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एक राजस्व निरीक्षक व तीन लेखपाल को नोटिस
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:07 PM IST
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एक राजस्व निरीक्षक व तीन लेखपालों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सदर तहसील के एक राजस्व निरीक्षक और तीन लेखपालों के खिलाफ नियम विरुद्घ सरकारी आवास पर कब्जा जमाए रखने के आरोप में एसडीएम सदर ने मुकदमा दर्ज कराने का नोटिस दिया है। ये पिछले सात साल से नियम विरुद्घ नायब तहसीलदार के आवास पर कब्जा जमाए हुए हैं, जबकि ये लोग सरकार से किराया भत्ता तो वर्षों से ले रहे हैं।
शासन और प्रशासन अभी तक सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले भू-माफिया से ही जूझ रही है, मगर अब तो उसे अपने ही लोगों का सामना करना पड़ रहा है। सदर तहसील में नायब तहसीलदारों के जरिए सरकारी आवास बनाए गएं हैं, मगर इन आवासों में जबरिया लेखपाल और राजस्व निरीक्षक कब्जा कर रखे हैं। कब्जा होने से नायब तहसीलदार को किराए के आवास में रहना पड़ रहा है, हालांकि इससे पहले भी तहसील प्रशासन को कब्जे की शिकायत मिल चुकी है लेकिन सात साल बाद भी खाली नहीं कराया जा सका। तहसील प्रशासन अवैध कब्जे को नहीं हटा सका, इससे प्रशासन की किरकीरी हो रही है। अब एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती के नोटिस से लगने लगा है कि कब्जा हट जाएगा और सरकार को किराए के रूप में लाखों रुपये का राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा। एसडीएम ने अनियमित रूप से आवास पर कब्जा जमाए लेखपालों और राजस्व निरीक्षक को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि अगर आवास संख्या दो, चार, पांच और छह खाली नहीं करके उसकी नायब नाजिर को नहीं दी और पिछले सात साल का किराया राजकीय कोष में जमा नहीं कराया तो वैध अतिक्रमण मानकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिन लोगों को आवास खाली करने की नोटिस दी गई, उनमें राजस्व निरीक्षक गोपाल जी, लेखपाल अवध चंद्र शुक्ल, सुरेश पटवा एवं धर्मेंद्र कुमार का नाम शामिल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सदर तहसील के एक राजस्व निरीक्षक और तीन लेखपालों के खिलाफ नियम विरुद्घ सरकारी आवास पर कब्जा जमाए रखने के आरोप में एसडीएम सदर ने मुकदमा दर्ज कराने का नोटिस दिया है। ये पिछले सात साल से नियम विरुद्घ नायब तहसीलदार के आवास पर कब्जा जमाए हुए हैं, जबकि ये लोग सरकार से किराया भत्ता तो वर्षों से ले रहे हैं।
शासन और प्रशासन अभी तक सरकारी संपत्तियों पर कब्जा करने वाले भू-माफिया से ही जूझ रही है, मगर अब तो उसे अपने ही लोगों का सामना करना पड़ रहा है। सदर तहसील में नायब तहसीलदारों के जरिए सरकारी आवास बनाए गएं हैं, मगर इन आवासों में जबरिया लेखपाल और राजस्व निरीक्षक कब्जा कर रखे हैं। कब्जा होने से नायब तहसीलदार को किराए के आवास में रहना पड़ रहा है, हालांकि इससे पहले भी तहसील प्रशासन को कब्जे की शिकायत मिल चुकी है लेकिन सात साल बाद भी खाली नहीं कराया जा सका। तहसील प्रशासन अवैध कब्जे को नहीं हटा सका, इससे प्रशासन की किरकीरी हो रही है। अब एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती के नोटिस से लगने लगा है कि कब्जा हट जाएगा और सरकार को किराए के रूप में लाखों रुपये का राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा। एसडीएम ने अनियमित रूप से आवास पर कब्जा जमाए लेखपालों और राजस्व निरीक्षक को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि अगर आवास संख्या दो, चार, पांच और छह खाली नहीं करके उसकी नायब नाजिर को नहीं दी और पिछले सात साल का किराया राजकीय कोष में जमा नहीं कराया तो वैध अतिक्रमण मानकर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिन लोगों को आवास खाली करने की नोटिस दी गई, उनमें राजस्व निरीक्षक गोपाल जी, लेखपाल अवध चंद्र शुक्ल, सुरेश पटवा एवं धर्मेंद्र कुमार का नाम शामिल है।
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