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अवैध खनन-भंडारण पर 52 लाख जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:43 PM IST
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खनन
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। जिले में अवैध खनन और अनधिकृत भंडारण का तिकड़म फेल होता दिख रहा है। शासन प्रशासन को झांसा देने की लाइसेंसियों की चालाकी उजागर हो गई। जिसके फलस्वरूप डीएम डा. राजशेखर ने तीनों लाइसेंसियों पर 51 लाख 96 हजार रुपये से ज्यादा जुर्माना लगाया है।
डीएम का कहना है कि जिले में अवैध खनन को लेकर जीरो टालरेंस पॉलिसी लागू है। इसमें किसी को भी गैर कानूनी ढंग से मनमानी करने की कतई इजाजत नहीं है। पिछले महीने बालू भंडारण के लाइसेंस की आड़ में मनमाने ढंग से खनन कराने की शिकायत मिली। साथ ही गैर जिले के खनन पट्टे से निकाली गई रेत यहां भंडारित करने की शिकायत भी की गई। जिसकी जांच करने डीएम खुद पहुंचे। बाद में एसडीएम, पुलिस और खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर औचक निरीक्षण का आदेश दिया। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सहित विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट के बाद डीएम ने आरटीओ को बालू ढोने में इस्तेमाल वाहनों का डिटेल विवरण/क्रॉस चेकिंग का निर्देश दिया। आरटीओ के निरीक्षण दल और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही उन लाइसेंसधारियों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने की संस्तुति की है, जिन्होंने लाइसेंस हासिल करने की शर्तों का उल्लंघन और अनियमितताएं की हैं। तीनों पर कुल 51 लाख 96 हजार 970 रुपये जुर्माना लगाया गया है। डीएम का कहना है कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है और संतोषजनक जवाब उचित और स्वीकार्य साक्ष्य के साथ निर्दिष्ट समय के भीतर नहीं दिया गया तो लाइसेंस रद्द करते हुए जुर्माने की रकम की रिकवरी राजस्व बकाए की तरह की जाएगी।
लाइसेंसियों लगा जुर्माना
सदर तहसील में महरीपुर में भंडारण लाइसेंसी सिम्पी सिंह पर 35 लाख 67 हजार 370 रुपये, देवडाड़ कलवारी के लाइसेंसी जगत सिंह पर आठ लाख 15 हजार 580 रुपये तथा प्यारेपुर कलवारी में भंडारण लाइसेंसी रमेश चौधरी पर आठ लाख 14 हजार 20 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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डीएम का कहना है कि जिले में अवैध खनन को लेकर जीरो टालरेंस पॉलिसी लागू है। इसमें किसी को भी गैर कानूनी ढंग से मनमानी करने की कतई इजाजत नहीं है। पिछले महीने बालू भंडारण के लाइसेंस की आड़ में मनमाने ढंग से खनन कराने की शिकायत मिली। साथ ही गैर जिले के खनन पट्टे से निकाली गई रेत यहां भंडारित करने की शिकायत भी की गई। जिसकी जांच करने डीएम खुद पहुंचे। बाद में एसडीएम, पुलिस और खनन अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर औचक निरीक्षण का आदेश दिया। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी सहित विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट के बाद डीएम ने आरटीओ को बालू ढोने में इस्तेमाल वाहनों का डिटेल विवरण/क्रॉस चेकिंग का निर्देश दिया। आरटीओ के निरीक्षण दल और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही उन लाइसेंसधारियों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने की संस्तुति की है, जिन्होंने लाइसेंस हासिल करने की शर्तों का उल्लंघन और अनियमितताएं की हैं। तीनों पर कुल 51 लाख 96 हजार 970 रुपये जुर्माना लगाया गया है। डीएम का कहना है कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है और संतोषजनक जवाब उचित और स्वीकार्य साक्ष्य के साथ निर्दिष्ट समय के भीतर नहीं दिया गया तो लाइसेंस रद्द करते हुए जुर्माने की रकम की रिकवरी राजस्व बकाए की तरह की जाएगी।
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लाइसेंसियों लगा जुर्माना
सदर तहसील में महरीपुर में भंडारण लाइसेंसी सिम्पी सिंह पर 35 लाख 67 हजार 370 रुपये, देवडाड़ कलवारी के लाइसेंसी जगत सिंह पर आठ लाख 15 हजार 580 रुपये तथा प्यारेपुर कलवारी में भंडारण लाइसेंसी रमेश चौधरी पर आठ लाख 14 हजार 20 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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