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अदालती कार्य नहीं किया 

Fri, 13 May 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 13 May 2016 11:55 PM IST
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advocates boycotted court  work
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। अधिवक्ताओं की हत्या और प्रदेश में कानून व्यवस्था की बदहाली के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को अदालती कार्य का बहिष्कार किया। बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश के प्रस्ताव पर शुक्रवार को जिले के अधिवक्ताओं ने प्रदेश में लगातार अधिवक्ताओं की हो रही हत्या और कानून व्यवस्था की बदहाली को लेकर अदालती कार्य का बहिष्कार किया और प्रदेश सरकार को कानून व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी।
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अधिवक्ताओं ने मांग की कि जिन वकीलों की हत्या हुई है, उनके आश्रितों को सहायता राशि दिलाई जाए और परिवार के योग्य सदस्य को सरकारी सेवा में लिया जाए। इसके अलावा यदि दिवंगत के परिवार वाले शस्त्र लाइसेंस चाहते हैैं तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। यदि अधिवक्ताओं की मांगो पर सरकार गंभीर नहीं होती है तो 23 मई को पूरे प्रदेश के अधिवक्ता लखनऊ में विधान सभा का घेराव कर विरोध दर्ज कराएंगे।
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केस के अल्पीकरण से गुस्साए अधिवक्ता
बस्ती। अधिवक्ता को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर देने के मामले में हल्का केस दर्ज किए जाने से वकीलों में गुस्सा बढ़ा है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने एसपी से मुलाकात की। मामले की जांच उच्च पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की।
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सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिश्चंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में शुक्रवार को वकीलों के प्रतिनिधि मंडल ने एसपी को ज्ञापन दिया। पुलिस पर केस का अल्पीकरण किए जाने का आरोप लगाया। अधिवक्ता ने बताया कि सिविल बार से जुड़े अधिवक्ता जोखन कुमार अनुसूचित जाति के हैं। उनको उन्हीं के गांव के जितेंद्र कुमार यादव आदि ने मारपीट कर घायल कर दिया। मरणासन्न की स्थिति में छोड़ा। पुलिस ने केस दर्ज तो किया लेकिन धाराओं के साथ छेड़छाड़ कर दी गई।


इस मामले में प्राणघातक हमला, एससीएसटी की धारा नहीं लगाई गई। न ही पुलिस ने गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता का बयान दर्ज किया। बाद में जिला अस्पताल से घायल अधिवक्ता को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इन सबके बावजूद, पुलिस मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज की जो कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। एसपी ने आश्वस्त किया कि इस मामले में वह अपने स्तर से जांच कराएंगे। दयाशंकर दुबे, शरद कुमार चतुर्वेदी, अजय प्रताप सिंह, हनुमान सिंह, दिलशाद हसन खां, रवि प्रताप सिंह, अरविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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