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नया सर्किट हाउस अधूरा, कार्यदायी संस्था ब्लैक लिस्टेड

Tue, 19 Feb 2019 12:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Feb 2019 12:19 AM IST
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नया सर्किट हाउस अधूरा, कार्यदायी संस्था ब्लैक लिस्टेड
नया सर्किट हाउस अधूरा, कार्यदायी संस्था ब्लैक लिस्टेड
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सात साल में भी नहीं बन सका है नया सर्किट हाउस
आरएनएन के परियोजना प्रबंधक को शोकॉज नोटिस
रिपोर्ट देने के लिए अफसरों की समिति भी बनाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। निर्माणाधीन सर्किट हाउस का सोमवार को डीएम डॉ. राजशेखर ने औचक निरीक्षण किया। गुणवत्ता में कमी, समय पर पूरा नहीं करने, निर्देश पर ध्यान नहीं देने से खफा हो गए। कार्यदायी संस्था को काली सूची में डालते हुए राजकीय निर्माण निगम(आरएनएन) के परियोजना प्रबंधक को तीन दिन में जवाब देने के लिए नोटिस दिया है।

11 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को शासन ने वर्ष 2012 में स्वीकृति दी गई थी। राजकीय निर्माण निगम (आरएनएन) को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई थी। सात साल बाद भी महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने में सक्षम नहीं हुआ। अब तक लगभग 80 फीसद कार्य ही हो सका है। इससे करीब पांच माह पहले डीएम ने भौतिक निरीक्षण किया था। तब भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। उस समय प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएम को नवंबर 2018 तक हस्तांतरित करने का आश्वासन दिया था। इसके तीन माह बाद भी दरवाजे, खिड़कियां, फर्नीचर, बाथरूम फिटिंग आदि फिनिशिंग कार्य अधूरे हैं। सोमवार को निरीक्षण के दौरान टाइल्स की फिटिंग, पीओपी सेटिंग, विंडोज फिक्स्चर आदि कार्य की गुणवत्ता और कारीगरी में कमी मिली। शिथिलता देखकर भड़के डीएम ने आरएनएन के परियोजना प्रबंधक को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब देने को कहा है। साथ ही अगले 10 दिनों में (28 फरवरी 2019 से पहले) सभी लंबित कार्यों को पूरा करने को निर्देशित किया है। डीएम ने गुणवत्ता खराब पाए जाने पर मेसर्स उषा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड फैजाबाद (अब अयोध्या) को ब्लैक लिस्ट करने को नोटिस जारी किया है। 28 फरवरी तक सभी लंबित पूरा न कराने और रिपेयर न करने की दशा में रिकवरी के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिशासी अभियंता/पीडी पीडब्ल्यूडी, एसडीएम सदर और परियोजना प्रबंधक राजकीय निर्माण निगम की एक समिति का गठन किया है। जो 28 फरवरी 2019 तक लंबित कार्य की प्रगति के बारे में डीएम को रिपोर्ट देगी। इस दौरान अधिशासी अभियंता/परियोजना निदेशक, एसडीएम सदर, जेई राजकीय निर्माण निगम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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