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फालोअप... कंचन हत्याकांड में पांच अभियुक्त गिरफ्तार
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:15 PM IST
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कंचन हत्याकांड में पांच गिरफ्तार
गायघाट।
कलवारी थाना क्षेत्र के बरईजोत गांव के कंचन हत्याकांड में पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे पॉवर हाउस के पास कुसौरी मोड़ से नीरज, नेहा, नीलम, जामवंती और प्रमोद ओझा को पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि लंबे समय से दोनों पक्षों में बंटवारे का विवाद चल रहा था।
बृहस्पतिवार को एकाएक दबंगों ने धावा बोलकर कंचन को पीटकर मार डाला था। कंचन की मां इंद्रमुुखी की तहरीर पर जेठानी जामवंती, भतीजे नीरज, पंकज, भतीजी शोभा, शीला, नीलम, नेहा और राम शंकर वर्मा, जनार्दन चौधरी के अलावा कोरमा निवासी प्रमोद ओझा पर बलवा, हत्या, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, साजिश सहित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
एसओ अवधेश राज सिंह ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व भी मारपीट के मामले में पंकज पर मुकदमा दर्ज है। डेढ़ माह पहले भी मारपीट के मामले का एनसीआर दर्ज है। विवादित जमीन को जबरन बांटने और मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार उत्पीड़न होता रहा। महीने में दस दिन थाने का चक्कर लगाने में बीतता था। घटना के समय कंचन के तेरह साल के भाई अरुण को आरोपियों ने जमकर मारापीटा था। इससे उसके पैर में चोट आई थी। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद घर भेज दिया था। दोनों पक्षों के एक-एक लोगों को थाने पर बैठा लिया गया था। उसी दौरान दबंग एकजुट होकर कंचन पर टूट पड़े।
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कंचन की मां का कहना है कि उसके पति शिवपूजन उर्फ पुजारी लकवा के शिकार हैं। शारीरिक और दिमागी रूप से कमजोर पुजारी के घर की आर्थिक स्थिति भी ख़राब है। जबकि दूसरा पक्ष पैसे वाला मनबढ़ किस्म का है। इसीलिए उनका उत्पीड़न हो रहा है।
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गायघाट।
कलवारी थाना क्षेत्र के बरईजोत गांव के कंचन हत्याकांड में पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे पॉवर हाउस के पास कुसौरी मोड़ से नीरज, नेहा, नीलम, जामवंती और प्रमोद ओझा को पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि लंबे समय से दोनों पक्षों में बंटवारे का विवाद चल रहा था।
बृहस्पतिवार को एकाएक दबंगों ने धावा बोलकर कंचन को पीटकर मार डाला था। कंचन की मां इंद्रमुुखी की तहरीर पर जेठानी जामवंती, भतीजे नीरज, पंकज, भतीजी शोभा, शीला, नीलम, नेहा और राम शंकर वर्मा, जनार्दन चौधरी के अलावा कोरमा निवासी प्रमोद ओझा पर बलवा, हत्या, साक्ष्य छिपाने का प्रयास, साजिश सहित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
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एसओ अवधेश राज सिंह ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व भी मारपीट के मामले में पंकज पर मुकदमा दर्ज है। डेढ़ माह पहले भी मारपीट के मामले का एनसीआर दर्ज है। विवादित जमीन को जबरन बांटने और मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार उत्पीड़न होता रहा। महीने में दस दिन थाने का चक्कर लगाने में बीतता था। घटना के समय कंचन के तेरह साल के भाई अरुण को आरोपियों ने जमकर मारापीटा था। इससे उसके पैर में चोट आई थी। पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद घर भेज दिया था। दोनों पक्षों के एक-एक लोगों को थाने पर बैठा लिया गया था। उसी दौरान दबंग एकजुट होकर कंचन पर टूट पड़े।
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कंचन की मां का कहना है कि उसके पति शिवपूजन उर्फ पुजारी लकवा के शिकार हैं। शारीरिक और दिमागी रूप से कमजोर पुजारी के घर की आर्थिक स्थिति भी ख़राब है। जबकि दूसरा पक्ष पैसे वाला मनबढ़ किस्म का है। इसीलिए उनका उत्पीड़न हो रहा है।