{"_id":"5bf19bd8bdec22697c0a9aea","slug":"191542560728-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन घोटाले की डीएम ने शुरू कराई जांच, टीम गठित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जमीन घोटाले की डीएम ने शुरू कराई जांच, टीम गठित
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Sun, 18 Nov 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
जमीन घोटाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। शहर की बेशकीमती सरकारी जमीन को अपने सहित दूसरों के नाम दर्ज करने के मामले की डीएम डॉ. राजशेखर ने जांच शुरू करवा दी है। मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी। टीम में एएसडीएम अयोध्या प्रसाद के अलावा बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी अनिल कुमार व तहसीलदार सदर पवन कुमार जायसवाल हैं। टीम को अपने जांच की आख्या तीस नवंबर तक देनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला में 18 नवंबर को पेज पांच पर प्रकाशित लेखपाल ने अपने व दूसरों के नाम कर दी सरकारी जमीन खबर को डीएम ने गंभीरता से लिया है। इस मामले की जानकारी होने के बाद डीएम ने विधिवत लिखित पत्र जारी कर इस मामले के शिकायतकर्ता शीतला प्रसाद शुक्ल की शिकायत की जांच के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर में काजी हाउस व कलेक्ट्रेट की जमीन को तत्कालीन लेखपाल ने अपने सहित कई लोगों के नाम दर्ज कर दिया। मामला तब खुला जब इसकी शिकायत शीतला प्रसाद शुक्ल ने राजस्व परिषद में की। राजस्व परिषद ने जिले को इसकी जांच के निर्देश दिए, मगर यह जांच ठंडे बस्ते में है। इधर 17 नवंबर को शिकायतकर्ता अमर उजाला कार्यालय पहुंचे और उन्होंने सारे अभिलेख उपलब्ध कराए। डीएम डॉ. राजशेखर ने कहा कि जांच की जिम्मेदारी एएसडीएम, बंदोबस्त अधिकारी व तहसीलदार सदर को दी गई है। वे तीस नवंबर को सत्यापन के बाद अपनी आख्या देंगे। आख्या के आधार पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन