिरा दिया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता उग्र हो गए और एसडीएम व प्रशासन विरोधी नारेबाजी करने लगे।
मंगलवार को सुबह से ही तहसील परिसर का माहौल गर्म हो गया और बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता एसडीएम के कक्ष के सामने धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। प्रशासन ने एहतियातन छावनी व हर्रैया पुलिस को मौके पर बुला लिया। मौके पर उप जिलाधिकारी के न होने पर भाकियू कार्यकर्ता धरने पर अड़े हुए हैं।
एलआइयू के निरीक्षक विजय सिंह ने भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाया मगर रात में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार से नाराज कार्यकर्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई व जांच की मांग कर रहे हैं। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष बंधू चौधरी ने कहा कि एसडीएम का व्यवहार किसी तानाशाह जैसा है। हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जब तक मांगे पूरी नहीं हो जातीं, धरना जारी रहेगा।
अपने ऊपर लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए एसडीएम ने कहा कि जब डाकबगले पर कंबल बांटा जा रहा था तो वहां इनको आना चाहिए था। धरने में प्रमुख रूप से ओम प्रकाश तिवारी, हरि प्रसाद वर्मा, राम जी वर्मा, पारस नाथ गुप्ता, राम दास वर्मा, राम मनोहर चौधरी, राम चंद्र सिंह, चंद्रभान चौधरी, राम भवन यादव, राम औतार, जीरा देवी, करिया गोस्वामी, फूलमती, कान्ती देवी, तारा देवी, शिवउप्रसाद सिंह आदि भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उन्हें मनाने की प्रशासनिक कोशिशें शाम तक विफल रही। देर श्ााम डीएम के निर्देश पर पहुंचे एसडीएम भानपुर सुरेश चंद्र शर्मा के आश्वासन पर समाप्त हो गया। धरने में 29 लोगों को कंबल वितरण किया गया। महिला से दुर्व्यवहार के मामले में एसडीएम हर्रैया के आने पर विचार किया जाएगा।
भाकियू कार्यकर्ता तहसील अध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी के नेतृत्व में किसान समस्याओ को लेकर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। भाकियू नेताओं का कहना था कि एसडीएम ने पात्रों को कंबल देने के लिए तहसील में बुलाया था। कल ही स्थानीय विधायक व प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राज किशोर सिंह ने डाकबंगले पर कंबल वितरित किया, जिसके चलते एसडीएम भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ आई महिलाओं सहित अन्य में कंबल नहीं वितरित कर पाए।
भाकियू कार्यकर्ता कंबल नहीं मिलने पर नाराज हो गए और तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। देर रात करीब नौ बजे एसडीएम आरबी सिंह मातहतों के साथ धरना स्थल पर आए और धरना समाप्त करने को कहा। भाकियू नेताओं ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कंबल वितरित करने की मांग की।
नाराज एसडीएम ने जबरन उन्हें वहां से उठाना चाहा तो महिला कार्यकर्ता आगे आ गईं। आरोप है कि एसडीएम ने भाकियू की महिला कार्यकर्ता सुभावती देवी निवासी भैसा चौबे लल्लुआ देवी व ज्ञाना देवी निवासी धिरौली बाबू को धक्का देकर बरामदे से नीचे गिरा दिया। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता उग्र हो गए और एसडीएम व प्रशासन विरोधी नारेबाजी करने लगे।
मंगलवार को सुबह से ही तहसील परिसर का माहौल गर्म हो गया और बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता एसडीएम के कक्ष के सामने धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे। प्रशासन ने एहतियातन छावनी व हर्रैया पुलिस को मौके पर बुला लिया। मौके पर उप जिलाधिकारी के न होने पर भाकियू कार्यकर्ता धरने पर अड़े हुए हैं।
एलआइयू के निरीक्षक विजय सिंह ने भाकियू कार्यकर्ताओं को समझाया मगर रात में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार से नाराज कार्यकर्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई व जांच की मांग कर रहे हैं। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष बंधू चौधरी ने कहा कि एसडीएम का व्यवहार किसी तानाशाह जैसा है। हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जब तक मांगे पूरी नहीं हो जातीं, धरना जारी रहेगा।
अपने ऊपर लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए एसडीएम ने कहा कि जब डाकबगले पर कंबल बांटा जा रहा था तो वहां इनको आना चाहिए था। धरने में प्रमुख रूप से ओम प्रकाश तिवारी, हरि प्रसाद वर्मा, राम जी वर्मा, पारस नाथ गुप्ता, राम दास वर्मा, राम मनोहर चौधरी, राम चंद्र सिंह, चंद्रभान चौधरी, राम भवन यादव, राम औतार, जीरा देवी, करिया गोस्वामी, फूलमती, कान्ती देवी, तारा देवी, शिवउप्रसाद सिंह आदि भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।