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दर्शन की मौत से अनाथ हो गई बहन विद्या
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दर्शन की मौत से अनाथ हो गई बहन विद्या
ट्रक हादसे में मारे गए भाई दर्शन ही थे मां-बाप
मझौआ दुबे गांव के तीन लोगों ने गंवाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। फोरलेन पर फर्राटा भरना खुद और दूसरों के लिए भी जानलेवा हो रहा है। सिर्फ मझौआ दुबे गांव से इस हफ्ते तीन लोगों ने हादसों में जान गंवाई है। सबसे दुखद पहलू विद्या का है, जिसका एकमात्र सहारा भाई दर्शन ही था।
फोरलेन पर मझौआ दुबे गांव के पास शनिवार रात दुर्घटना में मारे गए तीन लोगों में दो मझौवा दुबे गांव के ही हैं। जबकि 11 मई को इसी गांव के प्रेम नारायण दुबे की मौत सड़क हादसे में हुई है। शनिवार ट्रक पर गेहूं का बोरा चढ़ाते समय तेज रफ्तार कार से कुचलने के कारण मौत के शिकार हुए दर्शन के परिवार में दो भाई बहन हैं। भाई की मौत के बाद परिवार की जीवन भर की सारी दौलत लुट गई। दर्शन की मौत के बाद बहन विद्या बेसुध है। मां शिवा देवी की 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में पिता और भाई दर्शन ही सबकुछ थे। कुछ साल पहले ही पिता का भी साया सिर से छिन गया तो विद्या की परवरिश व पढ़ाई आदि की जिम्मेदारी भाई दर्शन ही उठाता था। खेती-बाड़ी ज्यादा नहीं होने से मजदूरी ही एक उसका पेशा था। शनिवार रात घर से ट्रक पर बोरे चढ़ाने निकले दर्शन की मौत की सूचना पर विद्या बदहवास हो गई। भाई की मौत के बाद अनाथ हुई विद्या कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। उसकी नजरें अपने भाई के चेहरे को ढूंढ रही थीं जो रोज की तरह घर में दो जून की रोटी का प्रबंध करने निकलता था। शाम होते घर पर आकर बहन के सुख-दुख का ख्याल रखता था।
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ट्रक हादसे में मारे गए भाई दर्शन ही थे मां-बाप
मझौआ दुबे गांव के तीन लोगों ने गंवाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। फोरलेन पर फर्राटा भरना खुद और दूसरों के लिए भी जानलेवा हो रहा है। सिर्फ मझौआ दुबे गांव से इस हफ्ते तीन लोगों ने हादसों में जान गंवाई है। सबसे दुखद पहलू विद्या का है, जिसका एकमात्र सहारा भाई दर्शन ही था।
फोरलेन पर मझौआ दुबे गांव के पास शनिवार रात दुर्घटना में मारे गए तीन लोगों में दो मझौवा दुबे गांव के ही हैं। जबकि 11 मई को इसी गांव के प्रेम नारायण दुबे की मौत सड़क हादसे में हुई है। शनिवार ट्रक पर गेहूं का बोरा चढ़ाते समय तेज रफ्तार कार से कुचलने के कारण मौत के शिकार हुए दर्शन के परिवार में दो भाई बहन हैं। भाई की मौत के बाद परिवार की जीवन भर की सारी दौलत लुट गई। दर्शन की मौत के बाद बहन विद्या बेसुध है। मां शिवा देवी की 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में पिता और भाई दर्शन ही सबकुछ थे। कुछ साल पहले ही पिता का भी साया सिर से छिन गया तो विद्या की परवरिश व पढ़ाई आदि की जिम्मेदारी भाई दर्शन ही उठाता था। खेती-बाड़ी ज्यादा नहीं होने से मजदूरी ही एक उसका पेशा था। शनिवार रात घर से ट्रक पर बोरे चढ़ाने निकले दर्शन की मौत की सूचना पर विद्या बदहवास हो गई। भाई की मौत के बाद अनाथ हुई विद्या कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। उसकी नजरें अपने भाई के चेहरे को ढूंढ रही थीं जो रोज की तरह घर में दो जून की रोटी का प्रबंध करने निकलता था। शाम होते घर पर आकर बहन के सुख-दुख का ख्याल रखता था।
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