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गृहकलह में युवक ने लगाया फंदा, मौत
basti
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:36 PM IST
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जगदीश।
- फोटो : amar ujala
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मानिकचन्द। रुधौली थाना क्षेत्र के मरवटिया आसरे के 35 वर्षीय जगदीश चौधरी पुत्र राम कृपाल गृहकलह से तंग आकर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय जगदीश घर में अकेले थे।
बुधवार सुबह पिता राम कृपाल खेत चले गए थे जबकि पत्नी रेनू तीन बच्चों के साथ मायके सोनबरसा में थी। खेत से वापस घर लौटे पिता ने दरवाजा खटखटाया कोई आवाज नहीं आने पर छत के ऊपर चढ़ गए। अंदर का नजारा देख दंग रह गए। आंगन में निकली सरिया में नायलान रस्सी का फंदा लगाकर बेटे का शव लटका था। राम कृपाल छत से ही शोर मचाने लगे। चीख-पुकार पर पहुंचे गांववाले जगदीश का शव देखकर अवाक रह गए। घटना की जानकारी जगदीश की पत्नी और बहन को फोन से दी गई। पति की मौत पर पहुंची रेनू व तीन बच्चे आठ वर्षीय बेटी लक्ष्मी, 6 साल का बेटा कृष्णा बेहाल हैं। एक बेटा सात माह का कन्हैया भी है। बहनें प्रभावती और दुर्गावती भी पहुंचीं। शव देखते ही सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। रुधौली पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आठ दिन पहले हुआ था पत्नी से झगड़ा
गांववालों और जगदीश की बहनों ने बताया कि आठ दिन पहले भैया और भाभी में विवाद हुआ था। जगदीश नशे का आदी था। शराब पीकर अक्सर पत्नी और बच्चों को मारता-पीटता रहता था। आएदिन घर में विवाद होता रहता था। इन्हीं कारणों से मां रजनी चौधरी दो वर्ष पहले घर छोड़कर कहीं चली गईं। तब से फिर वापस घर नहीं आई। पत्नी भी अक्सर बच्चों के साथ मायके ही रहती रही। जगदीश के दो बडे़ भाई हैं जो अलग रहते हैं। बड़ा भाई चिंताहरण नासिक में तो मझला भाई पंजाब में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। जगदीश ने एक माह पहले भी उसी स्थान पर फंदा लगा कर जान देने की कोशिश की थी लेकिन बहन प्रभावती के पहुंचने से जिंदा उतार लिया गया था।
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बुधवार सुबह पिता राम कृपाल खेत चले गए थे जबकि पत्नी रेनू तीन बच्चों के साथ मायके सोनबरसा में थी। खेत से वापस घर लौटे पिता ने दरवाजा खटखटाया कोई आवाज नहीं आने पर छत के ऊपर चढ़ गए। अंदर का नजारा देख दंग रह गए। आंगन में निकली सरिया में नायलान रस्सी का फंदा लगाकर बेटे का शव लटका था। राम कृपाल छत से ही शोर मचाने लगे। चीख-पुकार पर पहुंचे गांववाले जगदीश का शव देखकर अवाक रह गए। घटना की जानकारी जगदीश की पत्नी और बहन को फोन से दी गई। पति की मौत पर पहुंची रेनू व तीन बच्चे आठ वर्षीय बेटी लक्ष्मी, 6 साल का बेटा कृष्णा बेहाल हैं। एक बेटा सात माह का कन्हैया भी है। बहनें प्रभावती और दुर्गावती भी पहुंचीं। शव देखते ही सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। रुधौली पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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आठ दिन पहले हुआ था पत्नी से झगड़ा
गांववालों और जगदीश की बहनों ने बताया कि आठ दिन पहले भैया और भाभी में विवाद हुआ था। जगदीश नशे का आदी था। शराब पीकर अक्सर पत्नी और बच्चों को मारता-पीटता रहता था। आएदिन घर में विवाद होता रहता था। इन्हीं कारणों से मां रजनी चौधरी दो वर्ष पहले घर छोड़कर कहीं चली गईं। तब से फिर वापस घर नहीं आई। पत्नी भी अक्सर बच्चों के साथ मायके ही रहती रही। जगदीश के दो बडे़ भाई हैं जो अलग रहते हैं। बड़ा भाई चिंताहरण नासिक में तो मझला भाई पंजाब में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। जगदीश ने एक माह पहले भी उसी स्थान पर फंदा लगा कर जान देने की कोशिश की थी लेकिन बहन प्रभावती के पहुंचने से जिंदा उतार लिया गया था।
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