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नगरपालिका में पांच करोड़ की मेजरमेंट बुक नहीं मिली

Wed, 15 Nov 2017 11:10 PM IST
basti
basti Updated Wed, 15 Nov 2017 11:10 PM IST
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5 crores value mesurement book not found
crime scene
बस्ती। 
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नगरपालिका में एक साल से गायब पांच करोड़ की परियोजना वाली फाइल तो रिटायर्ड पटल सहायक की आलमारी से बरामद हो गई मगर अभी महत्वपूर्ण एमबी (मेजरमेंट बुक) और रिकॉर्ड बुक का पता नहीं चला। यही वे अभिलेख हैं जिससे फर्जी भुगतान होने की जानकारी मिल सकती है। इस मामले में डीएम ने दोषियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने के आदेश ईओ को दिया है। इसके दायरे में तत्कालीन अवर अभियंता, एक रिटायर्ड पटल सहायक और अध्यक्ष के पेशकार आ रहे हैं।

वर्ष 2015-16 में केंद्र की यूआईडीएसएसएमटी (अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम स्माल टाउन) योजना में मालवीय रोड के सुधार के लिए पांच करोड़ की धनराशि नगरपालिका को दी गई। इस प्रोजेक्ट का इंचार्ज आरईडी के जेई और पालिका और डूडा में संबद्ध ब्रह्म प्रकाश मिश्र को बनाया गया। निर्माण के दौरान अनियमितता होने की शिकायत शासन में हुई। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने 10 नवंबर 16 को एसडीएम सदर राजनरायन तिवारी, एई पीडब्लूडी निर्माण खंड-एक विद्याशंकर सिंह एवं जेई पीडब्लूडी निर्माण खंड-एक के प्रमोद सिंह की टीम बनाई गई। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का आदेश हुआ। इस बीच पता चला प्रोजेक्ट से संबधित कार्यों का रिकॉर्ड बुक और एमबी जेई के पास है। मांगने के बावजूद यह जांच टीम को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। जब इसकी खबर अमर उजाला में प्रकाशित हुई तो फाइल, और एमबी और रिकॉर्ड बुक की तलाश होने लगी। इसे लेकर डीएम अरविंद कुमार सिंह भी नगरपालिका गए। काफी खोजबीन के जब अभिलेख नहीं मिला तो डीएम ने सख्ती दिखाना शुरू कर दिया। इसका नतीजा फाइल तो रिटायर्ड पटल सहायक की आलमारी से मिल गई, मगर एमबी और रिकॉर्ड बुक नहीं मिला। एमबी और रिकॉर्ड बुक के न मिलने से उन आरोपों की पुष्टि होती है, जिसमें 12 लाख के स्थान पर एक करोड़ 26 लाख रुपये का भुगतान है। डीएम ने बताया कि अगर एमबी या रिकॉर्ड बुक नहीं मिला तो बैंक से डिटेल निकाली जाएगी। बताया कि इस मामले में लिप्त किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा।
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