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विक्रमजोत में बंग्लादेशी कहकर मतदाता को पीटा
Mon, 13 May 2019 12:34 AM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 13 May 2019 12:34 AM IST
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विधायक अजय सिंह के समर्थकों से नोकझोंक हुई।
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। लोकसभा मतदान के दौरान रविवार सुबह नौ बजे टिकरिया मतदान केंद्र पर एक मतदाता को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंग्लादेशी कहकर पीट दिया। सूचना पर पहुंचे हर्रैया विधायक अजय सिंह के तेवर से भाजपा समर्थकों और कांग्रेस, गठबंधन कार्यकर्ताओं में भी नोकझोंक होने लगी। आधे घंटे से अधिक देरी तक मतदान कार्य बाधित रहा।
सुबह नौ बजे एक वर्ग के लोग मतदान करने विक्रमजोत के टिकरिया मतदान केंद्र पर पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बंग्लादेशी वोटर कहकर पीटना शुरू किया। इन लोगों का आरोप था कि बिहार आदि प्रांतों से यहां आकर हाईवे के किनारे होटलों पर ये लोग काम करते हैं। सभी कांग्रेस और बसपा के लिए मतदान करने आए हैं। इसकी सूचना क्षेत्रीय विधायक हर्रैया को दी गई। मौके पर पहुंचे विधायक ने भी अभद्र शब्दों का प्रयोग शुरू किया। विधायक के तेवर देखकर उनके समर्थक भी उग्र हो गए। इससे कांग्रेस और बसपा कार्यकर्ताओं में भी नोकझोंक शुरू हो गई। मतदान की लाइन में लगे तमाम मतदाता मतदेय स्थल से भाग खडे़ हुए। बाद में मतदान कर्मियों ने समझा-बुझाकर मतदान कराया लेकिन अधिकतर बगैर मतदान के लौट गए।
घटना के दौरान विक्रमजोत चौकी प्रभारी हरे कृष्ण उपाध्याय व अतिरिक्त पुलिस बल ने बीच-बचाव कर विधायक को शांत कराकर वापस भेजा। हर्रैया विधायक वहां से सीधे कवलपुर मतदान स्थल चले गए। टिकरिया मतदान स्थल पर दबंगई से आहत सुभाष शर्मा, ईश्वर उनकी पत्नी रेनू गौतम ने डीएम और सेक्टर मजिस्ट्रेट को शिकायत पत्र भेजा है। इसमें विधायक अजय सिंह, टिकरिया निवासी पेशकार सिंह, दिलीप कुमार सिंह, प्रिंस सिंह, शेरबहादुर सिंह व रितेश सिंह के खिलाफ दलित उत्पीड़न व मतदान से रोकने का आरोप लगाया है।
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सुभाष शर्मा को थाने ले गई पुलिस
परिवार के लोगों का आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे छावनी और परशुरामपुर पुलिस की संयुक्त टीम घर पहुंची। सुभाष शर्मा को उसके घर से थाने लेकर चली गई। घटना के बाद से क्षेत्र में चर्चा है कि विधायक अपने खिलाफ होने वाली शिकायत से बचने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई करा रहे हैं। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
बहारी प्रदेश के हैं इनकी जांच होनी चाहिए: विधायक
हर्रैया विधायक अजय सिंह ने कहा कि टिकरिया में बाहरी लोगों के मतदान कराए जाने की जानकारी कार्यकर्ताओं ने दी थी। मौके पर पहुंचा और बाहरी वोटरों से आईडी, खतौनी, निवास प्रमाणपत्र आदि दिखाने को कहा। जो उनके पास नहीं थे। उन्होंने पूछताछ में बिहार के होने की भी बात कबूली। ये लोग दूसरे समुदाय के थे लेकिन जो पता इनके वोटर आईडी पर है, उस कवलपुर गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के एक भी लोग नहीं रहते हैं। मारपीट या गाली-गलौज करने की बात निराधार है। पूरी वीडियोग्राफी भी हुई है।
विधायक का आरोप है कि विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में हाईवे पर कुछ ढाबा संचालक के यहां बिहार और बंग्लादेश के लोग काम करते हैं। इनके पास न तो खतौनी है, न घर है न ही अन्य कोई भी प्रमाणपत्र। होटल और ढाबा संचालकों ने इनका निर्वाचन कार्ड जुगाड़ से बनवा दिया है। अकेले कवलपुर में करीब 227 फर्जी वोटर हैं जिनका मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया। इसके खिलाफ मैंने पहले भी आवाज उठाई है। इनकी जांच के लिए जिला प्रशासन से कहूंगा।
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सुबह नौ बजे एक वर्ग के लोग मतदान करने विक्रमजोत के टिकरिया मतदान केंद्र पर पहुंचे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बंग्लादेशी वोटर कहकर पीटना शुरू किया। इन लोगों का आरोप था कि बिहार आदि प्रांतों से यहां आकर हाईवे के किनारे होटलों पर ये लोग काम करते हैं। सभी कांग्रेस और बसपा के लिए मतदान करने आए हैं। इसकी सूचना क्षेत्रीय विधायक हर्रैया को दी गई। मौके पर पहुंचे विधायक ने भी अभद्र शब्दों का प्रयोग शुरू किया। विधायक के तेवर देखकर उनके समर्थक भी उग्र हो गए। इससे कांग्रेस और बसपा कार्यकर्ताओं में भी नोकझोंक शुरू हो गई। मतदान की लाइन में लगे तमाम मतदाता मतदेय स्थल से भाग खडे़ हुए। बाद में मतदान कर्मियों ने समझा-बुझाकर मतदान कराया लेकिन अधिकतर बगैर मतदान के लौट गए।
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घटना के दौरान विक्रमजोत चौकी प्रभारी हरे कृष्ण उपाध्याय व अतिरिक्त पुलिस बल ने बीच-बचाव कर विधायक को शांत कराकर वापस भेजा। हर्रैया विधायक वहां से सीधे कवलपुर मतदान स्थल चले गए। टिकरिया मतदान स्थल पर दबंगई से आहत सुभाष शर्मा, ईश्वर उनकी पत्नी रेनू गौतम ने डीएम और सेक्टर मजिस्ट्रेट को शिकायत पत्र भेजा है। इसमें विधायक अजय सिंह, टिकरिया निवासी पेशकार सिंह, दिलीप कुमार सिंह, प्रिंस सिंह, शेरबहादुर सिंह व रितेश सिंह के खिलाफ दलित उत्पीड़न व मतदान से रोकने का आरोप लगाया है।
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सुभाष शर्मा को थाने ले गई पुलिस
परिवार के लोगों का आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे छावनी और परशुरामपुर पुलिस की संयुक्त टीम घर पहुंची। सुभाष शर्मा को उसके घर से थाने लेकर चली गई। घटना के बाद से क्षेत्र में चर्चा है कि विधायक अपने खिलाफ होने वाली शिकायत से बचने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई करा रहे हैं। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
बहारी प्रदेश के हैं इनकी जांच होनी चाहिए: विधायक
हर्रैया विधायक अजय सिंह ने कहा कि टिकरिया में बाहरी लोगों के मतदान कराए जाने की जानकारी कार्यकर्ताओं ने दी थी। मौके पर पहुंचा और बाहरी वोटरों से आईडी, खतौनी, निवास प्रमाणपत्र आदि दिखाने को कहा। जो उनके पास नहीं थे। उन्होंने पूछताछ में बिहार के होने की भी बात कबूली। ये लोग दूसरे समुदाय के थे लेकिन जो पता इनके वोटर आईडी पर है, उस कवलपुर गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के एक भी लोग नहीं रहते हैं। मारपीट या गाली-गलौज करने की बात निराधार है। पूरी वीडियोग्राफी भी हुई है।
विधायक का आरोप है कि विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में हाईवे पर कुछ ढाबा संचालक के यहां बिहार और बंग्लादेश के लोग काम करते हैं। इनके पास न तो खतौनी है, न घर है न ही अन्य कोई भी प्रमाणपत्र। होटल और ढाबा संचालकों ने इनका निर्वाचन कार्ड जुगाड़ से बनवा दिया है। अकेले कवलपुर में करीब 227 फर्जी वोटर हैं जिनका मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया गया। इसके खिलाफ मैंने पहले भी आवाज उठाई है। इनकी जांच के लिए जिला प्रशासन से कहूंगा।