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चार कोठियों क मालिक को दे दिया पीएम आवास
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:36 PM IST
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चार कोठियों के मालिक को पीएम आवास
बस्ती। झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं जहां आवास के लिए सालों से भटक रही हैं, वहीं ऐसे लोगों को भी आवास दे दिया गया। इसके पास पहले से ही एक नहीं चार कोठियां हैं। संपन्न दंपति को आवास देने के मामले में सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लग रहे हैं। यह सच उस प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का है जिसके बारे में फुलप्रूफ होने का दावा किया जा रहा है। मामला दुबौलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत खुशहालगंज से जुड़ा हुआ है।
ग्राम खुशहालगंज के राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सीएम, डीएम, सीडीओ और बीडीओ दुबौलिया को शपथ-पत्र के साथ उन अपात्रों की सूची दी हैं, जिन्हें सुविधा शुल्क लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास आवंटित कर दिया। 17 अपात्रों की सूची में उन लोगों का नाम भी शामिल है, जो आर्थिक रूप से संपन्न तो हैं ही साथ में वह चार कोठियों के मालिक भी है। दो मंजिला वालों को भी आवास दिया गया। चार ऐसे अपात्र है जिन्हें दो-दो आवास दिया गया, इनमें एक पति-पत्नी भी शामिल हैं। सरकारी नौकरी करने वालों को भी योजना का लाभ दे दिया गया। सीएम कार्यालय से इसकी जांच डीएम से कराने का आदेश आया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस योजना में ब्लॉक में लूट मची हुई है। इस लूट में ग्राम पंचायत से लेकर बीडीओ कार्यालय तक के लोग शामिल रहते हैं। बताया कि अगर इसकी सही तरीके से जांच हो जाए तो कई लोग जेल तक जा सकते हैं।
सात साल से आवास को भटक रही महिला
बस्ती। पांच बच्चों के साथ पांच साल झोपड़ी में रहने वाली महिला 12वीं बार सीडीओ के पास एक अदद आवास के लिए आई थी। महिला का कहना है कि वह पिछले सात साल से आवास के लिए प्रधान, बीडीओ, पीडी और सीडीओ से मिल चुकी है। पूर्व राज्यमंत्री की सिफारिश पर लोहिया आवास भी आवंटित हो गया मगर सुविधा शुल्क के अभाव में उसे आज तक आवास नहीं मिला, जबकि उसी गांव में एक-एक व्यक्ति को दो-दो आवास दे दिए गए।
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बहादुरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अधिकारी के ग्राम बैजीपुर की प्रेमशीला हर स्तर से पात्रता की श्रेणी में आती है, मगर सुविधा शुल्क न देने के कारण आज तक उसे आवास नहीं मिला। बीपीएल सूची में भी नाम है, पात्रता गृहस्थी राशन कार्ड भी उसके पास है, मगर सिर छिपाने के लिए एक अदद आवास नहीं हैं। आवास के लिए सीडीओ कार्यालय आई महिला ने रोकर बताया कि अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है, कि वह आवास के लिए किसके पास जाए। श्रम विभाग में महिला मजदूरी के रूप में महिला का पंजीकरण भी है, और वह अपने पति ओमप्रकाश के साथ मजदूरी करके पांच बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। कहती है कि सरकार आवासहीन गरीबों के लिए आवास देने की कई योजनाएं चला रही है। कहती है कि गरीबों के नाम अमीरों को आवास दिया जा रहा है। मगर आवासहीन आवास के लिए भटक रहे हैं।
उम्र छिपाकर ले रही वृद्धा पेंशन
रुधौली।
उम्र छिपाकर वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले निलंबित कोटेदार की शिकायत डीएम कार्यालय तक पहुंच गई है। शिकायत में बताया गया है कि 58 वर्ष की उम्र को 82 वर्ष दिखाकर पेंशन ली जा रही है।
डीएम को दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि नटाई कला (पुरैना) के निलंबित कोटेदार अपात्र हैं। गांव के इफ्तिखार अहमद ने शिकायत की है कि बनारसी निलंबित कोटेदार हैं। उनकी उम्र परिवार रजिस्टर के अनुसार (1958) साठ वर्ष से कम है। वृद्धावस्था पेंशन की वर्तमान सूची में क्रम सं0-2रजि0सं0-31531011431उम्र 82वर्ष तथा श्रेणी ओबीसी दर्ज है। जिन्हें 1500 रुपये पूर्वांचल बैंक खाता सं00803 से धोखाधड़ी से प्राप्त किया है। पूर्ति विभाग के रहमोकरम पर कोटा बहाल कराने के लिए कोशिश चल रही है। प्राथमिकी दर्ज कर धनराशि की रिकवरी कराने की मांग की गई है।
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बस्ती। झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं जहां आवास के लिए सालों से भटक रही हैं, वहीं ऐसे लोगों को भी आवास दे दिया गया। इसके पास पहले से ही एक नहीं चार कोठियां हैं। संपन्न दंपति को आवास देने के मामले में सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लग रहे हैं। यह सच उस प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना का है जिसके बारे में फुलप्रूफ होने का दावा किया जा रहा है। मामला दुबौलिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत खुशहालगंज से जुड़ा हुआ है।
ग्राम खुशहालगंज के राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सीएम, डीएम, सीडीओ और बीडीओ दुबौलिया को शपथ-पत्र के साथ उन अपात्रों की सूची दी हैं, जिन्हें सुविधा शुल्क लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास आवंटित कर दिया। 17 अपात्रों की सूची में उन लोगों का नाम भी शामिल है, जो आर्थिक रूप से संपन्न तो हैं ही साथ में वह चार कोठियों के मालिक भी है। दो मंजिला वालों को भी आवास दिया गया। चार ऐसे अपात्र है जिन्हें दो-दो आवास दिया गया, इनमें एक पति-पत्नी भी शामिल हैं। सरकारी नौकरी करने वालों को भी योजना का लाभ दे दिया गया। सीएम कार्यालय से इसकी जांच डीएम से कराने का आदेश आया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस योजना में ब्लॉक में लूट मची हुई है। इस लूट में ग्राम पंचायत से लेकर बीडीओ कार्यालय तक के लोग शामिल रहते हैं। बताया कि अगर इसकी सही तरीके से जांच हो जाए तो कई लोग जेल तक जा सकते हैं।
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सात साल से आवास को भटक रही महिला
बस्ती। पांच बच्चों के साथ पांच साल झोपड़ी में रहने वाली महिला 12वीं बार सीडीओ के पास एक अदद आवास के लिए आई थी। महिला का कहना है कि वह पिछले सात साल से आवास के लिए प्रधान, बीडीओ, पीडी और सीडीओ से मिल चुकी है। पूर्व राज्यमंत्री की सिफारिश पर लोहिया आवास भी आवंटित हो गया मगर सुविधा शुल्क के अभाव में उसे आज तक आवास नहीं मिला, जबकि उसी गांव में एक-एक व्यक्ति को दो-दो आवास दे दिए गए।
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बहादुरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अधिकारी के ग्राम बैजीपुर की प्रेमशीला हर स्तर से पात्रता की श्रेणी में आती है, मगर सुविधा शुल्क न देने के कारण आज तक उसे आवास नहीं मिला। बीपीएल सूची में भी नाम है, पात्रता गृहस्थी राशन कार्ड भी उसके पास है, मगर सिर छिपाने के लिए एक अदद आवास नहीं हैं। आवास के लिए सीडीओ कार्यालय आई महिला ने रोकर बताया कि अब उसकी समझ में नहीं आ रहा है, कि वह आवास के लिए किसके पास जाए। श्रम विभाग में महिला मजदूरी के रूप में महिला का पंजीकरण भी है, और वह अपने पति ओमप्रकाश के साथ मजदूरी करके पांच बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। कहती है कि सरकार आवासहीन गरीबों के लिए आवास देने की कई योजनाएं चला रही है। कहती है कि गरीबों के नाम अमीरों को आवास दिया जा रहा है। मगर आवासहीन आवास के लिए भटक रहे हैं।
उम्र छिपाकर ले रही वृद्धा पेंशन
रुधौली।
उम्र छिपाकर वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले निलंबित कोटेदार की शिकायत डीएम कार्यालय तक पहुंच गई है। शिकायत में बताया गया है कि 58 वर्ष की उम्र को 82 वर्ष दिखाकर पेंशन ली जा रही है।
डीएम को दिए गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि नटाई कला (पुरैना) के निलंबित कोटेदार अपात्र हैं। गांव के इफ्तिखार अहमद ने शिकायत की है कि बनारसी निलंबित कोटेदार हैं। उनकी उम्र परिवार रजिस्टर के अनुसार (1958) साठ वर्ष से कम है। वृद्धावस्था पेंशन की वर्तमान सूची में क्रम सं0-2रजि0सं0-31531011431उम्र 82वर्ष तथा श्रेणी ओबीसी दर्ज है। जिन्हें 1500 रुपये पूर्वांचल बैंक खाता सं00803 से धोखाधड़ी से प्राप्त किया है। पूर्ति विभाग के रहमोकरम पर कोटा बहाल कराने के लिए कोशिश चल रही है। प्राथमिकी दर्ज कर धनराशि की रिकवरी कराने की मांग की गई है।