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फोरलेन पर कार से कुचले तीन मजदूरों की मौत
Mon, 20 May 2019 12:04 AM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 20 May 2019 12:04 AM IST
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दर्शन की मौत के बाद बिलखती बहन विद्या।
- फोटो : amar ujala
विक्रमजोत (बस्ती)। छावनी थाना क्षेत्र में फोरलेन स्थित मझौआ दुबे गांव के सामने लग्जरी कार से कुचलकर तीन मजदूरों की मौत हो गई। एक गंभीर रूप से घायल हुआ है। दुर्घटना ट्रक से गेहूं के बोरे गिरने के बाद दोबारा चढ़ाने के दौरान हुई।
बस्ती से गेहूं लादकर ट्रक चालक राजस्थान के लिए निकला था। शनिवार रात 11 बजे ट्रक पर लदे कुछ बोरे रस्सी ढीली पड़ जाने से मझौवा दुबे के पास हाईवे पर गिर गए। चालक और खलासी ने मझौवा दुबे गांव में जाकर बोरे लादने के लिए पांच मजदूरों का प्रबंध किया। गांव के अभय चरन उर्फ दर्शन दुबे (22) पुत्र उमाशंकर, रामलौटन (36) पुत्र राम भरोसे, सुभाष (20) पुत्र रामनाथ, रवि (20) और अवधेश (21) पुत्र राम बहाल ट्रक पर गेहूं बोरों को चढ़ाने के लिए पहुंचे। रवि और अवधेश ट्रक पर चढ़ गए जबकि सड़क पर नीचे दर्शन, लौटन और सुभाष बोरों को ऊपर पहुंचाने में मदद करने लगे। तभी बस्ती से फैजाबाद की ओर जा रही तेज रफ्तार कर हाईवे के संकेतक को तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गई और मजदूरों को कुचलते हुए ट्रक में जा घुसी। इसके चलते मजदूर दर्शन दुबे की मौके पर ही मौत हो गई। इससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी जुट गए। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से एनएचएआई के पेट्रोलिंग कर्मियों ने प्राइवेट वाहन से जिला चिकित्सालय अयोध्या पहुंचाया। थोड़ी देर बाद पहुंची एनएचएआई एंबुलेंस से खलासी को भी बेहोशी की हालत में जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान रामलौटन और खलासी की मौत हो गई। खलासी की पहचान नेतराम गुर्जर निवासी मनभर, थाना विराटनगर, जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। ट्रक चालक धरमवीर गुर्जर निवासी पुराना थानागाजी जिला अलवर राजस्थान है जो दुर्घटना के बाद ट्रक छोड़कर कहीं भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस कार को अपने कब्जे में लेकर थाने पर ले गई। पुलिस का कहना है कि कार चालक मौके से फरार हो गया जबकि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार सवार पुलिस के साथ ही गए थे। इस संबंध में थानाध्यक्ष यशवंत सिंह का कहना है कि ट्रक के खलासी सहित तीन लोगों की मौत हुई है। शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस टीम ने अयोध्या जिला चिकित्सालय रवाना कर दिया। मृतकों के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। कार कब्जे में है जबकि दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया है।
दर्शन की मौत से अनाथ हो गई बहन विद्या
विक्रमजोत। फोरलेन पर फर्राटा भरना खुद और दूसरों के लिए भी जानलेवा हो रहा है। सिर्फ मझौआ दुबे गांव से इस हफ्ते तीन लोगों ने हादसों में जान गंवाई है। सबसे दुखद पहलू विद्या का है, जिसका एकमात्र सहारा भाई दर्शन ही था।
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फोरलेन पर मझौआ दुबे गांव के पास शनिवार रात दुर्घटना में मारे गए तीन लोगों में दो मझौवा दुबे गांव के ही हैं। जबकि 11 मई को इसी गांव के प्रेम नारायण दुबे की मौत सड़क हादसे में हुई है। शनिवार ट्रक पर गेहूं का बोरा चढ़ाते समय तेज रफ्तार कार से कुचलने के कारण मौत के शिकार हुए दर्शन के परिवार में दो भाई बहन हैं। भाई की मौत के बाद परिवार की जीवन भर की सारी दौलत लुट गई। दर्शन की मौत के बाद बहन विद्या बेसुध है। मां शिवा देवी की 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में पिता और भाई दर्शन ही सबकुछ थे। कुछ साल पहले ही पिता का भी साया सिर से छिन गया तो विद्या की परवरिश व पढ़ाई आदि की जिम्मेदारी भाई दर्शन ही उठाता था। खेती-बाड़ी ज्यादा नहीं होने से मजदूरी ही एक उसका पेशा था। शनिवार रात घर से ट्रक पर बोरे चढ़ाने निकले दर्शन की मौत की सूचना पर विद्या बदहवास हो गई। भाई की मौत के बाद अनाथ हुई विद्या कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। उसकी नजरें अपने भाई के चेहरे को ढूंढ रही थीं जो रोज की तरह घर में दो जून की रोटी का प्रबंध करने निकलता था। शाम होते घर पर आकर बहन के सुख-दुख का ख्याल रखता था।
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बस्ती से गेहूं लादकर ट्रक चालक राजस्थान के लिए निकला था। शनिवार रात 11 बजे ट्रक पर लदे कुछ बोरे रस्सी ढीली पड़ जाने से मझौवा दुबे के पास हाईवे पर गिर गए। चालक और खलासी ने मझौवा दुबे गांव में जाकर बोरे लादने के लिए पांच मजदूरों का प्रबंध किया। गांव के अभय चरन उर्फ दर्शन दुबे (22) पुत्र उमाशंकर, रामलौटन (36) पुत्र राम भरोसे, सुभाष (20) पुत्र रामनाथ, रवि (20) और अवधेश (21) पुत्र राम बहाल ट्रक पर गेहूं बोरों को चढ़ाने के लिए पहुंचे। रवि और अवधेश ट्रक पर चढ़ गए जबकि सड़क पर नीचे दर्शन, लौटन और सुभाष बोरों को ऊपर पहुंचाने में मदद करने लगे। तभी बस्ती से फैजाबाद की ओर जा रही तेज रफ्तार कर हाईवे के संकेतक को तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गई और मजदूरों को कुचलते हुए ट्रक में जा घुसी। इसके चलते मजदूर दर्शन दुबे की मौके पर ही मौत हो गई। इससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी जुट गए। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से एनएचएआई के पेट्रोलिंग कर्मियों ने प्राइवेट वाहन से जिला चिकित्सालय अयोध्या पहुंचाया। थोड़ी देर बाद पहुंची एनएचएआई एंबुलेंस से खलासी को भी बेहोशी की हालत में जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान रामलौटन और खलासी की मौत हो गई। खलासी की पहचान नेतराम गुर्जर निवासी मनभर, थाना विराटनगर, जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। ट्रक चालक धरमवीर गुर्जर निवासी पुराना थानागाजी जिला अलवर राजस्थान है जो दुर्घटना के बाद ट्रक छोड़कर कहीं भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस कार को अपने कब्जे में लेकर थाने पर ले गई। पुलिस का कहना है कि कार चालक मौके से फरार हो गया जबकि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार सवार पुलिस के साथ ही गए थे। इस संबंध में थानाध्यक्ष यशवंत सिंह का कहना है कि ट्रक के खलासी सहित तीन लोगों की मौत हुई है। शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस टीम ने अयोध्या जिला चिकित्सालय रवाना कर दिया। मृतकों के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। कार कब्जे में है जबकि दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया है।
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दर्शन की मौत से अनाथ हो गई बहन विद्या
विक्रमजोत। फोरलेन पर फर्राटा भरना खुद और दूसरों के लिए भी जानलेवा हो रहा है। सिर्फ मझौआ दुबे गांव से इस हफ्ते तीन लोगों ने हादसों में जान गंवाई है। सबसे दुखद पहलू विद्या का है, जिसका एकमात्र सहारा भाई दर्शन ही था।
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फोरलेन पर मझौआ दुबे गांव के पास शनिवार रात दुर्घटना में मारे गए तीन लोगों में दो मझौवा दुबे गांव के ही हैं। जबकि 11 मई को इसी गांव के प्रेम नारायण दुबे की मौत सड़क हादसे में हुई है। शनिवार ट्रक पर गेहूं का बोरा चढ़ाते समय तेज रफ्तार कार से कुचलने के कारण मौत के शिकार हुए दर्शन के परिवार में दो भाई बहन हैं। भाई की मौत के बाद परिवार की जीवन भर की सारी दौलत लुट गई। दर्शन की मौत के बाद बहन विद्या बेसुध है। मां शिवा देवी की 15 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। परिवार में पिता और भाई दर्शन ही सबकुछ थे। कुछ साल पहले ही पिता का भी साया सिर से छिन गया तो विद्या की परवरिश व पढ़ाई आदि की जिम्मेदारी भाई दर्शन ही उठाता था। खेती-बाड़ी ज्यादा नहीं होने से मजदूरी ही एक उसका पेशा था। शनिवार रात घर से ट्रक पर बोरे चढ़ाने निकले दर्शन की मौत की सूचना पर विद्या बदहवास हो गई। भाई की मौत के बाद अनाथ हुई विद्या कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। उसकी नजरें अपने भाई के चेहरे को ढूंढ रही थीं जो रोज की तरह घर में दो जून की रोटी का प्रबंध करने निकलता था। शाम होते घर पर आकर बहन के सुख-दुख का ख्याल रखता था।