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छप्पर की आग में जिंदा जल गया मासूम
Wed, 26 Dec 2018 11:42 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 26 Dec 2018 11:42 PM IST
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बच्चे के जलने के बाद रोत घरवाले।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया। क्षेत्र के डिंगरापुर गांव में बुधवार की दोपहर अज्ञात कारणों से छप्पर के घर में लगी आग में छह वर्षीय मासूम जिंदा जल गया। आग इतनी बढ़ी गई कि गांव वाले बुझाने में नाकाम रहे।
डिंगरापुर गांव के रोशनलाल के छप्पर में अचानक दोपहर करीब डेढ़ बजे आग लग गई। हादसे के समय रोशन का छह वर्षीय बेटा सत्यम सो रहा था। अचानक उठी लपट को जब तक लोग समझ पाते पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था। इसमें रखे सारे गृहस्थी के सामान और बाइक भी जलकर राख हो गई। घटना के समय रोशनलाल के परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। आग देखकर मचे शोरगुल से जुटे ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद आग बुझाई। राख के ढेर से सत्यम का शव निकाला गया। घटना की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, तहसीलदार मो. जसीम, ग्राम प्रधान रामजतन की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मासूम की मौत से घर में कोहराम
बुधवार दोपहर छप्पर के साथ छह वर्षीय बेटे के जलने से रोशनलाल के घर में कोहराम मच गया। सत्यम के अलावा दो बेटियां सती (8) व शशि (3) हैं। इकलौता सत्यम पूरे परिवार की आंखों का तारा था। मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोपहर में बेटे सत्यम को सुलाकर संगीता घर से कहीं बाहर निकली थी। बेटियां स्कूल में थीं। पति रोशनलाल मजदूरी के लिए गए थे। बेटे की मौत से संगीता बेहोश होकर गिर पड़ीं। बहनों की चीख पुकार से हर कोई शून्य में था। रोशनलाल भी बदहवास हैं।
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डिंगरापुर गांव के रोशनलाल के छप्पर में अचानक दोपहर करीब डेढ़ बजे आग लग गई। हादसे के समय रोशन का छह वर्षीय बेटा सत्यम सो रहा था। अचानक उठी लपट को जब तक लोग समझ पाते पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था। इसमें रखे सारे गृहस्थी के सामान और बाइक भी जलकर राख हो गई। घटना के समय रोशनलाल के परिवार के लोग मौजूद नहीं थे। आग देखकर मचे शोरगुल से जुटे ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद आग बुझाई। राख के ढेर से सत्यम का शव निकाला गया। घटना की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार सिंह, तहसीलदार मो. जसीम, ग्राम प्रधान रामजतन की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मासूम की मौत से घर में कोहराम
बुधवार दोपहर छप्पर के साथ छह वर्षीय बेटे के जलने से रोशनलाल के घर में कोहराम मच गया। सत्यम के अलावा दो बेटियां सती (8) व शशि (3) हैं। इकलौता सत्यम पूरे परिवार की आंखों का तारा था। मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोपहर में बेटे सत्यम को सुलाकर संगीता घर से कहीं बाहर निकली थी। बेटियां स्कूल में थीं। पति रोशनलाल मजदूरी के लिए गए थे। बेटे की मौत से संगीता बेहोश होकर गिर पड़ीं। बहनों की चीख पुकार से हर कोई शून्य में था। रोशनलाल भी बदहवास हैं।
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