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Gorakhpur News: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 5.63 लाख रुपये ठगे, पुलिस ने 5.57 लाख लौटाए
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गोरखपुर। पेंशन बंद होने का डर और सीनियर सिटीजन कार्ड पर यात्रा में विशेष सुविधा का लालच देकर साइबर ठगों ने पीएनबी के सेवानिवृत्त अधिकारी मनीष चंद्र त्रिपाठी के छह खातों से 5.63 लाख रुपये उड़ा दिए। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने चिलुआताल थाने में शिकायत की। साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 5.57 हजार रुपये होल्ड करा लिए। न्यायालय के आदेश के बाद यह रकम तीन चरणों में उनके खाते में वापस करा दी गई।
कैंपियरगंज के रहने वाले मनीष चंद्र त्रिपाठी के मोबाइल पर चार दिसंबर 2025 को फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी का रिलेशनशिप अधिकारी बताया। उसने कहा कि सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने से यात्रा के दौरान विशेष सुविधाएं मिलेंगी। इसी दौरान पेंशन बंद होने की बात कहकर भी उन्हें झांसे में लिया गया। साइबर ठग के कहने पर उन्होंने बैंक खाता संख्या, आधार और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी साझा कर दी। कुछ ही समय बाद उनके छह खातों से कुल 5,63,001 रुपये निकाल लिए गए।
शिकायत के बाद चिलुआताल पुलिस की साइबर सेल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिये रकम को ट्रेस कर 5,57,001 रुपये होल्ड करा दिए। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर 14 जनवरी को 1.62 लाख रुपये, दो फरवरी को 1.85 लाख रुपये और पांच सितंबर को 2.09 लाख रुपये वापस कराए गए। इस तरह पीड़ित को 5.57 लाख रुपये मिल गए। छह हजार रुपये वापस नहीं हो सके।
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सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि होल्ड कराई गई रकम को कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पीड़ित के खाते में लौटा दिया गया।
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कैंपियरगंज के रहने वाले मनीष चंद्र त्रिपाठी के मोबाइल पर चार दिसंबर 2025 को फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी का रिलेशनशिप अधिकारी बताया। उसने कहा कि सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने से यात्रा के दौरान विशेष सुविधाएं मिलेंगी। इसी दौरान पेंशन बंद होने की बात कहकर भी उन्हें झांसे में लिया गया। साइबर ठग के कहने पर उन्होंने बैंक खाता संख्या, आधार और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी साझा कर दी। कुछ ही समय बाद उनके छह खातों से कुल 5,63,001 रुपये निकाल लिए गए।
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शिकायत के बाद चिलुआताल पुलिस की साइबर सेल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिये रकम को ट्रेस कर 5,57,001 रुपये होल्ड करा दिए। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर 14 जनवरी को 1.62 लाख रुपये, दो फरवरी को 1.85 लाख रुपये और पांच सितंबर को 2.09 लाख रुपये वापस कराए गए। इस तरह पीड़ित को 5.57 लाख रुपये मिल गए। छह हजार रुपये वापस नहीं हो सके।
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सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि होल्ड कराई गई रकम को कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद पीड़ित के खाते में लौटा दिया गया।